Mutual Fund: एनर्जी थीम वाले फंड में निवेश का बेहतर भविष्य,जोखिम उठाने को तैयार निवेशकों के लिए नए-नए ऑफर
बढ़ते औद्योगिकीकरण के चलते इक्विटी म्यूचुअल फंड ने एनर्जी थीम वाले अवसरों में 4 लाख करोड़ से अधिक निवेश किया है। वे जोखिम उठाने को तैयार निवेशकों के लिए नए-नए ऑफर पेश कर रहे हैं।
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एनर्जी थीम वाले फंड में निवेश का बेहतर भविष्य
एनर्जी थीम में 30 जून, 2024 तक निवेश 4.07 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो जून 2023 से दोगुना इक्विटी म्यूचुअल फंड ने एनर्जी थीम वाले अवसरों में 4 लाख करोड़ से अधिक निवेशऔर जून 2019 से लगभग चार गुना हो गया है। इक्विटी फंडों के साथ-साथ एनर्जी-थीम वाले फंड जैसे कि हाल ही में लॉन्च किया गया आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एनर्जी अपॉर्च्यूनिटीज फंड एनर्जी थीम के लिए निवेश का अवसर देता है। विशेषज्ञ एनर्जी शेयरों में निवेश को आकर्षक मूल्यांकन बता रहे हैं। भारत की एनर्जी डिमांड दुनिया की चौथी सबसे बड़ी डिमांड है और अनुमान है कि आने वाले वर्षों में इसमें चार से पांच फीसदी की वृद्धि होगी।
अगले दशक में तेजी से बढ़ेगी ऊर्जा मांग
फंड मैनेजर्स को अगले दशक में ऊर्जा मांग में पर्याप्त वृद्धि की उम्मीद है। जैसे-जैसे आय बढ़ रही है और जीवनशैली बदल रही है। ऊर्जा से जुड़े अप्लायंसेज, वाहनों व आधुनिक सुविधाओं की मांग बढ़ती जा रही है। इस वृद्धि को नवीकरणीय ऊर्जा के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन जैसी सरकारी उपायों से और भी बढ़ावा मिल सकता है।
लंबे समय के लिए कर सकते हैं निवेश
निवेशकों को लॉन्ग टर्म अप्रोच अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। मजबूत विकास क्षमता और लचीलेपन वाली कंपनियों पर ध्यान दिया जा सकता है। भारत में ऊर्जा से संबंधित निवेश के लिए विकास की गति निस्संदेह मजबूत है। मजबूत ऊर्जा मांग, सहायक सरकारी नीतियों और तेजी से हो रही तकनीकी प्रगति के साथ मिलकर आने वाले दशक में इस क्षेत्र से अच्छा खासा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
तेल, गैस और थर्मल पावर प्रमुख क्षेत्र
तेल, गैस व थर्मल पावर जैसे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की कंपनियों में निवेश की संभावना दिख रही है, ताकि स्थिरता और लगातार नकदी प्रवाह की नींव रखी जा सके। उभरते क्षेत्रों की उच्च विकास क्षमता को प्राप्त करने के लिए फंड मैनेजर नवीकरणीय ऊर्जा, एनर्जी दक्षता प्रौद्योगिकियों और सहायक सेवाओं में निवेश की सलाह दे रहे हैं।
किसी एक कंपनी या उप क्षेत्रों पर ज्यादा निर्भर न रहें। निवेशक मजबूत फंडामेंटल्स, मजबूत बैलेंसशीट व अनुभवी प्रबंधन टीमों वाली कंपनियों को प्राथमिकता दें जो बाजार में उतार-चढ़ाव का सामना करने में मदद मिलेगी।
-नित्या मिश्रा, फंड मैनेजर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी