भारतीय क्रिकेट टीम: अब प्रयोग नहीं, स्थायी कप्तान की जरूरत
बीसीसीआई को अब आगे प्रयोगों से बचते हुए नया स्थाई कप्तान नियुक्त करने की आवश्यकता है। भले वो हार्दिक हो या ऋषभ पंत। कप्तान बनने के बाद रोहित शर्मा के प्रदर्शन में भी गिरावट आई है। कप्तानी से मुक्त होने पर निश्चित ही रोहित दोबारा अपने पुराने रंग में दिखेंगे। बीसीसीआई को सीनियर खिलाड़ियों की गैर हाजिरी पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
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ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप खत्म हो चुका है और कप लेकर इंग्लैंड की टीम घर लौट चुकी है, पर भारत की सेमीफाइनल में शर्मनाक हार के बाद सबकी नजरें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर हैं। कयास टीम इंडिया में अमूलचूल परिवर्तन के लगाए जा रहे हैं। खासकर निशाने पर कप्तान रोहित शर्मा हैं, जिनका प्रदर्शन पूरे टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान बेहद दोयम दर्जे का रहा। रोहित शर्मा कोई भी बड़ी और जिताऊ पारी नहीं खेल सके। अब नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं तेज हो गई हैं।
बीसीसीआई लगातार प्लेइंग इलेवन को लेकर प्रयोग करता आ रहा है। शायद यह भी टी-20 वर्ल्ड कप में हार का कारण रहा है। बीसीसीआई लगातार शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शामी और ऋषभ पंत को आजमा रहा है। यह प्रयोग 18-30 नवंबर के बीच भारत-न्यूजीलैंड सीरीज में भी जारी रहेगा। बीसीसीआई से सवाल पूछा जाना चाहिए कि उसकी क्या मजबूरी है, वो सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर कप्तान खोजो अभियान में जुटा है।
न्यूजीलैंड दौरे पर दो कप्तान
न्यूजीलैंड दौरे पर टी-20 और वनडे के लिए अलग-अलग कप्तान तय किए गए हैं। टी-20 की कप्तानी हार्दिक पांड्या करेंगे, जो एक हरफनमौला खिलाड़ी हैं। अपनी आक्रमक क्रिकेट के लिए जाने जाते हैं। हार्दिक के नेतृत्व में जो टीम न्यूजीलैंड दौरे पर रहेगी, उसमें उप कप्तान ऋषभ पंत को बनाया गया है। ऋषभ भी बीसीसीआई की कप्तान प्रयोगशाला का हिस्सा हैं। हालांकि, उन्हें वैसी सफलता नहीं मिली, जैसी उम्मीद की जा रही थी। कुछ लोग ऋषभ में भारत के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी खोजने लगते हैं, पर दोनों में तुलना नहीं हो सकती है। ऋषभ की उम्र अभी काफी कम है और उन्हें क्रिकेट में एक लंबा सफर तय करना है।
न्यूजीलैंड भेजी जा रही टीम में अधिकांश युवा चेहरे हैं। ऑलराउंडर दीपक हुड्डा व वॉशिंगटन सुंदर, विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन व संजू सैमसंग, टॉप ऑर्डर बल्लेबाज श्रेयस अय्यर, ओपनर शुभमन गिल, मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव, गेंदबाज यजुवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, उमरन मलिक को शामिल किया गया है।
वनडे टीम में शिखर कप्तान हैं और हार्दिक को आराम दे दिया गया है। शिखर के साथ उप कप्तान पंत समेत अधिकांश खिलाड़ी टी-20 टीम के हैं। दीपक चाहर, कुलदीप सेन, शाहबाज अहमद को वनडे टीम में शामिल किया गया, जबकि भुवनेश्वर कुमार, ईशान किशन, हर्षल पटेल और मोहम्मद सिराज को आराम दे दिया गया।
हार्दिक हो सकते हैं बेहतर विकल्प
न्यूजीलैंड भेजी गई टीम को देखकर साफ लग रहा है कि बीसीसीआई भारत की टी-20 वर्ल्ड कप में शर्मनाक हार के बाद सबक नहीं ले रही। आखिर टीम मैनेजेंट के आगे क्या मजबूरी है, जो अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर चल रहे शिखर धवन को नेतृत्व दिया जा रहा है। क्या हार्दिक को वनडे की भी कमान नहीं सौंपी जा सकती? हार्दिक लंबे अर्से से बेहतरीन प्रदर्शन करते आ रहे हैं। टी-20 वर्ल्ड में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी।
पाकिस्तान के खिलाफ अहम मुकाबले में टीम की जीत में उनकी भूमिका रही। सेमीफाइनल में उनके अर्द्धशतक की बदौलत टीम सम्मानजनक स्कोर बना सकी। हार्दिक की नेतृत्व क्षमता इंडियन प्रीमियर लीग और टीम इंडिया को लीड करने के जो मौके उन्हें मिले हैं, उसमें देखी जा चुकी है।
टीम को स्थाई कप्तान की जरूरत
बीसीसीआई को अब आगे प्रयोगों से बचते हुए नया स्थाई कप्तान नियुक्त करने की आवश्यकता है। भले वो हार्दिक हो या ऋषभ पंत। कप्तान बनने के बाद रोहित शर्मा के प्रदर्शन में भी गिरावट आई है। कप्तानी से मुक्त होने पर निश्चित ही रोहित दोबारा अपने पुराने रंग में दिखेंगे। बीसीसीआई को सीनियर खिलाड़ियों की गैर हाजिरी पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
रोहित शर्मा के अलावा विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, के.एल. राहुल जैसे खिलाड़ी कई दौरों से गायब रहते हैं। कुछ चोटिल हो जाते हैं, जबकि इंडियम प्रीमियर लीग के दौरान उनकी उपस्थिति सौ प्रतिशत रहती है। इस बात की आलोचना अक्सर होती है और ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड के दौरान इसे महसूस भी किया गया।
जहां तक न्यूजीलैंड दौरे की बात है तो मेजबान न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना हमेशा से मुश्किल रहता है। न्यूजीलैंड की पिच तेज गेंदबाजों को सपोर्ट करती हैं। अत्यधिक ठंड होने के कारण में भारतीय खिलाड़ियों को थोड़ी मुश्किल आती है, क्योंकि उन्हें ऐसे मौसम में खेलने की आदत नहीं होती।
2019-20 में भारत ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था और टी-20 श्रृंखला को 5-0 से जीता था, जब न्यूजीलैंड 2021-22 में भारत आई थी, तब भी भारत 3-0 से विजयी रहा था। न्यूजीलैंड में 2019-20 में भारत को मेजबानों से 3-0 से शिकस्त मिली थी।
वैसे, न्यूजीलैंड में कोच राहुल द्रविड़ को भी आराम दिया गया है। द्रविड़ के पुराने साथी वी.वी.एस. लक्ष्मण कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे। उम्मीद है कि न्यूजीलैंड में बीसीसीआई का कप्तानी को लेकर यह अंतिम प्रयोग होगा, इसके बाद टीम इंडिया को स्थायी कप्तान मिल जाएगा।
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