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जापान और चीन के बीच बढ़ रही मिठास के क्या हैं मायने?

Sun, 27 Oct 2019 07:53 AM IST
SANJAY DEV संजय देव
Updated Sun, 27 Oct 2019 07:53 AM IST
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Sign of improvement of relatins bween Japan- China
चीन और जापान के बीच आपसी रिश्ते पिछले कुछ समय से बेहतरी की ओर बढ़ रहे हैं। - फोटो : PTI

चीन और जापान के बीच आपसी रिश्ते पिछले कुछ समय से बेहतरी की ओर बढ़ रहे हैं। चीन के उप राष्ट्रपति वांग किशान की हाल की जापान यात्रा से इस प्रक्रिया को और बल मिला है। अपनी जापान यात्रा के दौरान वांग ने इस बात को दोहराया है कि इसी जून में जी-20 की ओसाका शिखर बैठक के दौरान भी शिंजो अबे और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनेक अहम मसलों पर सहमति बनी थी और दोनों देशों के बीच रिश्तों में लगातार बेहतरी हो रही है और यही समय का तकाजा भी है।

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ध्यान रहे कि इसी सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की बातचीत के बाद ही शिन जिनपिंग ने अगले साल जापान आने का शिंजो अबे का न्यौता स्वीकार कर लिया था। शिंजो अबे का मानना है कि ओसाका में उनकी और जिनपिंग की भेंट ने दोनों देशों के बीच सहज रिश्तों की गाड़ी को फिर से पटरी पर ला दिया है। दोनों देशों के बीच आने वाले समय में व्यापक सहकार की संभावनाएं प्रबल हो गयी हैं।

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अगले वर्ष शी जिनपिंग की संभावित जापान यात्रा के मद्देनजर शिंजो अबे का कहना है कि ताइवान समेत सभी संवेदनशील मसलों पर गंभीरता से काम करने के लिए जापान पूरी तरह से तैयार है। दोनों देशों के बीच उच्चतम स्तर पर सौहार्द्रपूर्ण बहुआयामी रिश्ते बनाने के लिए जापान तैयार है ताकि जापान-चीन के रिश्ते सुंदर, समरसतापूर्ण और मजबूती से भविष्योन्मुखी हों।

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