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हवाई यात्रा: कभी 61 साल की महिला पायलट को विमान उड़ाने से नफरत हुई, लेकिन जिंदगी तो चलती रहती है...

Sun, 22 Dec 2024 05:18 AM IST
दीपक कुमार शर्मा कार्ली लुइस
कार्ली लुइस Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 22 Dec 2024 05:18 AM IST
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सार
पिछले कुछ समय से हवाई यात्रा के दौरान टर्बुलेंस की बढ़ती घटनाओं के प्रत्यक्षदर्शी उन अनुभवों को भले न भूल सकें, लेकिन जिंदगी तो अपनी रफ्तार में चलती ही रहती है।
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Flight Journey Turbulance Incidents and approach of Life must go on
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

कभी आपने सोचा है कि अगर आप हवाई यात्रा कर रहे हों और अचानक विमान में कुछ ऐसी तकनीकी खराबी आ जाए कि एक पल को लगे कि मौत सिर पर खड़ी है। कुछ समय पहले नेपाल एयरलाइंस के एक विमान का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहा था, जिसमें विमान में बैठे युवा अपने मोबाइल पर वीडियो बना रहे थे कि तभी विमान में आग लग जाती है और कुछ ही सेकंडों के भीतर पूरा विमान आग का गोला बन जाता है और वह मोबाइल छिटककर दूर जमीन पर गिर जाता है। पूरा वीडियो देखकर ही सिहरन-सी होती है। लेकिन कुछ कहानियां ऐसे लोगों की भी होती हैं, जो विमान में खराबी के बावजूद बच जाते हैं, फिर अपने उस अनुभव को ताउम्र भूल नहीं पाते हैं। कई बार ऐसे बचे हुए व्यक्तियों की जिंदगी ही बदल जाती है और कुछ व्यक्ति खुद को अनेक मानसिक परेशानियों में घिरा पाते हैं।



शैंडी ब्रूअर अपनी दादी के जन्मदिन के जश्न के लिए पोर्टलैंड से ओंटारियो के लिए अलास्का एयरलाइंस के विमान में सवार हुईं। उड़ान के कुछ ही समय बाद यात्रियों ने जोरदार धमाका सुना। ब्रूअर  यह नहीं देख पाईं कि उनके पीछे 15वीं पंक्ति में विमान का एक दरवाजा उड़ गया था, जिससे यात्री 16,000 फुट की ऊंचाई पर खुली हवा में आ गए। विमान से ऑक्सीजन मास्क गिर गए और यात्री प्रार्थना करने लगे। जैसे ही विमान ने ओरेगन में आपातकालीन लैंडिंग की, ब्रूअर ने अपने पिता को गले लगा लिया। ब्रूअर एक चिकित्सक से इलाज करवा रही हैं, लेकिन उन्हें अब भी कभी-कभी एक दुस्वप्न आता है कि वह बिना दरवाजे के हेलिकॉप्टर में हैं, वह खुद को आसमान में उड़ने से बचाने के लिए सीट को पकड़ रही हैं। माउंट सिनाई में इकान स्कूल ऑफ मेडिसिन में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और सहायक प्रोफेसर रेबेका बी स्कोल्निक ने कहा, ‘यह सिर्फ उनके साथ हुई कोई घटना नहीं, बल्कि दुनिया और खास तौर पर हवाई यात्रा के बारे में उनके सोचने के तरीके को आकार देती है।’


जलवायु परिवर्तन शोध से पता चलता है कि वायुमंडल में कार्बन डाईऑक्साइड का स्तर बढ़ने के कारण टर्बुलेंस की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी। 61 वर्षीय मार्ना गैटलिन एक पायलट रही हैं। लेकिन दो दुर्घटनाओं के बाद उन्हें विमान उड़ाने से नफरत हो गई थी। वह कहती हैं, ‘काश कह पाती कि मैं काफी बेहतर हो गई हूं, लेकिन ऐसा नहीं है।’ हालांकि वह यह भी कहती हैं कि विमान दुर्घटनाओं में उतना ही जोखिम होता है, जितना ट्रेन या बस की यात्रा में। लेकिन जिंदगी तो चलती ही रहती है।  ©The New York Times 2024

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