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राष्ट्रपति पद से राजनीति के नेपथ्य में

Thu, 01 Sep 2016 06:54 PM IST
सिमोन रोमेरो
सिमोन रोमेरो Updated Thu, 01 Sep 2016 06:54 PM IST
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From president to backdrop of politics
सिमोन रोमेरो

ब्राजील की संसद ने बुधवार को देश की पहली महिला राष्ट्रपति डिल्मा रॉसेफ को महाभियोग लगाकर पद से हटा दिया। शिखर पर यह सत्ता संघर्ष महीनों से जारी था, जिसने गोलार्ध की एक मजबूत राजनीतिक पार्टी को धूल चटा दी। संसद ने 61-20 के मत से डिल्मा रॉसेफ को देश के बढ़ते आर्थिक संकट को छिपाने के लिए संघीय बजट में छेड़छाड़ का दोषी पाया। यों तो डिल्मा को मई में ही निलंबित कर दिया गया था और मुकदमे का सामना करने के लिए कहा गया था, लेकिन पद से उनकी अंतिम विदाई का मतलब किसी आरोप में अपराध पर फैसले से ज्यादा था। यह उनके नेतृत्व पर एक फैसला था और लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश का दुर्भाग्य। महाभियोग ने 13 वर्षों से शासन कर रहे वामपंथी वर्कर्स पार्टी का निर्णायक अंत कर दिया। इस दौरान ब्राजील की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी, लाखों लोगों को मध्यवर्ग में शामिल किया गया और वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ा।

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पर घोटाले संबंधी भ्रष्टाचार के बढ़ते मामले, दशकों में सबसे खराब आर्थिक संकट और देश की बिगड़ती मनोदशा पर सरकार की चुप्पी ने रॉसेफ को घृणा का पात्र बना दिया, नतीजतन अपने राजनीतिक विरोधियों द्वारा सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश को अल्प समर्थन के चलते वह रोक नहीं पाईं। 'उनमें सब कुछ की कमी थी', यह कहना है साओ पाउलो के लेखक मेंटर मुनीज नेटो का। वह जोर देकर कहते हैं कि उनमें करिश्मा, योग्यता और विनम्रता की कमी थी। आलोचकों के मुताबिक, एक राजनीतिक आंदोलन की पतवार थामने वाली उस अहंकारी नेता के खिलाफ महाभियोग उचित था, जिसने अपनी दिशा खो दी।
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लेकिन रॉसेफ एवं उनके समर्थकों के मुताबिक, सत्ता से उनका निष्कासन एक तख्तापलट है, जिसमें ब्राजील के युवा लोकतंत्र की अनदेखी की गई। इसके अलावा महाभियोग से ब्राजील के नेताओं पर लोगों का विश्वास नहीं लौट सकता, न ही देश की राजनीति में व्याप्त भ्रष्टाचार कम हो जाएगा। इसके विपरीत बहुत से लोग मानते हैं कि सत्ता की बागडोर एक घोटाले वाली पार्टी से दूसरी घोटाले वाली पार्टी के हाथों में चली जाएगी।
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अब उम्मीद है कि पचहत्तर वर्षीय अंतरिम राष्ट्रपति मिशेल तेमेर, जो रॉसेफ के शासन में उप राष्ट्रपति रह चुके हैं, 2018 तक चलने वाले मौजूदा कार्यकाल के अंत तक पद पर बने रहेंगे। लेकिन तेमेर की मध्यमार्गी ब्राजीलियन डेमोक्रेटिक मूवमेंट पार्टी भी, जो एक दशक से ज्यादा समय से वर्कर्स पार्टी के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल रही है, हाल के वर्षों में व्यापक भ्रष्ट योजनाओं में शामिल रही है। मई में अंतरिम राष्ट्रपति बनने के बाद से तेमेर के अनुमोदन की दर रॉसेफ की तुलना में कम रही है। सरकार को दक्षिणपंथी झुकाव देते हुए उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में एक भी महिला या अफ्रो-ब्राजीलियन मंत्री को शामिल नहीं किया। ऐसे देश में, जहां  51 फीसदी लोग स्वयं को अश्वेत या मिश्रित नस्ल का बताते हैं, यह कई लोगों के साथ अत्याचार की तरह है।

तेमेरे द्वारा मंत्रिमंडलन में नामित कई लोग पहले ही घोटालों के बादल मंडराने के कारण इस्तीफा दे चुके हैं, जिसमें उनके भ्रष्टाचार विरोधी मंत्री और योजना मंत्री शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय तेल कंपनी पेट्रोब्रास में हुई घूसकांड की जांच रुकवाने की कोशिश की। हाल ही में तेमेर को प्रचार अभियान में वित्तीय सीमा के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह एक ऐसा अपराध है, जो उन्हें आठ वर्षों के लिए पद पर रहने के अयोग्य बना सकता है। इसके अलावा एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के एक्जिक्यूटिव ने गवाही दी है कि तेमेर ने तीन लाख डॉलर की घूस ली।

महाभियोग के प्रयास ने ब्राजील को बांट दिया। 1980 के दशक में ब्राजील में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के बाद वहां चार राष्ट्रपति निर्वाचित हुए, रॉसेफ ऐसी दूसरी राष्ट्रपति हैं, जिन्हें महाभियोग प्रक्रिया के तहत सत्ता से निष्कासित किया गया। इससे पहले 1992 में संसद द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराए जाने से पहले फर्नांडो कॉलर डी मेलो ने इस्तीफा दे दिया था। ब्राजील के कानून के अनुसार, किसी राष्ट्रपति पर तब तक महाभियोग नहीं लगाया जा सकता, जब तक संसद ने उसे दोषी करार न दिया हो।

घरेलू कामगारों के नेशनल फेडरेशन की अध्यक्ष क्रुजा मारिया ओलिवेरा बताती हैं कि तेमेर ब्राजील के लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा हैं। ओलिवेरा उन लाखों घरेलू महिला कामगारों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिन्हें रॉसेफ के श्रम कानून को मजबूत बनाने से फायदा हुआ है। वह बताती हैं कि डिल्मा रॉसेफ गरीबों की मसीहा हैं। तेमेर अपने उस राजनीतिक वर्ग के मसीहा हैं, जिन्हें वह कानून से बचाना चाहते हैं। कुछ प्रमुख व्यवसायी और राजनेता कहते हैं कि निचले सदन के पूर्व अध्यक्ष रहे तेमेर को अर्थव्यवस्था में निवेश बढ़ाने और बड़े पेंशन संकट को सहज बनाने के महत्वाकांक्षी उपायों के लिए अनियंत्रित एवं बदनाम सदन में समर्थन जुटाने के लिए राजनीतिक कौशल की जरूरत है।

डिल्मा रॉसेफ ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया और उनके पूर्ववर्ती भी संघीय बजट में चालाकी करते रहे हैं। पर उनके विरोधियों ने तर्क दिया कि उनके प्रशासन ने जितने बड़े पैमाने (करीब 11 अरब डॉलर) पर विशाल सार्वजनिक बैंकों के बीच धन का स्थानांतरण किया, उससे ब्राजील की आर्थिक साख गंभीर रूप से घट गई और उन्हें 2014 में गलत तरीके से चुनाव जीतने में मदद मिली।


दोषसिद्धि के बाद रॉसेफ को जेल नहीं जाना होगा, लेकिन पूरी जांच के दौरान उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और इस बात पर जोर दिया कि ब्राजील का आर्थिक संकट बहुत हद तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव का परिणाम है, जिसके तहत जिंसों की कीमत में कटौती हुई। रॉसेफ की विदाई के साथ पिछले करीब डेढ़ दशक से ब्राजील की राजनीति के केंद्र में रही वर्कर्स पार्टी का नेपथ्य में जाना तय है।

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