रहें सावधान: साइबर धोखाधड़ी के नए-नए तरीकों में तेजी से फंस रहे लोग; सतर्कता ही बचाव
ऑनलाइन लेनदेन के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठगों ने धोखाधड़ी के नए-नए तरीके ईजाद कर लिए हैं। आपने सावधानी नहीं बरती तो ठगों के जाल में फंसने की पूरी आशंका होती है। जानिए ठगी के तरीके व इनसे बचने के उपाय-
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ग्राहक: ठीक है, मैं कर रहा हूं। ब्रोकर: जी, पैसे मिल गए हैं। आप ऐसा कीजिए, थोड़ा और पैसा ट्रांसफर कर दीजिए, मुझे कुछ ट्रांजेक्शन दिखाना है फ्लैट मालिक को।
ग्राहक: लेकिन पहले फ्लैट दिखाइए, फिर मैं बाकी पैसे देता हूं। ब्रोकर: ऐसे नहीं होता है। आपको पहले पैसे देने होंगे। यह कुछ इस तरह के नए तरीके हैं, जिनके जरिये किराये का घर तलाशने वालों से ठगी की जा रही है।
आपका बेटा पुलिस स्टेशन में है, पैसे दीजिए
इसी तरह, पुलिस के नाम पर एक नए किस्म की ठगी चल रही है। हाल में ऐसे सैकड़ों लोगों को फोन आए हैं। फोन करने वाले बताते हैं कि आपके बेटे को तस्करी या किसी अपराध में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आप ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कीजिए तो बेटे को छोड़ देते हैं।
- हालांकि, यह पूरा मामला ही एक अंधेरे में तीर मारने जैसा होता है। अगर किसी का बेटा घर से बाहर है तो वह परिवार इस तरह की घटना को सही मान लेता है और आनन-फानन में सामने वाले ठग को पैसे ट्रांसफर भी कर देता है।
- बचने के उपाय: ऐसी किसी स्थिति में आपको मामले की जांच करनी चाहिए व नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करना चाहिए।
साइबर ठगी का एक ऐसा गोरखधंधा चल रहा है, जिसमें फोन करने वाले मैसेज करते हैं कि आपका बिजली बिल बकाया है। कनेक्शन काट दिया जाएगा। ग्राहक को एक स्कैनर भेजा जाता है। इसके बाद ये साइबर ठग मैसेज में दिए नंबर और लिंक के जरिये आपके बैंक खाते को खाली कर देते हैं।
- कई मामलों में तो ऐसा देखा जाता है कि इस तरह के ठग कॉल कर फोन में एनी डेस्क ऐप डाउनलोड करा देते हैं। इसके बाद फोन का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर बैंक खाता खाली कर देते हैं।
- बचने के उपाय: ऐसे मामले में सबसे पहले बिल की स्थिति चेक करें। बिना सोचे-समझे भुगतान के लिए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी थर्ड पार्टी एप को डाउनलोड करें।
किसी भी तरह के फोन कॉल या मैसेज के आधार पर फैसला न लें। उसे पूरी तरह जांच लें। बेहतर यह है कि किसी अंजान एप, स्कैनर के जरिये पेमेंट न करें। किसी को खाते से संबंधित विवरण न दें।
-तुषार चव्हाण, साइबर विशेषज्ञ