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#हिंदीहैंहम: अमेरिका में हिंदी का परचम
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हिंदी दिवस
- फोटो : iStock
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अमर उजाला का अभियान 'हिंदी हैं हम' विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यों के लिए विशेष महत्त्वपूर्ण है। अमेरिका बहुत बड़ा और फैला हुआ देश है। हिंदी भाषी भी बिखरे हुए हैं। अमेरिका में हिंदी की अलख जलाए रखने में यहां के हर स्टेट के लेखकों, हिंदी प्रेमियों और हिंदी को समर्पित संस्थाओं का बहुत बड़ा योगदान है।
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युवा पीढ़ी में हिंदी के प्रति रुचि पैदा करने के लिए पूरे अमेरिका में बहुत-सी गतिविधियां होती हैं। अमेरिका के तकरीबन हर बड़े शहर में छोटे बच्चों से लेकर किशोरों तक के लिए हिंदी पढ़ाने के स्कूल हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों में उनसे हिंदी बुलवाई जाती है।
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, अमेरिका की सबसे पुरानी और बड़ी संस्था है, जो हर वर्ष पूरे अमेरिका में कवि सम्मलेन कराती है और हिंदी प्रेमियों को एक छत तले इकट्ठा करती है। कवि सम्मलेनों से एकत्रित धन को हिंदी के प्रचार-प्रसार में प्रयोग किया जाता है।
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मैं इस संस्था के साथ 1989 से जुड़ी हूं और इसके कई पदों पर काम कर चुकी हूं। 'विश्वा' इसी संस्था की पत्रिका है और 'विभोम-स्वर' ढींगरा फाउंडेशन की, जो भारत और अमेरिका से प्रकाशित होती हैँ। ढींगरा फाउंडेशन अमेरिका में हिंदी शिक्षण के प्रोत्साहन के लिए बहुत-सी संस्थाओं को आर्थिक सहयोग दे रहा है।
'हिंदी' प्रवासी भारतीयों की अस्मिता है। अमेरिका के हर शहर के वातावरण को हिंदीमय बनाने के लिए अमेरिका के साहित्यकार विश्वविद्यालयों में जाकर युवा पीढ़ी से संवाद स्थापित करते हैं और हिंदी की महत्ता और इसकी समृद्धता के बारे में बताते हैं।