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मोबाइल-टीवी का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों की आंखों पर पड़ रहा भारी
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फोटो 100: बच्चे की जांच करती नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। बच्चों में मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आंखों की सेहत को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 10 से 12 बच्चे आंखों से संबंधित परेशानियां लेकर पहुंच रहे हैं। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सूखापन, जलन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों में सिरदर्द और बार-बार आंखें मलने जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका के अनुसार, बच्चों की आंखों को स्वस्थ रखने के लिए स्क्रीन देखने का समय सीमित करना चाहिए। लगातार स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक देना जरूरी है। बच्चों को रोजाना बाहर खेलने और खुले वातावरण में समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। पढ़ाई के दौरान कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए और किताब को आंखों से उचित दूरी पर रखना चाहिए।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
स्क्रीन टाइम सीमित रखें: बच्चों को लंबे समय तक लगातार मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर न देखने दें।
20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट बाद करीब 20 फीट दूर रखी वस्तु को 20 सेकंड तक देखने की आदत डालें।
बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें: बच्चों को रोजाना खुले वातावरण में खेलने का समय दें।
पर्याप्त रोशनी में पढ़ाई कराएं: पढ़ते समय कमरे में उचित रोशनी रखें और किताब को आंखों से बहुत पास न रखें।
आंखें मलने से रोकें: खुजली या जलन होने पर बच्चों को बार-बार आंखें मलने से रोकें।
संतुलित आहार दें: भोजन में हरी सब्जियां, मौसमी फल, गाजर, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें।
लक्षण दिखने पर जांच कराएं: बच्चा बार-बार सिरदर्द, धुंधला दिखने या दूर की वस्तुएं, जैसे कक्षा का बोर्ड, देखने में परेशानी की शिकायत करे तो नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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डॉक्टर की सलाह के बिना आई ड्रॉप न डालें: आंखों में परेशानी होने पर स्वयं दवा का इस्तेमाल करने से बचें।
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बहादुरगढ़। बच्चों में मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आंखों की सेहत को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 10 से 12 बच्चे आंखों से संबंधित परेशानियां लेकर पहुंच रहे हैं। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सूखापन, जलन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों में सिरदर्द और बार-बार आंखें मलने जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका के अनुसार, बच्चों की आंखों को स्वस्थ रखने के लिए स्क्रीन देखने का समय सीमित करना चाहिए। लगातार स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक देना जरूरी है। बच्चों को रोजाना बाहर खेलने और खुले वातावरण में समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। पढ़ाई के दौरान कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए और किताब को आंखों से उचित दूरी पर रखना चाहिए।
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आंखों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
स्क्रीन टाइम सीमित रखें: बच्चों को लंबे समय तक लगातार मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर न देखने दें।
20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट बाद करीब 20 फीट दूर रखी वस्तु को 20 सेकंड तक देखने की आदत डालें।
बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें: बच्चों को रोजाना खुले वातावरण में खेलने का समय दें।
पर्याप्त रोशनी में पढ़ाई कराएं: पढ़ते समय कमरे में उचित रोशनी रखें और किताब को आंखों से बहुत पास न रखें।
आंखें मलने से रोकें: खुजली या जलन होने पर बच्चों को बार-बार आंखें मलने से रोकें।
संतुलित आहार दें: भोजन में हरी सब्जियां, मौसमी फल, गाजर, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें।
लक्षण दिखने पर जांच कराएं: बच्चा बार-बार सिरदर्द, धुंधला दिखने या दूर की वस्तुएं, जैसे कक्षा का बोर्ड, देखने में परेशानी की शिकायत करे तो नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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डॉक्टर की सलाह के बिना आई ड्रॉप न डालें: आंखों में परेशानी होने पर स्वयं दवा का इस्तेमाल करने से बचें।