दूसरा पहलू: आखिर दिमाग सोचता कैसे है? ये समझने के लिए हमें अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है
मस्तिष्क एक सुपरकंप्यूटर की तरह होता है। इसका हर एक हिस्सा एक खास काम के लिए होता है। दिमाग में 80 से 100 अरब न्यूरॉन्स होते हैं, जो अक्सर एकसाथ मिलकर तंत्रिका पथ बनाते हैं। जब मन में कोई विचार आता है, तो मस्तिष्क में न्यूरॉन्स सक्रिय हो जाते हैं। मस्तिष्क एक अद्भुत अंग है, जो विचारों, स्मृतियों और कल्पनाओं को रचने के लिए अथक परिश्रम करता है।
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क्या आपने कभी सोचा है कि आपका दिमाग कैसे सोचता है या अचानक कोई विचार क्यों उभरता है? यह जादू जैसा लग सकता है, पर वास्तव में दिमाग एक सुपरकंप्यूटर की तरह है, जो आपकी सोचने, सीखने व फैसले लेने में मदद करता है। दिमाग का हर हिस्सा एक खास काम करता है। न्यूरॉन मस्तिष्क में अहम भूमिका निभाता है, ये छोटी कोशिकाएं हैं, जो एक-दूसरे से संवाद करने के लिए संदेश भेजती और प्राप्त करती हैं। दिमाग में 80 से 100 अरब न्यूरॉन्स होते हैं, जो अक्सर एकसाथ मिलकर तंत्रिका पथ बनाते हैं। जब मन में कोई विचार आता है, तो मस्तिष्क में न्यूरॉन्स सक्रिय हो जाते हैं और विद्युत आवेग उत्पन्न करते हैं। ये आवेग आम तौर पर समान मार्गों से गुजरकर रास्ते में न्यूरोट्रांसमीटर नामक रसायन छोड़ते हैं, जिससे संदेशों का संचार आसान हो जाता है।
नई चीजें सीखने और आसपास की दुनिया के अनुभव से ये संबंध और मजबूत हो जाते हैं। आपके अभ्यास करने से ये न्यूरॉन्स और ज्यादा सक्रिय होते हैं। तंत्रिका नेटवर्क बनते हैं और जितनी बार वे आपस में संवाद करते हैं, उतने ही मजबूत होते जाते हैं। यह लगातार आपकी इंद्रियों से इनपुट प्राप्त करता रहता है–दृश्य, ध्वनि, स्वाद, गंध और स्पर्श। जब आप कोई प्यारा पिल्ला देखते हैं या अपना पसंदीदा गाना सुनते हैं, तो आपकी इंद्रियां मस्तिष्क को संकेत भेजती हैं, जिससे विचारों और भावनाओं की एक शृंखला शुरू हो जाती है।
मस्तिष्क यादों को भी संजोता है, जिन्हें आप जब चाहें पा सकते हैं। रचनात्मकता दिमाग की एक और महान शक्ति है। कलाकार, लेखक और वैज्ञानिक अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल नई संभावनाओं को तलाशने और समस्याओं को हल करने के लिए करते हैं। ज्यादातर वैज्ञानिक मानते हैं कि नींद के साथ स्वस्थ भोजन और व्यायाम भी दिमाग के लिए जरूरी हैं। दिमाग को पोषक तत्वों और ऑक्सीजन की जरूरत होती है, ताकि वह बेहतर काम कर सके और आपकी सोचने की शक्ति बढ़े। आप जो भी ग्रहण करते हैं, अच्छा या बुरा, उसका आपके मस्तिष्क पर असर पड़ता है।
मस्तिष्क एक अद्भुत अंग है, जो विचारों, स्मृतियों और कल्पनाओं को रचने के लिए अथक परिश्रम करता है। जैसे-जैसे तकनीक में सुधार होता रहेगा, वैज्ञानिक इस बारे में और अधिक सीखते जाएंगे कि जैविक प्रक्रियाएं हमारे चेतन अनुभवों को कैसे जन्म देती हैं। दिमाग को समझने के लिए हमें अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है।
-(द कन्वर्सेशन से)