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बीजिंग : ओलंपिक पर ओमिक्रॉन का साया

Sat, 15 Jan 2022 06:45 AM IST
amy keane एमी कीन
Updated Sat, 15 Jan 2022 06:45 AM IST
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सार
हजारों एथलीटों, पत्रकारों और अधिकारियों के आने से पहले ही संक्रमण में वृद्धि बीजिंग के 'शून्य कोविड' मानकों पर अटल रहकर खेलों को आयोजित करने की चीनी आयोजकों की चुनौती को रेखांकित करती है। पिछली गर्मियों में टोक्यो खेलों में, खेल गांव में 400 से अधिक संक्रमण दर्ज किए गए थे।
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Beijing: Omicron s shadow over the Olympics
बीजिंग ओलंपिक - फोटो : social media

विस्तार

तीन हफ्ते बाद बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक होने वाले हैं, लेकिन अब तक टिकटों की बिक्री नहीं हुई है। विमानों के शेड्यूल में बदलाव हो रहे हैं, जिससे यात्रा को लेकर भ्रम की स्थिति है। अब चीन के चारों तरफ कोरोना वायरस का प्रकोप फैल गया है, (जिसमें स्थानीय स्तर पर तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले शामिल हैं), जिसने खेलों से पहले बीजिंग में अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है। 



बुधवार तक की स्थिति ऐसी थी कि बीजिंग के आसपास के कम से कम पांच शहरों में दो करोड़ से अधिक लोग अपने घरों में कैद थे। अधिकारियों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक बीजिंग से सिर्फ 70 मील की दूरी पर बसा एक बंदरगाह शहर तियानजिन है, जहां हाल ही में कोरोना का प्रकोप भड़क उठा है, जिसे पहले चीन का सरकारी मीडिया बीजिंग की रक्षा करने वाली 'खाई' जैसा सुरक्षित बता रहा था। 


अधिकारियों ने अभी तक तियानजिन के प्रकोप के स्रोत का निर्धारण नहीं किया है, जिसने 137 लोगों को संक्रमित किया था, जिनमें कम से कम दो ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले थे। एक स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वायरस समुदाय में 'कुछ समय से' फैल रहा है। तियानजिन में अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर सभी 1.4 करोड़ निवासियों के दूसरे दौर की जांच का आदेश दिया है। 

हजारों एथलीटों, पत्रकारों और अधिकारियों के आने से पहले ही संक्रमण में वृद्धि बीजिंग के 'शून्य कोविड' मानकों पर अटल रहकर खेलों को आयोजित करने की चीनी आयोजकों की चुनौती को रेखांकित करती है। चीन दुनिया के उन कुछ बचे हुए देशों में से एक है, जो आवश्यक कठोर उपायों और अर्थव्यवस्था व लोगों के जीवन की लागत के बावजूद वायरस उन्मूलन के पीछे लगा है।

ओमिक्रॉन के उभरने से पहले ही बीजिंग के खेल कोई खास मामला नहीं बनने वाले थे। स्वास्थ्य प्रोटोकॉल आयोजकों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि चार फरवरी से शुरू होने वाले खेल महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे असाधारण प्रतिबंधित बड़े खेल आयोजन होंगे।

जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें पहले 21 दिन बीजिंग में एकांतवास में बिताना होगा। पूरी तरह से टीका लगाए गए प्रतिभागियों को बीजिंग पहुंचने से लेकर उनके जाने के समय तक बंद घेरे के बीच रहने की आवश्यकता होगी। उन्हें आने से पहले दो निगेटिव जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी, प्रतिदिन जांच कराना होगा और मोबाइल एप का उपयोग करके अधिकारियों को स्वास्थ्य रिपोर्ट जमा करनी होगी।

हाल के प्रकोपों के बावजूद, आयोजक 'हरित, सुरक्षित और सरल' खेलों के आयोजन के लिए दृढ़ हैं, जिनके बारे में चीन के सत्तावादी नेता शी जिनपिंग ने पिछले सप्ताह कहा था। अधिकारियों ने कहा कि अभी तक बीजिंग को बंद करने या ओमिक्रॉन की प्रतिक्रिया में ओलंपिक कार्यक्रम या वायरस-नियंत्रण उपायों को बदलने की कोई योजना नहीं है। 

आयोजन समिति के प्रवक्ता झाओ वेइदोंग ने कहा, 'हमें चाहे जो भी कठिनाइयां और चुनौतियां झेलनी पड़े, योजना के अनुसार खेलों की सफल मेजबानी करने का हमारा संकल्प दृढ़ और अटूट है।' लेकिन कुछ बुनियादी सवाल बने हुए हैं, जिनमें एक यह भी है कि प्रशंसकों को आने की अनुमति कैसे दी जाए। अधिकारियों ने कहा है कि केवल मुख्य भूमि चीन के निवासियों को दर्शकों के रूप में अनुमति दी जाएगी और उन्हें केवल ताली बजानी चाहिए, जयकार नहीं करना चाहिए।

पिछली गर्मियों में टोक्यो खेलों में, खेल गांव में 400 से अधिक संक्रमण दर्ज किए गए थे। संक्रमण के जोखिम को सीमित करने के लिए चीन बड़े कदम उठाने वाला है। खेल गांव में अगर कोई संक्रमित पाया जाता है, तो उसे दो पीसीआर टेस्ट तक उच्च सुरक्षा वाले सरकारी अस्पतालों या क्वारंटीन केंद्रों में रहना होगा-कम से कम 24 घंटे तक वायरस का कोई निशान नहीं रहना चाहिए, जिसमें हफ्तों लग सकते हैं।

अधिकारियों ने इस बात को लेकर भी चिंता जताई कि संक्रमण खेल गांव में हो सकता है, जो बाद में बाहर भी स्थानीय निवासियों के बीच फैल सकता है। रविवार को बीजिंग यातायात के अधिकारियों ने निवासियों को बंद खेलगांव से जुड़े किसी भी वाहन की टक्कर से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस की विशेष इकाई ऐसी दुर्घटनाओं को संभालेगी।

चीनी सरकार का बहुत कुछ दांव पर लगा है। बीजिंग का शून्य-सहिष्णुता दृष्टिकोण बड़े पैमाने पर जांच, कड़े सीमा नियंत्रण, विस्तृत निगरानी, संपर्क का पता लगाने, व्यापक क्वारंटीन और लॉकडाउन से लेकर छिटपुट संक्रमण रोकने के प्रयास पर निर्भर करता है।

उस रणनीति की काफी आलोचना हुई, जैसा कि पिछले महीने शीआन शहर में हुआ था, जब निवासियों ने भोजन की कमी और तत्काल चिकित्सा देखभाल से वंचित होने की शिकायत की थी। लेकिन इसे व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है। और बीजिंग ने अपनी सफलता का उपयोग पश्चिमी लोकतंत्रों की तुलना में ऊपर से लेकर नीचे तक अपनी अधिनायकवादी शासन प्रणाली की श्रेष्ठता का दावा करने के लिए किया है, जिन्होंने संक्रमण को रोकने के लिए संघर्ष किया है।

इस महीने, चीन ने अमेरिका से आने वाली दो दर्जन से अधिक उड़ानों को रद्द करने का आदेश दिया, क्योंकि कई यात्री चीन पहुंचने के बाद कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। सरकार ने हाल ही में अनिवासी यात्रियों के लिए अपने पहले से ही भारी प्रतिबंधों को बढ़ा दिया है। उदाहरण के लिए, बृहस्पतिवार से अमेरिका से आने वाले यात्रियों को चीन के लिए उड़ान भरने से पहले अपने प्रस्थान शहर में कम से कम दो निगेटिव जांच रिपोर्ट पेश करने और सात दिनों के लिए अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने की आवश्यकता होगी।

सेटन हॉल यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर ग्लोबल हेल्थ स्टडीज के निदेशक यानजोंग हुआंग ने कहा कि बीजिंग के लिए यह ओलंपिक न केवल चीन की एथलेटिक उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का, बल्कि वायरस के प्रति अपने 'शून्य कोविड' दृष्टिकोण को मान्य करने का भी एक अवसर है। उन्होंने कहा कि अगर वे बिना किसी बड़े प्रकोप के इसे दूर कर सकते हैं, तो यह एक और स्वर्ण पदक होगा, जिसका दावा करने में चीन को खुशी होगी। (केइथ ब्रैडशर के साथ में) © The New York Times 2022

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