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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Suresh Tiwari's column Raj and Niti- What will Chief Secretary Anurag Jain do from September 1?

मुख्य सचिव अनुराग जैन एक सितंबर से क्या करेंगे?

Fri, 15 Aug 2025 06:01 AM IST
Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 15 Aug 2025 06:01 AM IST
सार

मुख्य सचिव अनुराग जैन 30 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि वे एक्सटेंशन लेंगे या नई भूमिका निभाएंगे। दिल्ली से संकेत हैं कि उन्हें केंद्र सरकार या प्राइवेट सेक्टर में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। 1 सितंबर से नया चेहरा भी संभव है।

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Suresh Tiwari's column Raj and Niti- What will Chief Secretary Anurag Jain do from September 1?
मप्र की सियासी और प्रशासनिक हलचल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन इसी 30 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक ही चर्चा है कि क्या अनुराग जैन सेवानिवृत्ति के बाद भी एक्सटेंशन पाकर मुख्य सचिव पद पर बने रहेंगे या राज्य की इस सबसे बड़ी प्रशासनिक कुर्सी पर 1 सितंबर से कोई और चेहरा दिखाई देगा?
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इस संबंध में कई जानकारों से चर्चा करने के बाद यह जानकारी सामने आई है कि मुख्य सचिव अनुराग जैन की प्रोफाइल, कार्य प्रणाली और दिल्ली के संपर्क को अगर देखा जाए तो यह कहा जा सकता है कि अनुराग जैन को ही यह तय करना है कि वे एक्सटेंशन लें या कुछ और काम करें। दिल्ली के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुराग जैन को भारत सरकार में भी कोई बड़ी जवाबदारी मिल सकती है। साथ ही यह भी पता चला है कि कई बड़े प्राइवेट सेक्टर भी उनकी सेवाएं लेने के इच्छुक हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अनुराग जैन मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने रहेंगे या 1 सितंबर के बाद किसी और महत्वपूर्ण जगह पर सेवा देते नजर आएंगे।
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आखिर भाजपा कार्यकर्ताओं के दिन कब फिरेंगे
मध्य प्रदेश के नए भाजपा अध्यक्ष को बने दो माह होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक निगम-मंडल, प्राधिकरणों में पदाधिकारियों के मनोनयन को लेकर सिर्फ चर्चाएं ही हो रही हैं। कागज पर आदेश के रूप में कुछ भी दिखाई नहीं दिया है। ऐसा लग रहा है कि मानो पूर्व भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के समय जैसा ही अभी भी सब पेंडिंग चल रहा है। दरअसल, जब हेमंत खंडेलवाल भाजपा के नए अध्यक्ष बने थे तब भाजपा कार्यकर्ताओं को लग रहा था कि अब तो जल्द ही वे किसी कुर्सी पर बैठे नजर आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। अब तो कार्यकर्ता यह कहने लगे हैं कि आखिर हमारे दिन कब फिरेंगे।
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ध्वजारोहण: जिला मुख्यालय को लेकर मंत्रियों में नाराजगी
स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण के लिए सरकार द्वारा तय मंत्रियों के नामों को लेकर कई मंत्रियों में नाराजगी देखी गई। बाद में राज्य शासन को चार मंत्रियों के जिलों में परिवर्तन भी करना पड़ा। पता चला है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सतना, प्रहलाद सिंह पटेल को भिंड, तुलसी सिलावट को बुरहानपुर, प्रद्युम्न सिंह तोमर को पांढुर्ना जिला मुख्यालय आवंटित करने पर नाराजगी के स्वर दिखाई दिए। पता तो यहां तक चला है कि इन मंत्रियों ने अपनी नाराजगी मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष तक पहुंचाई। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अगले दिन ही सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा चार मंत्रियों के जिला मुख्यालय बदलने संबंधी परिपत्र जारी किया गया।

सीया विवाद: अब मध्य प्रदेश में सब ठीक-ठाक है!
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सीया विवाद का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद अब राज्य स्तर पर सब ठीक-ठाक दिखाई दे रहा है, यानी अब सीया के अध्यक्ष और शासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो गया है। अब प्रतिदिन सीया अध्यक्ष के पास संबंधित मामले प्रस्तुत हो रहे हैं और वे उनका निराकरण भी कर रहे हैं। वर्तमान मेंबर सचिव दीपक आर्य भी उन्हें पूरा सहयोग कर रहे हैं। इतना ही नहीं सीया अध्यक्ष को जो साधन, सुविधाएं और प्रोटोकॉल पहले नहीं दिया गया था, अब वह भी सब दे दिया गया है। माना जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट में दायर पीआईएल ने शासन में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात का एहसास करा दिया कि सीया (स्टेट एनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी) केंद्र सरकार द्वारा गठित एक अथॉरिटी है, जिसका सम्मान और प्रोटोकॉल होता है।

देश को इस माह मिल सकता है नया वित्त सचिव
देश में पिछले डेढ़ माह से कोई वित्त सचिव नहीं है। अजय सेठ की 30 जून को हुई सेवानिवृत्ति के बाद से केंद्र सरकार ने अभी तक इस पद पर किसी वरिष्ठ आईएएस को पदस्थ नहीं किया है। अब पता चला है कि सरकार इस माह के अंत तक इस महत्वपूर्ण पद पर वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 6 विभागों में से सबसे वरिष्ठ सचिव के. मोसेस चालई को नियुक्त कर सकती है। भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1990 बैच के आईएएस अधिकारी चालई वर्तमान में पब्लिक इंटरप्राइजेज विभाग (डीपीई) के सचिव हैं। अगर सरकार इन्हें नियुक्त करती है तो यह देश में पहली बार होगा जब नॉर्थ ईस्ट से कोई ब्यूरोक्रेट इस महत्वपूर्ण पद पर बैठता नजर आएगा। चालई जनवरी 2028 को रिटायर होंगे।

अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें। 
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