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नववर्ष 2022 की शुभकामनाएं: उम्मीदों के उजालों की ओर नए साल की शुरुआत, सभी की जिंदगी रौशन हो..!

Fri, 31 Dec 2021 10:53 PM IST
Swati sharma स्वाति शैवाल
Updated Fri, 31 Dec 2021 10:53 PM IST
सार

नया साल 2022 सभी के द्वार पर है। इस नए साल का सभी स्वागत करना है। सकारात्मक रहते हुए हमें हर उस चुनौती का सामना करना है जिसका अंदेशा हमारे सामने है। यह वर्ष आप सभी के जीवन में मंगल, आरोग्य और शांति लाए ऐसी ही कामना है। नववर्ष  2022 सभी को शुभ हो। 

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Happy New Year 2022 Toward the New Hope of life
नए साल में आप सभी के मंगल और शुभ की कामना है। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

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उस अंधेरे के पार,
रौशनी तो होगी।
बस इसी एक आस में,
दिन बदलते हैं, रातें तमाम होती हैं।
पत्ते गिर जाते हैं,
हवाएं रुकती हैं फिर बहती हैं।
ठिठुरती सर्दी में कांपते मजदूर,
धूप के सपने संग लेकर सोते हैं।
रात आती है तो अंधेरी,
लेकिन आशाओं की रौशनी देकर जाती है।
जैसे बेर का चूर्ण लाने की जिद को,
घर भर के नकार देने पर।
दादी के ब्लाउज से बाहर आता है,
मुड़ा हुआ एक नोट।
चाहे मटमैला हो या बदरंग,
उस नोट की चमक,
आंखों से बाहर फूटती थी।
और दादी के पोपले से मुंह पर,
भर जाता था संतुष्टि का उजास।
आस की छोटी-छोटी रौशनियाँ,
आने वाले कल में भी चमकती रहें।
दुनिया का कोई भी रिसेशन,
दादी के उस नोट को गायब न कर पाए।
इसी सोच के साथ,
एक बार फिर चलिए कैलेंडर के पन्ने पलट दें।


फिर से मुस्कुराता हुआ नया-नकोर कैलेंडर आपका स्वागत करने को आतुर है। दीवार पर सजे या मोबाइल-लैपटॉप पर सजे इस कैलेंडर में तारीखें वही होंगी, बदलना आपको अपने इरादों को है। अगर इरादे पहले से पक्के हैं तो उन्हें नए कैलेंडर में भी बस कॉपी पेस्ट करना है।

कॉलोनी में तेज आवाज लगाकर सब्जी बेचने वाला आशा भरी मुस्कराहट से कहता है-'दीदी, गाजर ले लो। हलवे की गाजर है। नए साल पर मीठा खाना।' ये वही सब्जी वाला है जिसने कोरोना काल में किसी तरह बचते-बचाते बड़ी मेहनत से रोज सब्जी और फल लाकर दिए, बिना अतिरिक्त पैसे वसूले। उसकी मुस्कुराहट आस की किरण सी लगती है। वो अंग्रेजी में कहते हैं न, 'द रे ऑफ होप।'

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यह वही आशा की किरण है। सर्दियों में गली-गली मालवी गुड़ बेचने वाले बब्बा की आवाज में भी आते साल की ऊर्जा जैसे और भर गई है। वो खुश हैं कि इस साल फसल और भी अच्छी होगी। उनकी इस उम्मीद पर टच वुड कर देने को मैं हाथ बढ़ाती हूं और हाथ सामने लगे मीठी नीम के पौधे से छू जाता है। जैसे मेरे स्पर्श को 'हैलो' मानकर वह प्रसन्नता से झूमने लगता है और भरोसा दिलाता है कि जैसे कोरोना के लॉकडाउन में लोगों ने प्रकृति को फलने-फूलने के मौके दिए, नए साल में भी लोग वैसा ही व्यवहार रखेंगे और वो अपनी कई पीढ़ियों को बीजों से फलते-फूलते देखेगा। 

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Happy New Year 2022 Toward the New Hope of life
नए साल में चुनौतियां होंगी लेकिन इस बार हम सतर्क और तैयार रहेंगे। - फोटो : Pixabay

सड़क की सफाई कर रही सुनीता नए साल में अपनी मेहनत के बदले लोगों से मिलने वाले 'इनाम' को सोचकर और उत्साह से कचरे को उठाकर छोटी सी गाड़ी में डालने लगती है। इतने में पास से अपनी मां का हाथ पकड़ निकल रही एक बच्ची उससे कहती है-आंटी, थैंक्यू। और सुनीता लाज के मारे अपने पहले से किए घूंघट को और नीचे खींच लेती है। इस साल में शहर की साफ-सफाई के लिए लोगों ने जिस तरह उसके काम को समझा और प्रशंसा की है, वह उसके लिए बड़ी बात है। उसे मालूम है कि आने वाला समय उसकी मेहनत का प्रतिदान जरूर देगा।

साल के पहले दिन को लेकर सबमें उत्साह है। कबाड़ का सामान बेचने वाले दो किशोर अपने ठेले पर चढ़कर उसे अलादीन का कार्पेट बना, हैप्पी न्यू ईयर के नारे लगाकर कर ठिठोली कर रहे हैं। माली ने नए पौधों को एहतियात से रोप दिया है, खुले आसमान के नीचे। जाते साल को विदाई देने की खातिर कुछ लोग पार्टी मनाने के लिए मेन्यू तैयार कर रहे हैं तो कुछ वेन्यू के बारे में सोच रहे हैं। 

Happy New Year 2022 Toward the New Hope of life
सोच अगर सकारात्मक होगी तो वे कठिनाइयां मुश्किल नहीं लगेंगी। - फोटो : Pixabay

इस साल इन सबने कुछ न कुछ बुरा भुगता है। किसी की नौकरी गई, किसी का कोई अपना उन्हें छोड़ गया तो किसी को बीमारी तोड़ गई लेकिन सबके मन में आशा है नए साल को लेकर क्योंकि नये की आहट ही आशा जगाती है। तभी तो पड़ोस की बालकनी से झांक रही 8 साल की रिया जब सामने के घर में खड़े अपने दोस्त पार्थ से कहती है-'मेरी मम्मा ने कहा है, न्यू ईयर में हम सब पहले जैसे ही सबके साथ मिलकर खेलेंगे।' तो अपने टूटे दो दांतों के साथ पार्थ खुशी में जोर से चिल्लाकर हामी भरता है।

बीते दिन हर एक के लिए कठिन थे, हो सकता है आगे और भी कठिन दिन आएं लेकिन सोच अगर सकारात्मक होगी तो वे कठिनाइयां मुश्किल नहीं लगेंगी। ठीक जैसे सूरज रोज हमें रौशनी देने के इरादे से ही अपनी किरणों का उजास फैलाता है।

किसी दिन बादल आ भी जाएं तो भी सूरज फिर निकलता है, उसी ऊर्जा के साथ, उन्ही इरादों को संग लिए। बस तो आप भी बांध लीजिये दिल में हौसलों और पक्के इरादों की पुड़िया, जो जब भी खुले आपके लिए जादुई असर कर डाले। इस जादू पर यकीन के साथ कीजिए नए साल का स्वागत। 

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