करवा चौथ: एक आदमी को समझ आया असली मतलब
बरसों से मैंने अपनी मां को करवाचौथ पर अपने पिता के लिए उपवास करते देखा है, लेकिन इसमें कभी कुछ अजीब नहीं लगा। लेकिन जब मेरी शादी हुई, तब मुझे करवा चौथ का असली मतलब समझ में आया।
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बरसों से मैंने अपनी मां को करवाचौथ पर अपने पिता के लिए उपवास करते देखा है, लेकिन इसमें कभी कुछ अजीब नहीं लगा। लेकिन जब मेरी शादी हुई, तब मुझे करवा चौथ का असली मतलब समझ में आया।
चूंकि मैं नोएडा में एक एकल परिवार में रहता हूं, इसलिए मुझे अपनी पत्नी के करवा चौथ पर एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। समस्या यह थी कि करवा चौथ की शाम को पत्नी के साथ करवा (मिट्टी का घड़ा) कौन बदलेगा?
करवा चौथ के बारे में नहीं जानने वालों के लिए आपको बता दें कि शाम को चांद देखने से पहले महिलाएं एक-दूसरे के साथ करवा बदलती हैं। एक महिला अपना दाहिना पैर दूसरी महिला के बाएं पैर से जोड़ती है और फिर दोनों करवा का आदान-प्रदान करते हैं।
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अब फिर से अपने पहले करवा चौथ पर आते हैं। चूंकि मैं अपनी पत्नी की भक्ति से बहुत प्रभावित था, मैं अपनी पत्नी को किसी भी परिस्थिति में दुखी नहीं देखना चाहता था, इसलिए मैंने उससे कहा कि तुम चिंता मत करो, मैं सारी व्यवस्था कर दूंगा। लेकिन जब मेरे दिमाग में कुछ नहीं आया, तो मैंने फैसला किया कि मैं खुद उसके साथ करवा का आदान-प्रदान करूंगा।
एक बार जब मैंने फैसला कर लिया, तो मैंने पूरे दिन कुछ नहीं खाया। हालांकि, मैंने कई बार दिन में कुछ खाने के बारे में सोचा, यह सोचकर कि मेरी पत्नी को पता नहीं चलेगा। लेकिन अपने ज़मीर की बात सुनकर मैंने कुछ नहीं खाया।
तो धीरे-धीरे दिन बीतता गया और शाम को मैंने चांद देखा। फिर मैंने अपनी पत्नी के साथ करवा का आदान-प्रदान किया। तभी मेरी पत्नी ने चांद को देखकर छलनी से मेरी ओर देखा और उसकी आंखों में आंसू भर आए। उसने तुरंत मुझे गले से लगा लिया और कहा- आई लव यू।
हर करवा चौथ मुझे उस समय मेरी पत्नी के चेहरे की याद दिलाता है। तब से, जब मेरी पत्नी पूरे दिन के उपवास के बाद हर करवा चौथ पर गले लगाकर 'आई लव यू' कहती है, तो ऐसा लगता है कि आने वाले साल के लिए मैं उसकी सारी समस्याओं को अपने ऊपर ले सकता हूं।
तो दोस्तों करवा चौथ पर अपनी पत्नी के साथ रखें व्रत, देखिए आपको कितना सुख मिलेगा। तो 'आप सभी को करवा चौथ की शुभकामनाएं'।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।