आखिर पूरी दुनिया में क्यों चर्चित है स्वीडन की गर्मी की छुट्टियां?
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स्वीडन में भी गर्मियां धमक चुकी हैं। स्कूल कॉलेज ही नहीं दफ़्तरों में भी समर वैकेशन हो चुका है। आलम यह है कि स्वीडन में हर दूसरा व्यक्ति छुट्टी पर है। अगर दफ़्तर से छुट्टी नहीं ली तो घर से ही ज़रूरी कामकाज निपटाए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा ख़ुशनुमा मौसम का मज़ा लिया जा सके।
यहां ऐसा माहौल कम से कम चार-पांच हफ़्ते तक बना रहेगा। इन दिनों में लोग घर के अंदर कम से कम समय बिताना पसंद करते हैं। ज़्यादातर लोग आपको सनबाथ यानी घर से बाहर आकर धूप सेंकते दिखेंगे। ऐसा हो भी क्यों नहीं। स्वीडन एक ठंडा प्रदेश है।
यहां महज़ दो से ढाई महीने तक ही गुनगुनी धूप और सूरज की गर्मी का आनंद उठाया जा सकता है, बाकी महीनों में ठंड व सर्द मौसम ही झेलना पड़ता है, इसलिए गर्मी की छुट्टी यहां के किसी भी छुट्टी से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
क्यों खास है यहां गर्मी की छुट्टियां
छुट्टी के मामले में यहां की कंपनियों की नीति अमेरिका से बिल्कुल अलग है। आपको बता दूं कि अमेरिका में अनिवार्य पेड हॉलीडे का चलन नहीं है। लेकिन यहां यह माना जाता है कि दफ़्तर के कामकाज और कर्मचारी के जीवन के बीच अच्छे तालमेल की ज़रूरत हमेशा होती है, इसलिए काम से पूरी तरह छुट्टी लेकर कुछ दिन आराम में गुज़ारने से कर्मचारियों की ऊर्जा, उत्पादकता और स्वास्थ्य तीनों बेहतर होते हैं। वहीं यह ख़ुशहाली भी लाती है, इसलिए सालों पहले स्वीडन में (पेड हॉलीडे) छुट्टी लेने के अधिकार से जुड़े क़ानून को बनाया गया।
हालांकि इसके पीछे की एक कहानी स्वीडन के शहरीकरण और मज़दूर यूनियनों के प्रयास से जुड़ी हुई है। 20वीं शताब्दी की शुरुआत में यहां के श्रमिक संगठन, कंपनियों के यह मानने के लिए राज़ी कर चुके थे कि जुलाई महीने में क़रीब तीन से चार हफ़्ते के लिए कामकाज पूरी तरह से बंद किया जाए और कामगारों को इस दौरान छुट्टी मिले, तभी से जुलाई में दफ़्तरों में भी समर वैकेशन शुरू हो गया।
स्वीडन की गर्मी की छुट्टियों का इतिहास
1938 में स्वीडन ने वार्षिक छुट्टी से जुड़े क़ानून को पेश किया, ताकि यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को छुट्टी लेने का क़ानूनी अधिकार मिल सके। इस क़ानून में कई दफ़ा संशोधन किए गए हैं और मौजूदा स्वरूप में कर्मचारियों को 5 हफ़्ते की पेड छुट्टी लेने का अधिकार है।
इसकी मान्यता 1970 मे ही यहां मिल चुकी थी। कई कार्यस्थलों पर इससे ज्यादा दिनों के लिए भी छुट्टी मिलती है। यहां स्कानिया जैसी बड़ी कंपनियों में गर्मी की छुट्टियों में कामकाज लगभग ठप्प रहता है। यही वजह है कि कंपनियां छुट्टी से पहले ही अपने ज़्यादातर टारगेट या ज़रूरी कामकाज निपटा लेती हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में वैकल्पिक छुट्टी की व्यवस्था होती है। गर्मी में ज़्यादातर लोगों के छुट्टी पर होने के कारण यहां नए लोगों को समर जॉब या समर इंटर्नशिप भी ख़ूब मिलती है।
यहां मुझे यह भी मालूम चला कि समर वेकेशन में कई छोटे रेस्तरां, कॉफ़ी शॉप से लेकर पुलिस स्टेशन तक बंद हो जाते हैं। यह छुट्टी अमूमन साल के 28वें हफ़्ते से 32वें हफ़्ते के बीच मिलती है। इस दौरान कई अस्पतालों में भी सामान्य चेकअप बंद हो जाते हैं। आपको छुट्टी से पहले या बाद का अपॉइंटमेंट मिलेगा।
स्वीडिश क़ानून के मुताबिक़ अगर कोई विशेष परिस्थिति नहीं हो तो कोई भी कंपनी अपने कर्मचारी को मई से सितंबर के बीच चार हफ़्ते तक छुट्टी लेने से इंकार नहीं कर सकता है, तो कुछ कंपनियों में कर्मचारियों को इस दौरान छुट्टी लेने का बेहतर समय सुझा भी दिया जाता है, ताकि कर्मचारी के छुट्टी लेने से कंपनी को कोई नुक़सान नहीं झेलना पड़े।
एक रिपोर्ट के मुताबिक़ दो साल पहले जुलाई माह में यहां काम करने वाले 50 फ़ीसदी लोगों ने समर वैकेशन की छुट्टी ली थी। इस वर्ष भी यह आंकड़ा रिकॉर्ड बनाने पर है। आप इसी से गर्मी की छुट्टी के महत्व को समझ गए होंगे।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।