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वैलेंटाइन डे स्पेशल 2024: हमारा समाज और प्रेम के पीछे की कहानियां

Wed, 14 Feb 2024 12:22 PM IST
Satish Alia सतीश एलिया
Updated Wed, 14 Feb 2024 12:22 PM IST
सार

एक ढूंढो हजार मिलते हैं, वाले अंदाज में प्रेम कला के कई सलाहकार मिल जाएंगे। लेकिन भाई दिल किसी की सलाह लेता है भला। 

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Valentine Day 2024 Special One Side Love Advantages And Love Marriage Disadvantages
एक ढूंढो हजार मिलते हैं, वाले अंदाज में प्रेम कला के कई सलाहकार मिल जाएंगे। - फोटो : Pixabay

विस्तार

वेलेंटाइन डे वो दिन है जो प्यार के इजहार, अफेयर के आगाज के दिन के तौर पर स्थापित हो चुका है, लाखों लोगों के न चाहने और विरोध के बावजूद। संयोगवश इस साल बसंत पंचमी भी इस लव डे यानी वेलेंटाइन डे की ही तारीख को है। माता सरस्वती की पूजा का दिन। वेलेंटाइन डे तो प्यार के इज़हार, अभिसार के दिन के तौर पर पक्का चल गया और प्यार के खिलाफ लठ लेकर घूमने वाले भी इस दिन का इंतजार शिद्दत करते हैं। दो दशक पहले जो लठमारी करते थे इस दिवस वे राजनीति में काफी आगे बढ़े गए। तो अब भी ये राजनीति के प्रस्थान दिवस की तरह स्थापित है।

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खैर, इस दिवस पर प्रेम न सही प्रेम की बात करना तो बनता है। खुद से ही बात शुरू करना शुभ होता है। मेरे मामले में जो प्यार या लव है वह एक तरफा ही रहा, जैसे हर नेता को विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री पद से होता है, एक अनार सौ बीमार की तरह। अप्राप्य कह लो तो मुझे कोई उज्र नहीं। हर विधा और तकनीक के कई विद्वान आए जो आधुनिक परंपरा तक में मिल गए। एक ढूंढो हजार मिलते हैं, वाले अंदाज में तो इस मुझे प्रेम कला के भी कई सलाहकार मिल जाएंगे। लेकिन भाई दिल किसी की सलाह लेता है भला। तो जनाब अपने जीवन में भी यह प्रेम नितांत अकेला और एक तरफा ही आता रहा, दूसरे पक्ष को वो सब लटके झटके की उम्मीद रही होगी जो अपने को आया ही नहीं कभी। सो अपना प्यार पूरी तरह समर्पित बना रहा, अपने ही पास रहा।

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न कभी हारे न कभी जीते, यूं भी यह खेल है भी नहीं, हार-जीत का। जिसे प्यार कहते हैं प्रेम भी कह देते हैं बहुतेरे। उस के मैंने आसपास ऐसे उदाहरण देखे कि उसकी परिणिति विवाह यानी लव मैरिज में मानी गई, समझी गई और ठुकराई गई। इस परिणीति के निन्नानवे फीसदी मामलों में बाद में नतीजा यह देखा गया कि दोनों ही पक्षों का किसी सियासी जमात की तरह अंदर खाते कहीं और कई-कई वेलेंटाइन मने, कुछ उजागर हुए तो मारपीट, घर, गली मोहल्ले से थाने तक पहुंची।
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एक दफा हम आधा दर्जन यार एक रात बैठे और तरन्नुम में बहस छिड़ी कि असल प्रेम उर्फ प्यार क्या है तो सबने अपनी-अपनी परिभाषा दी। मैनें कहा कि इन दिनों जिसे प्यार या प्रेम समझा जा रहा है, वह देह के तमाम स्तरों पर अभिव्यक्त हो रहा है और उसमें कोई एक या दोनों ही पक्ष शादीशुदा हैं। तो अगर पकड़े गए तो जूते एक ही पक्ष को पड़ते हैं।

कहा, सुना और लिखा जाता है कि बहला फुसलाकर दुष्कर्म हुआ। नाबालिग के मामले में ज्यादा धाराएं एक ही पक्ष पर लगाकर जेल यात्रा का कुंडली में अदृश्य योग नमूदार हो उठता है। यारों ने बहुत मजाक बनाया मेरा। दूसरे ही दिन यारों में से एक के साथ प्रेम के अपराध बनने की कहानी सच हो गई। उनका उन दिनों एक ऐसी प्रेमिका से प्रेम सभी स्तरों से उच्चतम स्तर पर पहुंचा हुआ था, जो पहले से ही प्रेम विवाह कर संतानशुदा थीं। लेने के देने पड़ गए, प्रेमिका ने बहला फुसलाकर दुष्कर्म की थ्योरी पर थाने तक में अपनी अभिव्यक्ति कर अपने प्रेम विवाह वाले दाम्पत्य को बचाने को प्राथमिकता दी और प्रेमी बेचारा प्रतिनायक यानी खलनायक बनकर सलाखों के पीछे डाल दिया गया।

Valentine Day 2024 Special One Side Love Advantages And Love Marriage Disadvantages
एकतरफा प्रेम ऐसा है जैसे एकलव्य ने गुरु बनाया और धनुर्विद्या में पारंगत हुआ - फोटो : iStock

एक और उदाहरण हमारे नए नवेले दाम्पत्य जीवन की शुरुआत के पहले पड़ोसी दम्पति का है। पति महाशय कभी पत्नी महाशय के पिता के घर में किरायेदार थे। अवसर का लाभ उठाकर दोनों पक्षों की सहमति से प्रेम उच्चतम स्तर पर पहुंचने के चलते गर्भधारण हो गया तो मजबूरी में यह प्रेम विवाह सम्पन्न हुआ था। रोजाना अर्धरात्रि को उनके बीच प्रति प्रेम यानी झगड़ा होता और भोर तक जारी रहता। दो बच्चे उसमें पिसते और हम निकटतम पड़ोसी होने के कारण जब तक वहां रहे तकरीबन रोज इस युद्ध की विभीषिका के भीषण शोर को झेलने के लिए अभिशप्त रहे।

ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं, हर लेवल के। उच्चतम शैक्षिक स्तर धारी, आइएएस अफसरों से लेकर निम्नतम आय और शैक्षणिक वर्ग तक के। श्रद्धा के 35 टुकड़ों वाली प्रेम कहानी तो हाल की है। जब कथित प्रेम के ऐसी परिणति देखता हूँ  तो मन में यह संतोष होता कि चलो अपने को ऐसा दोतरफा इश्क न हुआ तो अच्छा ही रहा, वरना अपना जीवन भी ऐसा हो सकता था कि कहना पड़ता ये जीना भी कोई जीना है लल्लू।

खैर ये जो प्यार है न इसकी तमाम तरह की परिणितियां अपन ने जो देखीं तो इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि प्यार का सर्वश्रेष्ठ रूप है एकतरफा प्यार। प्रेम गली अति सांकरी जा में दो न समाएं, जहां दुई मिट जाए एक ही रह जाए। एकतरफा प्रेम तो ऐसा है जैसे एकलव्य ने गुरु बनाया और धनुर्विद्या में पारंगत हुआ, अपना भी प्रेम के मामले में एकलव्य की भांति अपनी प्रेयसी की मूरत दिल में बसाकर कई ऐबों से बच गए, प्रेम को शिद्दत से महसूस किया, प्रेम से ही जीवन में सार्थक बदलाव आया।

आज अगर अपन बतौर पत्रकार, बतौर इंसान, बतौर पति, बतौर पुत्र, बतौर पिता अपनी भूमिकाएं और प्रेम स्नेह संजीदगी से महसूस कर रहे और निभा रहे हैं तो इसमें एकतरफा प्रेम की बड़ी भूमिका है। उस मूरत को दिल से सलाम क्योंकि उसके प्राण जो किसी और देह में बसे हैं, उसने मेरे अंदर मानवीय गुणों को जिस तरह अनुप्राणित किया, वही जीवन की पूंजी है। आखिर में मैं अपने प्रिय गीत से उस प्यार को सलाम भेजता हूं, उम्मीद है कि मेरे प्रेम की उस वक्त की त्वरा को मेरे सरकार अब भी समझ सकेंगे, क्योंकि कोई वक्त ऐसा होता है जो वहीं ठहरा रहता है, कहीं भी जाता नहीं, अटल, शाश्वत रहता है वो लम्हा जब पहला दीदार होता है, आनंद बक्षी साहब की पंक्तियों को मेरे दिल की पंक्तियां माना जाए-

ए प्यार तेरी पहली नजर को सलाम, उस गली, उस शहर, उस डगर को सलाम, .....ज़ेरो जबर को सलाम.......। 
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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