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यहां हर कोई परेशान है

Wed, 13 Nov 2013 09:11 PM IST
श्याम सिंह चंदेल
श्याम सिंह चंदेल Updated Wed, 13 Nov 2013 09:11 PM IST
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Everyone in trouble

कहीं बैठे हों या खड़े, बगल के शख्स को आप जरा उसकी परेशानी पूछकर छेड़ो, तो वह या तो फट पड़ेगा या चुप रहेगा, लेकिन तब उसकी आंखें बोल रही होंगी। अपने आसपास नजर घुमाओ, तो पता चलता है कि यहां हर शख्स परेशान है। इस धरती पर कोई पानी के लिए तड़प रहा है, तो कोई पानी से परेशान है। कोई खा-खाकर इतना मोटा हो गया है कि अपना वजन घटाने के लिए जिम से लेकर पार्क तक की खाक छान रहा है, तो कोई अपना वजन बढ़ाने के लिए प्रोटीन पाउडर का डिब्बा खरीदने के लिए परेशान है। कोई स्कूल-कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए परेशान है, तो कोई नौकरी के लिए फार्म भर-भरकर परेशान है। कुछ इसलिए परेशान हैं कि उनकी शादी नहीं हो रही, तो जिसकी शादी हो गई है, वह पति या बीवी से परेशान है। बच्चे नहीं हैं, तो परेशान हैं, और बच्चे हो गए, तो और भी परेशान हैं।

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परेशानी दरअसल वह शाश्वत कॉमन फैक्टर है, जिससे हर कोई जूझ रहा है! अस्पताल में मरीज इलाज करवाने के लिए परेशान है, तो दवा दुकानदार दवा बेचने के लिए परेशान है। जबकि डॉक्टर अपनी फीस की चिंता के साथ-साथ दाएं-बाएं से आने वाले कमीशन के हिसाब को लेकर परेशान है। अभिनेता फिल्म हिट कराने के टोटके ढूंढ रहे हैं और नेता चुनाव में अपनी गोटियां फिट करने के तरीके सोच रहे हैं।
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महंगाई के इस दौर में ‘आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपइया’ का राग हर कोई गा रहा है। इसीलिए प्याज और टमाटर पेट्रोल के भाव बिक रहा है और आम व खास को परेशानी के डंक से डस रहा है। उद्योगपति से बात करो, तो वह मंदी को लेकर परेशान है और कर्मचारी से पूछो, तो वह महंगाई में कम सैलरी से दुखी है। भ्रष्टाचारी सत्यवादी से परेशान है, तो ईमानदार आदमी घूसखोर को घूर-घूरकर परेशान है। पहलवान इसलिए परेशान है कि उसे अपनी ताकत दिखाने का मौका नहीं मिल रहा, और कमजोर आदमी इसलिए डरा हुआ है कि जरूरी समय में वह अपनी सुरक्षा तक नहीं कर सकता। सड़क पर चलने वाले गड्ढों से परेशान हैं और हवा में चलने वाले धुंध से। जलयान के मुसाफिर समुद्री लुटेरों से परेशान हैं, तो विमान यात्रियों को आतंकवादियों का खौफ है। आम आदमी नेताओं से परेशान है, तो नेतागण सीबीआई और अदालत से परेशान हैं। इतनी परेशानियों के बीच भी अगर कोई खुश है, तो वह परेशान करने वाली बात तो है ही।
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