स्वास्थ्य बीमा: इलाज की बढ़ती लागत के बीच दूसरी पॉलिसी से मिलती है वित्तीय सुरक्षा, ऐसे करें क्लेम
Health Insurance: इलाज की तेजी से बढ़ती लागत के दौर में सभी मेडिकल खर्चों को कवर करने के लिए एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का सम एश्योर्ड पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अगर आपके पास दूसरी पॉलिसी है तो यह बैकअप के रूप में काम आ सकती है।
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रोना काल के बाद स्वास्थ्य बीमा लोगों की प्राथमिकता बन गई है। लगातार बढ़ रही स्वास्थ्य महंगाई से बचने के लिए लोग कई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीद सकते हैं। इलाज की तेजी से बढ़ती लागत के दौर में सभी मेडिकल खर्चों को कवर करने के लिए एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का सम एश्योर्ड पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अगर आपके पास दूसरी पॉलिसी है तो यह बैकअप के रूप में काम आ सकती है। इससे मेडिकल इमरजेंसी जैसी चुनौतीपूर्ण स्थितियों में इलाज पर विस्तृत और पर्याप्त कवरेज मिल जाता है। हालांकि, कई पॉलिसी होने की स्थिति में क्लेम कैसे करें, यह जानना भी बेहद जरूरी है।
पहली कंपनी से करें शुरुआत
- पर्सनल इंडेम्निटी (क्षतिपूर्ति), टॉप-अप कवर व नियोक्ता से मिली स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के जरिये आप कवरेज को अधिकतम कर सकते हैं।
- कई पॉलिसी होने पर पहली बीमा कंपनी से क्लेम की शुरुआत कर सकते हैं। क्लेम भरने व सेटलमेंट समरी प्राप्त करने के बाद आपको अस्पताल बिल जैसे सभी दस्तावेज जुटाने की जरूरत होती है।
- सेटलमेंट समरी और इलाज के जुड़े दस्तावेज के साथ आप क्लेम दाखिल करने के लिए दूसरी बीमा कंपनी से संपर्क कर सकते हैं। वे विवरण की जांच करेंगे और पहली पॉलिसी में कवर नहीं किए गए इलाज खर्चों को कवर करेंगे। इस प्रक्रिया से आप दोनों पॉलिसी का लाभ उठा सकते हैं।
दो तरीकों से ले सकते हैं लाभ
- क्लेम प्रक्रिया का लाभ आप कैशलेस और रीइंबर्समेंट दोनों तरीकों से उठा सकते हैं। अगर पहली पॉलिसी का सम एश्योर्ड कम है और अस्पताल खर्च इससे अधिक है तो कैशलेस या रीइंबर्समेंट के माध्यम से दूसरी पॉलिसी में क्लेम दाखिल कर सकते हैं।
- नेटवर्क हॉस्पिटल में कैशलेस इलाज से पहले अस्पताल के इंश्योरेंस डेस्क के जरिये दोनों बीमा कंपनियों को सूचित करें। इसके बाद सेटलमेंट समरी के लिए अपने मुख्य बीमा कंपनी के पास क्लेम दाखिल करें।
- अंत में, बाकी बैलेंस के रीइंबर्समेंट के लिए दूसरी बीमा कंपनी के पास अटेस्टेड हॉस्पिटल बिल जमा करें। अगर अस्पताल दोनों बीमा कंपनियों के नेटवर्क में है तो दोनों क्लेम के लिए कैशलेस सुविधा ले सकते हैं।
- कैशलेस सुविधा नहीं होने पर बिल चुकाएं और उसे बीमा कंपनी से रीइंबर्स करा लें।
इलाज की कुल लागत से अधिक न हो क्लेम राशि
आसान रीइंबर्समेंट के लिए क्लेम फॉर्म के साथ अटेस्टेड दस्तावेज जमा करने होंगे। पॉलिसीधारक को दो कंपनी के पास क्लेम दाखिल करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्लेम राशि इलाज की कुल वास्तविक लागत से अधिक न हो।
- भास्कर नेरुरकर, प्रमुख, एचएटी, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस