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वी लव यू चिंटू जी! आपकी तस्वीरें देखकर हमारा दिल धड़कता रहेगा

Thu, 30 Apr 2020 04:26 PM IST
apurva rai अपूर्वा राय
Updated Thu, 30 Apr 2020 04:26 PM IST
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Rishi kapoor a veteran actor who maintain his stardom lifelong
ऋषि कपूर - फोटो : अमर उजाला

'जबसे तुमको देखा है सनम, कितने हैं बेचैन...' कुछ ऐसा ही महसूस हुआ था ऋषि को देखकर। तब नाम नहीं जानती थी। बस इतना पता था कि एक हीरो है, लगभग सभी फिल्मों में स्वेटर पहनता है। वो दूरदर्शन का दौर था। ऋषि कपूर को पहली बार टीवी पर 'दीवाना' फिल्म में देखा।

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मेरे पैदा होने के ठीक एक साल पहले रिलीज हुई थी। देखने का मौका सालों बाद मिला। दिव्या भारती के साथ हर एक गाने में ऋषि ने कमाल कर दिया था। सफेद कॉस्ट्यूम में ऋषि जब गिटार बजाते हुए स्टेज पर आते हैं और कहते हैं, 'सोचेंगे तुम्हें प्यार करें कि नहीं...' इसके बाद कभी सोचना ही नहीं पड़ा। ऋषि जब भी स्क्रीन पर होते तो नजरें ठहर जातीं।
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इस फिल्म के बाद प्यार हो गया था उस शख्स से। इतना प्यार की फोटो की कटिंग अपनी कॉपियों में सालों तक चिपकाती रही। दीवाना देखकर पहली बार रोई थी ऐसा लगा ऐसा ऋषि की जगह मेरा दिल टूट गया हो। घंटों यही सोचती रहती दिव्या भारती को ऋषि का इंतजार करना चाहिए था। प्यार करने की ये सजा कैसे मिल सकती है।
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मैंने ऋषि को पहली बार किस फिल्म में देखा, ये याद नहीं लेकिन इतना जरूर याद है कि 'दीवाना' के बाद मैंने ऋषि की जो भी फिल्में देखीं सभी में वो शानदार रहे, उनके जैसा कोई नहीं। बिना मिले, आंखों को देखकर होने वाला प्यार जिसे कहते हैं वो थे ऋषि। उनके डांस करने का, किसी से इजहार ए मोहब्बत तरीका ही अलग था।

ऋषि ने हमें मुस्कुराना सिखाया, प्यार का इजहार करना सिखाया। उन्हें देखकर बस इतना ही कह सकते थे...'जबसे देखा मैंने तुझको मुझको शायरी आ गई।' उनसे तो देखते ही प्यार हो जाता था। बस एक बात थी जो कॉपी के किसी पन्ने में दबी रह गई। 'ख्वाबों में छुपाया तुमको, यादों में बसाया तुमको, मिलोगे हमें तुम जानम कहीं ना कहीं'। कहते हैं बड़ा स्टार वो होता है जिसका स्टारडम हमेशा बना रहे...मौत के आखिरी क्षणों तक उन्होंने अपना स्टारडम बनाए रखा।

कल इरफान ने इस दुनिया को अलविदा कहा आज ऋषि ने। दोनों बेहतरीन रहे। पर्दे पर जब भी आए, लोगों के चेहरे पर मुस्कुराहट दे गए। आपके लिए हम मुस्कुराएंगे...आपको देखकर अभी भी दिल वैसे ही धड़केगा जैसा पहली बार धड़का था। आप जिंदा हैं हमारी यादों में और हमेशा रहेंगे।

नमन।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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