फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   mahatma gandhi 150th birth anniversary gandhi ji life and ideology

महात्मा गांधी की 150वीं जयंतीः जन की जागरूकता ही गांधी जी का सच्चा स्मरण है

Dr.Vineeta Raghuvanshi डॉ.विनीता रघुवंशी
Updated Mon, 30 Sep 2019 03:58 PM IST
विज्ञापन
mahatma gandhi 150th birth anniversary gandhi ji life and ideology
गांधी जी राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ समाज निर्माण का भी प्रयास कर रहे थे। - फोटो : अमर उजाला

सात्विक पवित्र और आत्मिक शुद्धता के प्रतीक हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को जानना हमारे लिए बहुत ही सरल होते हुए भी उनके आचरण को अपने जीवन में उतारना उतना ही कठिन है। गांधी जी के सत्याग्रह और आन्दोलन उनके जीवन में किए गए प्रयोग थे। जन-जन का भरोसा दिखावे से नहीं जीता जा सकता क्योंकि उसके लिए जीवन में सत्य, अहिंसा और सदाचार के आचरण की जरूरत होती है। 

विज्ञापन


विज्ञापन


जिधर चल पडे़ दो पग, उधर चल पडे़ हजारों डग
बापू की सादगी के साथ खड़ृे जन थे, जिनका विश्वास गांधी जी के विचारों में शामिल था। अहिंसक महात्मा के विचार ही सबके लिए प्रेरणा थे। ब्रिटिश हुकूमत उनकी सात्विक विचारों की ताकत को कुचल पाने में असफल रही। उनकी आजादी वर्ग, जाति, सम्प्रदाय धर्म से बहुत-बहुत ऊपर थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यक्तिगत लाभ लोभ उनकी राष्ट्रीयता के बोध को कभी अपने जाल में नही फंसा सके। इसी कारण गांधी जी सर्वमान्य राष्ट्रपिता  बने रहेंगे। पद और राजनीतिक लोकप्रिय छवि की तुच्छता उन्हें कभी मोहित नहीं कर सके।

समाज निर्माण के प्रयास में भी लगे थे गांधी जी 
गांधी जी राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ समाज निर्माण का भी प्रयास कर रहे थे। सामाजिक बदलाव के साथ आर्थिक बदलाव उनके समाज निर्माण की धुरी में शामिल रहा। खादी का प्रचलन उस समय के सामाजिक बदलाव का बहुत बड़ा प्रमाण है।

स्वदेशी को प्रोत्साहित करके उन्होंने समाज में व्यापारी वर्ग को प्रेरित किया। चम्पारण के किसानों को एक जुट करके उनकी तकलीफों को समझा, उनमें एकजुटता से आत्मबल पनपा। स्त्रियों की शिक्षा के मार्ग को प्रशस्त किया।
 

mahatma gandhi 150th birth anniversary gandhi ji life and ideology
जीवन के सभी सामाजिक पहलुओं पर गांधी जी ने समग्र विचार दृष्टि डाली। - फोटो : अमर उजाला

आजादी के संघर्ष में उन्हें शामिल करके उनके जीवन के अवरोध बनने वाली मानसिकता को बदलने का प्रयास किया। जीवन के सभी सामाजिक पहलुओं पर गांधी जी ने समग्र विचार दृष्टि डाली। जीवन में मूल्य और नैतिकता को बहुत महत्व दिया। भ्रष्ट और उच्छृंखल आचरण पर प्रायश्चित और उपवास के कठोर संयम का अंकुश भी लगाया। यदि गांधी जी को तपोनिष्ठ राजनीतिक गुरु या आचार्य की संज्ञा भी बहुत अल्प प्रयोजनीय मालूम होगी। आज की छल, छद्म से परिपूर्ण राजनीति जो कि सत्ता की  हेतुक है।

गांधी जी की नैतिक और मूल्याधारित राजनीति भारतीय राजनीति की मानक व्यवस्था को पुनः प्राप्त करने में सहायक केवल जन हो सकता है। आज तो लोकशाही के पर्देदारी में राजशाही की झलक देखने को मिल रही है। राजनीति मण्डी बनी नेतृत्व की नीलामी कर रही ही नजर आ रही है। जन की जागरूकता ही गांधी जी का सच्चा स्मरण है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed