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स्मृति शेष: जब किशोर कुमार के व्यवहार से चकित रह गए थे अमीन सयानी

Wed, 21 Feb 2024 04:30 PM IST
Vinod Patahk विनोद पाठक
Updated Wed, 21 Feb 2024 04:30 PM IST
सार

एक संस्मरण सुनाते हुए सयानी ने बताया था कि पचास के दशक के शुरुआती दिनों में किशोर कुमार और वो अच्छे दोस्त बन गए थे। उनकी दोस्ती इतनी परवान चढ़ी थी कि दोनों साथ पिकनिक मनाने जाया करते थे।

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Ameen Sayani Passes Away: When Amin Sayani was surprised by Kishore Kumar behavior
अमीन सयानी का निधन। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दुनिया अमीन सयानी की आवाज की दीवानी थी, लेकिन आवाज के एक और जादूगर मशहूर गायक किशोर कुमार ने अमीन सयानी को उनके जीवन में थोड़ा परेशान भी किया। किशोर कुमार ने अमीन सयानी के साथ एक इंटरव्यू में यहां तक टिप्पणी कर दी थी कि सयानी लोगों को 'बोर' करते हैं। वो अपना इंटरव्यू स्वयं ही कर लेंगे। वैसे तो सयानी और किशोर कुमार बेहद अच्छे दोस्त थे, लेकिन वर्ष 2018 में अमीन सयानी ने फिल्मफेयर अवॉर्ड के दौरान एक इंटरव्यू में अपने और किशोर कुमार के साथ संबंधों पर कई खुलासे किए थे।

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एक संस्मरण सुनाते हुए सयानी ने बताया था कि पचास के दशक के शुरुआती दिनों में किशोर कुमार और वो अच्छे दोस्त बन गए थे। उनकी दोस्ती इतनी परवान चढ़ी थी कि दोनों साथ पिकनिक मनाने जाया करते थे। एक पिकनिक पर दोनों किशोर कुमार की 'खटारा-चलती का नाम गाड़ी' कार में जा रहे थे। तभी सयानी ने किशोर कुमार से 'जगमग जगमग करता निकला' गाना सुनाने की फरमाइश कर दी। किशोर कुमार ने जो जवाब दिया, शायद उसकी उम्मीद सयानी ने नहीं की थी। किशोर कुमार ने तपाक से कहा था कि तुम किशोर कुमार को बिना पैसे के सुनना चाहते हो।
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वर्ष 1952 में अमीन सयानी रेडियो सिलोन (श्रीलंका) के लिए बिनाका गीतमाला प्रस्तुत करने लगे। बिनाका गीतमाला के टेप वो श्रीलंका भेजा करते थे। सयानी ने महान गायिका लता मंगेशकर और महान गायक मोहम्मद रफी की ऑडियो बाइट आसानी से रिकॉर्ड कर ली थी, लेकिन किशोर कुमार लगातार उनसे मिलने से इनकार कर रहे थे। टेप भेजने के 10 दिन ही बचे तो किशोर कुमार की ऑडियो बाइट लेने के लिए अमीन सयानी परेशान होने लगे। सयानी ने जब किशोर कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने उन्हें दूर शहर के बाहर स्टूडियो में आने के लिए कहा, लेकिन सयानी जब वहां पहुंचे तो उनको प्रोड्यूसर ने गेट पर ही रोक दिया।
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समय का चक्र घूमा और साठ के दशक में किशोर कुमार सयानी से उनकी फिल्म 'दूर गगन की छांव में' और 'दूर का राही' पर रेडियो प्रोग्राम करने की मनुहार करने लगे। वर्ष 1974 में विविध भारती पर अपने शो 'सेरिडॉन के साथी' के दौरान सयानी फिर किशोर कुमार से मिले। तब किशोर कुमार 'बढ़ती का नाम दाढ़ी' फिल्म के प्रमोशन के लिए आए थे।

सयानी याद करते हुए बताते थे कि मैंने किशोर कुमार से कहा था कि दो पहलवान बाहर खड़े हैं, वो तुम्हें पीटेंगे, अगर तुमने मुझे इंटरव्यू नहीं दिया। अमीन सयानी के लिए शायद यह सबसे बड़ी भूल थी कि वो किशोर कुमार का इंटरव्यू लेने के लिए उतावले थे।

सयानी ने अपने इंटरव्यू में खुलासा किया था कि किशोर कुमार का जो व्यवहार था, उससे वो चकित रह गए थे। किशोर कुमार ने अमीन सयानी को लोगों को 'बोर' करने वाला करार दे दिया था। अमीन सयानी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन एक महान रेडियो प्रस्तुतकर्ता के रूप में हमेशा उनको याद किया जाएगा।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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