विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: होम अलोन- शरारती बच्चे पर आधारित बेहद खूबसूरत फिल्म
सिने-निर्देशक क्रिस कोलम्बस की सन् 1990 में बनी होशियार केविन पर आधारित फिल्म ‘होम अलोन’ भारत में 1991 में रिलीज हुई थी। इसका स्क्रीनप्ले जॉन हग्स ने तैयार किया है।
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भारत त्योहारों का देश है, यहां हर महीने दो-तीन त्योहार होते हैं। हम उत्सवधर्मी समाज के अंग हैं। हमने अपनी कई फिल्मों में भी त्योहारों को पिरोया है। कभी होली के बहाने खलनायक नायिका को रंगने पहुंच जाता है, कभी रावण दहन के समय नायक-नायिका का मिलन होता है। कभी बाहर त्योहार मनाया जा रहा होता है और भीतर सुहागरात मन रही होती है, तो कभी ईद मिलन पर सब गले मिल रहे होते हैं।
त्योहारों पर छुट्टी होती है, लोग मजे करते हैं, मिलते-जुलते हैं, खाते-पीते हैं। कई देशों में क्रिसमस-नए साल को मिला कर लम्बी छुट्टी होती है और लोग घूमने निकल जाते हैं। ऐसा ही शिकागो के एक खूब धनी मैकअलिस्टर परिवार में सब नाते-रिश्तेदार इकट्ठे होते हैं और मिल कर घूमने निकलते हैं। अब इतने लोगों को साथ निकलना है तो देरी होना स्वाभाविक है। किसी तरह हड़बड़ी में परिवार एयरपोर्ट के लिए निकलता है। उनका डेस्टिनेशन पेरिस है।
परिवार में बूढ़े, वयस्क हैं और हैं ढ़ेर सारे बच्चे, हर उम्र के बच्चे। सब खुशी-खुशी, हल्ला-गुल्ला करते हवाई जहाज में सवार होते हैं और जहाज उड़ चलता है। अचानक एक जोड़ा आपस में बात करता है। जैसा कि अमूमन होता है पत्नी पति से कहती है, ‘लगता है कुछ भूल गए हैं। तुमने घर ठीक से बंद किया था?’ पति का उत्तर सकारात्मक है। तभी अचानक स्त्री चीखती है, ‘केविननन...’।
होम अलोन की कहानी लाजवाब
आठ साल का शरारती केविन मैक अलिस्टर घर पर अकेला छूट गया है। अब केविन के माता-पिता और अन्य रिश्तेदार क्या करें? सब परेशान हैं, और केविन का क्या हाल है? केविन की इस सैर-सपाटे में कोई रुचि नहीं है। असल में उसने मुराद मांगी थी, देखें, वह क्या करना चाहता है? ‘मैं अपने परिवार को अदृश्य कर देना चाहता हूँ।’ और वह खुश है कि उसका परिवार गायब हो गया है। वह घर का एकमात्र सम्राट है।
कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है, वह अपने मन के सारे काम कर सकता है। आइसक्रीम का पूरा डब्बा खा सकता है, पूरा केक उसके कब्जे में है। माता-पिता के खूब बड़े से बिस्तर पर पसर कर सो सकता है। टीवी देख सकता है और बहुत कुछ करने को अब वह स्वतंत्र है। क्या मजा आएगा ! केविन की खुशी में दर्शक भी खुश होते हैं।
छुट्टी मनाने लोग बाहर गए हैं तो कुछ लोगों की बन आती है। दो सेंधमारों– हैरी तथा मार्व (जो पेस्की तथा डैनियल स्टेर्न) की आंख इस घर पर है। क्या हुआ जो केविन मात्र आठ साल का है, उसे अपने घर को चोरों से बचाना है, और इसके बाद शुरू होती है चोरों तथा केविन की कहानी और दर्शक रोलर कोस्टर पर सवार हो जाता है।
सिने-निर्देशक क्रिस कोलम्बस की 1990 की होशियार केविन की यह फ़िल्म ‘होम अलोन’ भारत में 1991 में रिलीज हुई थी। इसका स्क्रीनप्ले जॉन हग्स ने तैयार किया है।
दर्शकों को स्तब्ध करने वाली फिल्म
फिल्म देखते हुए हम दर्शक अपने बचपन में पहुंच जाते हैं। हम सबको कभी-न-कभी घर पर अकेले रहना पड़ा है। ओह, कितना डरावना समय हुआ करता था। कितनी भयानक आवाजें सुनाई देती थीं, कितनी तरह की आकृतियां कंपाती थीं। मगर केविन बहादुर है, अक्लमंद है। हां, उसके कारनामे अचम्भित करने वाले जरूर हैं।
वह चोरों को खूब छकाता है, दर्शकों को खूब हंसाता है। चोरों को उल्लू बनाने के लिए वह बॉबी ट्रैप तैयार करता है (क्या आठ साल का बच्चा यह सब कर सकता है? पर छोड़िए यह सब तर्कपूर्ण बातें और फिल्म का मजा लीजिए।)। केविन न तो रोता है, न किसी अन्य की सहायता की पुकार लगाता है और न ही उसकी घिग्घी बंधती है वह तो मजे-मजे में चोरों को दांतों चने चबवाता है और अपने घर को सुरक्षित रखता है। किसी को बुला नहीं सकता है क्योंकि फोन काम नहीं कर रहा है और मोबाइल का जमाना था नहीं। घर के आसपास कोई ढंग का आदमी है भी नहीं।
103 मिनट की इस फिल्म में कॉमेडी है, मगर जो बात काबिले-तारीफ है, वह है, आठ साल केविन अर्थात मैकॉले कल्किन के गजब की अभिनय क्षमता।
शायद आपने मैकॉले कल्किन को ‘अंकल बक’, ‘रिचीरिच’, ‘माई गर्ल’, ‘पार्टी मॉन्स्टर’, ‘पार्टी गर्ल 2’, ‘होम अलोन 2’ आदि फ़िल्मों में देखा हो। ‘होम अलोन’ तथा ‘होम अलोन 2’ फिल्म को मैकॉले कल्किन अपने दम पर सफल बनाता है। यहां तक कि दोनों चोर जो वयस्क अभिनेता हैं, वे भी फीके पड़ जाते हैं। उनकी जो द्युति है वह मैकॉले की ही चमक है।
शक नहीं कि इस प्रतिभावान बच्चे के सामने इस चरित्र को निभाते समय कड़ी चुनौती रही होंगी मगर वह उन्हें सहजता से निभाता है। उसका आत्मविश्वास चकित करता है।
मैकॉले कल्किन को मिली पहचान
मैकॉले कल्किन और ‘होम अलोन’ की सफलता का नतीजा हुआ इसके कई स्विक्वेल बने। ‘होम अलोन 2: लॉस्ट इन न्यू यॉर्क’ (1992), ‘होम अलोन 3’ (1997), ‘होम अलोन 4’ (2002), ‘द होलीडे हेस्ट’ (2012), और अब दो साल पहले 2021 में ‘होम स्वीट होम अलोन’। यह सही है कि आगे भी ऐसी फिल्में बनेंगी।
जाहिर-सी बात है अभिनेता मैकॉले कल्किन की उम्र बढ़ी है और वह अपनी उम्र के अनुसार चरित्र निभाने लगा है, सो हर स्विक्वेल में वह नायक नहीं है। मगर पहली दो फिल्मों ने उसके कैरियर को उछाल दिया और फिल्म को भी। मूल ‘होम अलोन’ को कॉमेडी श्रेणी की फ़िल्मों में बॉक्स ऑफ़िस पर सर्वाधिक सफल फिल्मों में द्वितीय स्थान प्राप्त है।
स्लैपस्टिक कॉमेडी ‘होम अलोन’ पहली फिल्म का संगीत लाजवाब है, चाहे चीख हो अथवा अन्य संगीत। जिसका संगीत निर्देशन जॉन विलियम्स ने किया है। फिल्म को 2 ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया था। तरह-तरह के 11 पुरस्कार मिले। आज इसका ब्लू रे संस्करण उपलब्ध है, जिसमें निर्देशक क्रिस कोलम्बस और नायक मैकॉले कल्किन की स्वर कमेंट्री भी शामिल है।
मैंने तो इस समयातीत क्लासिक फ़िल्म ‘होम अलोन’ को कई बार देखा है, आप भी अवश्य देखें। मुझको हर बार मजा आया। आपको भी अवश्य मजा आएगा। एक बार केविन के साथ बच्चा बन कर घर पर अकेले (होम अलोन) रहने का आनंद उठाइए।
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