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हैकिंग मर्ज भी, दवा भी

Sun, 19 Jul 2015 04:57 PM IST
इंदिरा मितल
इंदिरा मितल Updated Sun, 19 Jul 2015 04:57 PM IST
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Hacking, disease and medicine too

टेक्नॉलोजी की अंधाधुंध तेज रफ्तार तो मानो समय को ही पीछे छोड़ जाना चाहती है। आने वाले कल का काम बीते कल से भी पहले हो जाए, इसी होड़ में कभी मुंह की भी खानी पड़ जाती है।

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हाल ही में आठ जून को शिकागो में केंद्रित यूनाइटेड एयरलाइंस की तमाम उड़ानें रद्द कर दी गई थीं, क्योंकि उनका पूरा कंप्यूटर सिस्टम ठप हो गया। लाखों डॉलर का नुकसान तो हुआ ही, एयर लाइन की साख पर बन आई और पूरी व्यवस्था को पुनः ढर्रे पर लाने में धन और समय, दोनों बहुत लगे। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की गहमा गहमी पर चार घंटे का विराम लग गया। बिजनेस की दुनिया की छोटी से छोटी खबर और बड़े से बड़े धमाके की सूचना देने वाले वॉल स्ट्रीट जर्नल के प्रकाशन में अचानक कुछ घंटों का व्यवधान आया।
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ऐसा नहीं कि आठ जून ही कुछ मनहूस रहा हो। ऐसे हादसे अक्सर होते हैं। कार्य क्षमता बढ़ाने के उद्यम में बड़े व्यवसायों की कंप्यूटर पर बढ़ती निर्भरता पूरे सिस्टम पर इतना बोझ डाल देती है कि वह लड़खड़ा जाता है। इससे भी अधिक चिंताजनक है हैकिंग का प्रकोप। खुफिया से खुफिया जानकारी को कंप्यूटर हैकर आसानी से निकाल लेता है और उसका बेजा इस्तेमाल करता है, जिस कारण मिलिटरी सीक्रेट्स, खुफिया नक्शे, बैंक अकाउंट्स, खतरनाक मुजरिमों के बंदीस्थलों की जानकारी, कुछ भी सुरक्षित नहीं हैं।
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दोष कहां है, सेंध कहां लगी, इसकी पड़ताल करने में जो समय और धन खर्च होता है, वह क्रेडिट कार्ड कंपनियों और बड़े स्टोर की सिक्योरिटी के लिए भारी सिरदर्द बन जाता है। बिजनेस पर विपरीत असर पड़ता है। ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराकर उल्टा-सीधा धंधा करने वाले उन्हें भारी क्षति पहुंचाते हैं, जिस कारण वे कार्ड कैंसिल करते हैं, प्रभावित स्टोर में शॉपिंग बंद कर देते हैं। ग्राहकों को पुनः आश्वस्त करने में, क्रेडिट पुनः स्थापित करने में जो बहुमूल्य धन और समय खर्च होता है, सो अलग।

मगर लगता है कि जहर को जहर काटे, चोर को चोर पकड़वाए या चाभी गुम जाने पर सेफ को सेफक्रैकर से खुलवाया जाए, जैसी पुरानी युक्तियां आज भी कारगर हैं! यूनाइटेड एयरलाइंस ने अपने कंप्यूटर सिस्टम में 'ग्लिच' (गड़बड़) ढूंढने के लिए दो हैकरों को दस-दस लाख फ्रीक्वेंट फ्लायर एयर माइल्स का इनाम दिया है। कुछ अन्य हैकरों को भी ऐसे काम के लिए कम फ्रीक्वेंट फ्लायर एयर माइल्स के पुरस्कार दिए गए हैं। सीएनएन  के अनुसार दस लाख फ्रीक्वेंट फ्लायर एयर माइल्स के बल पर एक व्यक्ति पूरी दुनिया की पांच उड़ानें भर सकता है, पश्चिमी देशों में कहीं से भी एशिया के कई हवाई सफर कर सकता है या अमेरिका के भीतर बीस राउंड हवाई ट्रिप्स लगा सकता है। सीएनएन के अनुसार इस हवाई यात्रा का मूल्य पंद्रह हजार डॉलर है। अमेरिका के एयरलाइन इतिहास में यह प्रथम उदाहरण है। व्यवसाय के अन्य क्षेत्रों में यह उपाय कुछ वर्षों से प्रयोग में लाया जा रहा है, क्योंकि संकट निवारण के लिए कंसल्टेंट इंजीनियर वगैरह नियुक्त करना बहुत महंगा पड़ता है। एयर लाइंस की उड़ानों के बीच सामंजस्य और समय तालिका की पाबंदी जैसी अनेक बारीकियों की समस्त व्यवस्था के लिए अति आवश्यक है कि उनके कंप्यूटरों के बीच सुगम और स्थायी संचार बना रहे। तनिक भी रुकावट आई नहीं कि सिस्टम ठप। गूगल, याहू, माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक जैसी कंपनियां भी कुछ, कुछ इसी तरह के उपाय करतीं हैं।


हैकरों की दो श्रेणियां हैं-'व्हाइट हैट हैकर' और 'ब्लैक हैट हैकर'। पहले वाले आधुनिकतम से आधुनिकतम कंप्यूटरों की नस-नस से वाकिफ शरीफ हैकर हैं, जो किसी कंपनी या व्यवसाय की वेबसाइट पर आवश्यक जानकारी की तलाश करते- करते कोई दोष मिलने पर तुरंत उन्हें आगाह कर देते हैं, ताकि समय रहते वे अपने इंजीनियरों से आवश्यक उपाय करवा सकें। यह काबिलियत हर कंप्यूटर एक्सपर्ट में नहीं होती। 'ब्लैक हैट हैकर' बुरी मंशा वाले वे अपराधी हैं, जो कंप्यूटरों से चुराई व्यक्तिगत जानकारी बेचकर पैसे बनाते हैं। शरीफ हैकर का काम है बुरी मंशा वाले हैकर से पहले दोष ढूंढकर उनको विफल करना। आप यदि 'कंप्यूटर बफ' यानी कंप्यूटर के धुनी हैं, तो इस धुन से कंपनियों का भला कीजिए और पुरस्कार पाइए!

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