फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   india first cds general Bipin Rawat will always be alive in the hearts of every Indians

शहादत को सलाम: हर तरफ आंखें हैं नम और दिलों में दर्द, देश ने खो दिया है कोई अपना

Fri, 10 Dec 2021 04:01 PM IST
Prakashchand Joshi प्रकाश चंद जोशी
Updated Fri, 10 Dec 2021 04:01 PM IST
सार

जनरल बिपिन रावत और अन्य 12 लोग अब नहीं रहे, हमारे बीच नहीं रहे और अब कुछ हैं तो उनकी यादें, उनके द्वारा किए गए नेक काम, उनके द्वारा देश को आगे बढ़ाने की चाह और भी बहुत कुछ।

आज पूरे देश की आंखें नम है और इन्हीं नम आंखों के साथ आज लगभग शाम 5 बजे देश जनरल बिपिन रावत को अलविदा कहेगा।

विज्ञापन
india first cds general Bipin Rawat will always be alive in the hearts of every Indians
8 दिसंबर 2021 का डूबता सूरज अपने साथ मानो जैसे सबकुछ ले गया हो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आज मानो जैसे देश थम सा गया हो। हर कोई दुखी है क्योंकि देश ने अपने वीर सपूत को जो खो दिया है और नाम है जनरल बिपिन रावत। पता तो है सबको कि एक न एक दिन हर किसी को जाना है, लेकिन शायद कभी किसी ने ये नहीं सोचा था कि एक हेलिकॉप्टर हादसे में हम देश के प्यारे जनरल बिपिन रावत को हमेशा-हमेशा के लिए खो देंगे। बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 11 अन्य लोगों को ये देश अब खो चुका है, लेकिन हर किसी को गर्व है अपने इस वीर सपूत पर।

विज्ञापन


देश दुखी है

देश उस वक्त काफी खुश था और हर कोई गर्व महसूस कर रहा था, जब देश को पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में बिपिन रावत जैसे काबिल अफसर मिले। लेकिन 8 दिसंबर 2021 का डूबता सूरज अपने साथ मानो जैसे सबकुछ ले गया हो। दोपहर 12 बजे के आसपास भारतीय वायुसेना का एक अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर नीलगिरी के जंगलों में हादसे का शिकार हो गया। इसके हादसे के थोड़ी देर बाद तक 11 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आ चुकी थी। ऐसे में हर देशवासी जानना चाहता था कि उनके वीर सपूत जनरल बिपिन रावत कैसे हैं?

विज्ञापन

ये सवाल हर किसी के जहन में चल रहा था, हर कोई बस इस सवाल के इर्द-गिर्द ही घूम रहा था। मन में डर था, चिंता थी और फिक्र थी कहीं से भी कोई बुरी खबर न आए। हर कोई अपने जनरल की सलामती की दुआएं कर रहा था। सबको पता था कि उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन चिंता इसलिए ज्यादा सता रही थी क्योंकि वे गंभीर रूप से घायल थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

india first cds general Bipin Rawat will always be alive in the hearts of every Indians
अंतिम यात्रा पर सीडीएस बिपिन रावत। - फोटो : अमर उजाला

इस खबर ने सबको रुला दिया

वहीं, घड़ी में शाम के 6 बजते ही वो हो गया जो कोई नहीं चाहता था। खबर सामने थी कि जनरल बिपिन रावत अब नहीं रहे। टीवी की ब्रेकिंग से न्यूज वेबसाइट की हैडिंग तक, हर जगह ये खबर छा गई थी। हर देशवासी दुखी हो गया, किसी की आंखें नम थी तो कोई मन ही मन रो रहा था, क्योंकि खबर दुखदायी थी।

जनरल अब नहीं रहे, हमारे बीच नहीं रहे और अब कुछ है तो उनकी यादें, उनके द्वारा किए गए नेक काम, उनके द्वारा देश को आगे बढ़ाने की चाह और भी बहुत कुछ। आज पूरे देश की आंखें नम है और इन्हीं नम आंखों के साथ आज लगभग शाम 5 बजे देश जनरल बिपिन रावत को अलविदा कहेगा, क्योंकि जनरल साहब अपनी अंतिम यात्रा पर हैं।

जब एक व्यक्ति सेना में भर्ती होता है, तो उसे इस बात का हमेशा पता होता है कि मौत उसे कभी भी अपने आघोष में ले सकती है। बावजूद इसके वो कभी देश की सेवा करने से पीछे नहीं हटते, और दिन-रात देश के लिए लगे रहते हैं। वहीं, जब देश के वीर सपूतों की इस तरह से मृत्यु होती है, तो इसका दुख देश को ज्यादा होता है, जो मौजूदा समय में साफ देखा जा सकता है।

नहीं भुलाई जा सकती शाहदत

जनरल बिपिन रावत के अलावा 12 लोगों की भी जान इस हेलिकॉप्टर हादसे में चली गई। इसमें जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत (जनरल रावत की पत्नी), ब्रिगेडियर एल. एस. लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर पी. एस. चौहान, स्क्वॉड्रन लीडर के. सिंह, जेडब्ल्यूओ दास, जेडब्ल्यूओ प्रदीप ए., हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक साइ तेजा भी शामिल थे। ये सभी अब हमारे बीच नहीं रहे।

कुछ काम अधूरे रह गए

याद आएंगे जनरल बिपिन रावत द्वारा किए गए काम, कैसे उन्होंने देश को दुश्मनों की बुरी नजरों से सुरक्षित रखने में अपना योगदान दिया। कैसे उन्होंने देश की सीमाओं पर ये सुनिश्चित किया कि दुश्मन देश के अंदर घुसपैठ न कर पाएं। हालांकि, जनरल बिपिन रावत को अभी बहुत कुछ करना था। वो देश के पहले सीडीएस थे और उनके ऊपर कई जिम्मेदारियां थी, जिन पर वे काम भी कर रहे थे। लेकिन अब वो नहीं हैं और हैं तो उनकी यादें हर भारतवासी के दिल में...

चला गया वो छोड़कर
पीछे सिर्फ छूटी यादें हैं...

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed