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व्यंग्यः क्या बनेगी, ईमानदारों की राजनीतिक पार्टी?

Fri, 14 Sep 2012 04:09 PM IST
Updated Fri, 14 Sep 2012 04:09 PM IST
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a party of honest persons
पूरन सरमा
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देश के हालात बदलने के लिए दो-ढाई हजार ईमानदार लोगों की आवश्यकता है, ताकि ईमानदारों की नई पार्टी बनाकर इसके लोगों को संसद में भेजा जा सके। भ्रष्टाचार खत्म करने और विदेशों से काला धन वापस लाने के लिए यह जरूरी हो गया है। वैसे तो हजारों की संख्या में ईमानदारों ने इस पार्टी के गठन की आवश्यकता पर मोहर लगा दी है, लेकिन थोड़ा पढ़े-लिखे और चतुर ईमानदार मिल जाएं, तो तीन चौथाई बहुमत के साथ सत्तारूढ़ हुआ जा सकता है। वैसे तो कुछ ईमानदार लोगों ने लिखित रूप में अपना समर्थन दिया है, लेकिन यह संख्या अभी अपर्याप्त है।

देश की राजनीतिक पार्टियों के पीड़ित ईमानदार भी आवेदन कर सकते हैं। कृपया ऐसे प्रत्याशी ईमानदारी का साक्ष्य अवश्य लगाएं तथा किसी ईमानदार राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित भी कराएं। गरीबों को पार्टी में लाने के लिए भी सोचा जा रहा है। प्रत्याशी बीपीएल हो, तो अति उत्तम। गरीब लोगों में ईमानदारी का प्रतिशत ज्यादा देखने को मिलता है। पार्टी चलाने के लिए धनाढ्य लोग भी आवेदन करें, ताकि चुनाव की आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
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पार्टी के पदाधिकारी ऑलरेडी रजिस्टर्ड हैं। अतः सतारूढ़ होने पर मंत्रिमंडल में उन्हें ही वरीयता दी जाएगी। इस समय देश में ऐसी कोई पार्टी भी नहीं है, जिसमें ईमानदारों की संख्या बहुतायत में हो। ऐसे में पूरा विश्वास है कि यह दल देश के जनसमर्थन से बहुमत प्राप्त कर लेगा। सरकार के उच्च पदों पर आसीन रहे सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी भी आवेदन कर सकते हैं। उनका विगत इतिहास इसलिए नहीं देखा जायेगा, क्योंकि उनके अनुभव का लाभ यह नई पार्टी उठाना चाहती है। अनशन, धरना, भूख हड़ताल का अनुभव रखने वाले प्रत्याशी जरूर आवेदन करें। चूंकि बिना जन समर्थन के सत्तारूढ़ होना असंभव है, इसलिए ईमानदार मतदाताओं का वोट एंड सपोर्ट परम आवश्यक है।
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देश के करीब नब्बे प्रतिशत लोग इस कार्य के लिए आगे आ चुके है। क्या विडंबना है, एक सौ इक्कीस करोड़ की आबादी में नब्बे प्रतिशत ईमानदारों के होते हुए दस प्रतिशत बेईमान सत्ता सुख भोग रहे हैं। शासन में अब तक भ्रष्टाचारियों का ही बोलबाला रहा है, लेकिन आने वाला समय ईमानदारों का है। अतः देश के ईमानदार इस नई पार्टी को अपना समर्थन दें तथा चुनाव के लिए तैयार भी रखें। पार्टी का नाम सबकी सहमति से बाद में रखा जाएगा।
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