फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   Have you seen ghosts? It cannot be both matter and non-matter

Ghost: क्या आपने भूतों को देखा है? यह पदार्थ और अपदार्थ दोनों नहीं हो सकता

Sun, 21 Jul 2024 05:31 AM IST
विशांत श्रीवास्तव बैरी मार्कोवस्की
बैरी मार्कोवस्की Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Sun, 21 Jul 2024 05:31 AM IST
विज्ञापन
सार
भूत पदार्थ और अपदार्थ, दोनों नहीं हो सकता। अगर भूत पदार्थ है, जो वह जगह घेरेगा, उसमें वजन होगा और उसे पकड़ भी सकते हैं। लेकिन अगर वह अपदार्थ है, तो उसका अस्तित्व ही संदिग्ध है।
loader
Have you seen ghosts? It cannot be both matter and non-matter
प्रतीकात्मक - फोटो : ANI

विस्तार

वर्ष 2021 में अमेरिका में एक सर्वे किया गया। इसमें शामिल 41 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें भूतों पर यकीन है। बीस फीसदी लोगों ने तो यहां तक दावा किया कि उन्होंने भूत को देखा है। अगर ये लोग सही हैं, तो इसका अर्थ है अकेले अमेरिका में ऐसे पांच करोड़ से ज्यादा लोग हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी में भूतों का सामना किया है। मेरे घर के पास एक किराने की दुकान का मालिक मानता है कि उसके घर में भूत हैं। उसने घर में कैमरे लगा रखे हैं, जिनमें दर्ज कई असामान्य रिकॉर्डिंग उसने मुझे भेजी भी हैं। मैंने उन रिकॉर्डिंग्स में उसके घर में कुछ कमरों में छोटे-छोटे प्रकाश के बुलबुले देखे। कुछ धीमी आवाजें सुनाई देती हैं।


कई बार किताबें सेल्फ से उड़ती भी दिखीं। एक समाजशास्त्री के रूप में मेरा काम भूत, परग्रही जीवों, पिरामिड शक्ति और अंधविश्वास जैसी चीजों में लोगों के विश्वास को परखना है। मैं मानता हूं कि असाधारण दावों की पुष्टि के लिए असाधारण सबूतों की आवश्यकता होती है। लोग जब अजीब आवाजें सुनते हैं, चीजों को चलते देखते हैं, गेंदें या रोशनी की किरणें आदि देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्होंने भूत देखा है। लेकिन किसी ने भूतों को बूढ़ा होते, खाते, सांस लेते या बाथरूम का इस्तेमाल करते हुए नहीं देखा है। तो क्या भूत किसी खास ऊर्जा से बने होते हैं, जो बिना नष्ट हुए मंडराते और उड़ते रहते हैं? अगर ऐसा है, तो इसका मतलब है कि जब भूत चमकते हैं, चीजों को हिलाते या आवाजें निकालते हैं, तो वे पदार्थों (जो जगह घेरता है और जिसका वजन होता है) की तरह काम कर रहे होंगे। पर अगर वे दीवार के पार हो जाते हैं या गायब हो जाते हैं, तो उन्हें पदार्थ नहीं होना चाहिए।


जब भी भूत-प्रेत का पता लगाने वाला कोई व्यक्ति किसी कथित भुतहा जगह पर जाता है, तो उसे कुछ ऐसी चीजें मिलती हैं, जिसे वह पारलौकिक मान बैठता है। भूतों के व्यक्तिगत अनुभवों की वजह मानवीय इंद्रियों की सीमाएं हो सकती हैं। किराने की दुकान के वीडियो क्लिप की मैंने समीक्षा की। वीडियो में प्रकाश के कई छोटे-छोटे गोले कैद हुए, जो वास्तव में धूल के छोटे कण थे, जो कैमरे के लेंस के करीब तैरते दिखे। शेल्फ पर वजन बढ़ने के कारण ब्रैकेट जब अपनी जगह पर आया, तो झटका लगा और उस पर रखी चीजें गिरने लगीं। जाहिर है कि भूतों की कहानियां आपके मस्तिष्क द्वारा कुछ दृश्यों और ध्वनियों की व्याख्या करने के तरीके से ही पैदा होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed