फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   How Rafael Nadal started playing tennis, success story of US open 2019 winner

जब बचपन में नडाल से पूछा गया था- टेनिस खेलोगे या फुटबॉल?

Shivendra Kumar Singh शिवेंद्र कुमार सिंह
Updated Mon, 09 Sep 2019 12:22 PM IST
विज्ञापन
How Rafael Nadal started playing tennis, success story of US open 2019 winner
राफेल नडाल - फोटो : सोशल मीडिया

रविवार रात जैसे-जैसे मैच की अवधि बढ़ रही थी वैसे-वैसे मैच रूसी खिलाड़ी दनीइल मेदवेदेव के हाथों से खिसकता दिखाई दे रहा था। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनके सामने करियर का ये पहला मौका था जब वो किसी ग्रैंडस्लैम के फाइनल में खेल रहे हों, लेकिन कोर्ट में दूसरी तरह राफेल नडाल थे।

विज्ञापन


अनुभवी, जुनूनी, रफ्तार में माहिर। नतीजा पांच सेट तक चले मुकाबले में सेकेंड सीड नडाल ने पांचवीं सीड के खिलाड़ी दनीइल मेदवेदेव को 7-5,6-3,5-7,4-6,6- 4 से हरा दिया। अब राफेल नडाल के ग्रैंडस्लैम टाइटिल की संख्या 19 तक पहुंच गई है। अब वो इस खेल की महानतम खिलाड़ियों में शुमार स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर से सिर्फ एक खिताब पीछे हैं।
विज्ञापन


फेडरर के खाते में 20 ग्रैंडस्लैम खिताब हैं। रोजर फेडरर के मुकाबले राफेल नडाल की उम्र पांच साल कम है। इसलिए ये बात अब तय लगती है कि आज नहीं तो कल नडाल फेडरर से आगे होंगे। राफेल नडाल अभी 33 साल के हैं और रोजर फेडरर की उम्र 38 के करीब है।

विज्ञापन
विज्ञापन

साडों की लड़ाई वाले देश को टेनिस में बुलंदी पर पहुंचाया

How Rafael Nadal started playing tennis, success story of US open 2019 winner
राफेल नडाल - फोटो : social media

स्पेन पूरी दुनिया में सांडों की लड़ाई के लिए मशहूर है। इसी देश में राफेल नडाल का जन्म हुआ। 1986 में जब वो पैदा हुए थे तब कोई नहीं जानता था कि अगले कुछ साल में वे अपने देश को एक अलग पहचान दिलाने वाले हैं। लोग ऐसा इसलिए भी नहीं मानते थे क्योंकि राफेल नडाल के माता-पिता का खेल से कोई लेना देना नहीं था। सवाल ये है कि फिर नडाल में खिलाड़ी बनने की चाहत आई कहां से?

इस सवाल का जवाब बताने के लिए आपको एक किस्सा सुनाते हैं। दरअसल राफेल नडाल के एक चाचा टेनिस खिलाड़ी थे और दूसरे फुटबॉल चाचा फुटबॉल खेलते थे। नडाल जब सिर्फ 3 साल के थे तो उन्होंने टेनिस रैकेट पकड़ लिया। अभी 12 साल के करीब रहे होंगे जब उन्होंने एक रीजनल टूर्नामेंट जीत लिया था।

कहानी में ट्विस्ट ये है कि उस वक्त तक राफेल नडाल फुटबॉल भी खेला करते थे। नडाल की काबिलियत दोनों खेलों में दिखाई दे रही थी। बावजूद इसके अगर उन्हें खेल की दुनिया में आगे बढ़ना था और बड़े स्तर पर खेलने का एक ‘सीरियस एफर्ट’ करना था तो ये जरूरी था कि वो टेनिस और फुटबॉल में से किसी एक खेल को चुनें।

लिहाजा वो दिन आ ही गया जब उनके सामने शर्त रखी गई कि वो फुटबॉल या टेनिस में से किसी एक खेल को चुनें। नडाल ने टेनिस चुना। 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने फैसले को सही साबित कर दिया। उन्होंने विबंलडन के ब्वायज सिंगल्स टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। 17 का होते होते नडाल का सामना रोजर फेडरर से हुआ। उन्होंने फेडरर को हराकर विंबलडन के तीसरे दौर में जगह बनाई। ये 2003 की बात है। उसके बाद तो नडाल को टेनिस की दुनिया में एक धमाकेदार खिलाड़ी की पहचान मिल गई और यूरोप का एक छोटा सा देश स्पेन टेनिस के खेल में आसमान की बुलंदियों को छूने लगा।

पहली बार यूएस ओपन की जीत ने ही बनाया था महान खिलाड़ी

How Rafael Nadal started playing tennis, success story of US open 2019 winner
राफेल नडाल - फोटो : सोशल मीडिया

डेढ़ दशक पहले 2005 में जब पहली बार राफेल नडाल ने फ्रेंच ओपन जीता था तभी टेनिस फैंस को ये समझ आ गया था कि इस खेल में एक बड़ा खिलाड़ी आ गया हैस लेकिन टेनिस के खेल में बड़े खिलाड़ी की परिभाषा होती है जिसके खाते में चारों ग्रैंड स्लैम हों। चारों ग्रैंड स्लैम यानी ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विबंलडन और यूएस ओपन। नडाल को ये मुकाम हासिल करने में करीब 5 साल लगे। 2010 में जब उन्होंने पहली बार यूएस ओपन का खिताब जीता तो वो चारों ग्रैंडस्लैम जीतने वाले खिलाड़ी बन गए। नडाल का पहला यूएस ओपन खिताब उनका नौंवा ग्रैंडस्लैम टाइटल था। अब वो चार बार यूएस ओपन जीत चुके हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed