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बैंकों की हड़ताल, 250 करोड़ का लेन-देन रहा ठप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 May 2018 11:54 PM IST
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बैंकों की हड़ताल
- फोटो : PTI
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो दिवसीय बैंकों की हड़ताल के चलते पहले दिन जिले की सभी बैंकों में कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। इसके चलते करीबन 250 करोड़ का लेन-देन और क्लीयरेंस का काम प्रभावित हुआ। बैंककर्मियों ने सभा कर केंद्र सरकार पर भड़ास निकाली।
तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को बैंकों के ताले कुछ देर के लिए खुले जरूर लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल के चलते कामकाज ठप रहा। शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद, बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, विजया बैंक, महाराष्ट्र बैंक और सिंडीकेट बैंक समेत सभी बैंकों के कर्मचारी रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक के बाहर एकत्र हुए। इसके बाद सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए यूएफबीईयू के संयोजक केदार शाह ने सरकार द्वारा दो प्रतिशत वेतनवृद्घि को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि सरकार अब संभल जाए वर्ना बैंककर्मी कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। मुकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार एनपीए घोटाला का सहारा लेकर वेतन वृद्घि मुद्दे पर पीछे हट रही है जबकि बैंकों में घोटाले सरकार की देन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार उनकी मांगें मान ले नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। सिद्घार्थ दुबे ने कहा कि अभी तक वेतन समझौता स्केल सात तक होता था लेकिन इस बार आईबीए स्केल तीन तक ही वेतन समझौते का प्रस्ताव रखा गया है जो स्वीकार नहीं है। उमेश गुप्ता और जयंत कुमार ने वेतन वृद्घि सम्मानजनक किए जाने की आवाज उठाई। स्नेहा कुमारी ने कहा कि सरकार वेतन वृद्घि पर गुमराह कर रही है। मयंक गुप्ता ने कहा कि सम्मानजनक वेतन न होने से युवा बैंककर्मी दूसरी जॉब की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इस अवसर पर सूबेदार बाथम, सुमित अग्निहोत्री, पंकज कुमार, निखिल मिश्र, प्रतिमा सिंह, उमेश चंद्र गुप्त, आशुतोष, ऋषभ शुक्ल, रोहित कुमार, विनय कुमार सिंह, अनिल श्रीवास्तव और विक्रम कुशवाह आदि मौजूद रहे।
रैली निकाल जताया विरोध
स्टेट बैंक पर एकत्र हुए बैंककर्मियों ने बाइक रैली भी निकाली। रैली चौक, घुमना बाजार, लालगेट, बस स्टैंड, ठंडी सड़क से होती हुई आईडीबीआई बैंक ठंडी सड़क पहुंची जहां समापन हो गया।
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तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को बैंकों के ताले कुछ देर के लिए खुले जरूर लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल के चलते कामकाज ठप रहा। शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद, बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, विजया बैंक, महाराष्ट्र बैंक और सिंडीकेट बैंक समेत सभी बैंकों के कर्मचारी रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक के बाहर एकत्र हुए। इसके बाद सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए यूएफबीईयू के संयोजक केदार शाह ने सरकार द्वारा दो प्रतिशत वेतनवृद्घि को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि सरकार अब संभल जाए वर्ना बैंककर्मी कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। मुकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार एनपीए घोटाला का सहारा लेकर वेतन वृद्घि मुद्दे पर पीछे हट रही है जबकि बैंकों में घोटाले सरकार की देन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार उनकी मांगें मान ले नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। सिद्घार्थ दुबे ने कहा कि अभी तक वेतन समझौता स्केल सात तक होता था लेकिन इस बार आईबीए स्केल तीन तक ही वेतन समझौते का प्रस्ताव रखा गया है जो स्वीकार नहीं है। उमेश गुप्ता और जयंत कुमार ने वेतन वृद्घि सम्मानजनक किए जाने की आवाज उठाई। स्नेहा कुमारी ने कहा कि सरकार वेतन वृद्घि पर गुमराह कर रही है। मयंक गुप्ता ने कहा कि सम्मानजनक वेतन न होने से युवा बैंककर्मी दूसरी जॉब की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इस अवसर पर सूबेदार बाथम, सुमित अग्निहोत्री, पंकज कुमार, निखिल मिश्र, प्रतिमा सिंह, उमेश चंद्र गुप्त, आशुतोष, ऋषभ शुक्ल, रोहित कुमार, विनय कुमार सिंह, अनिल श्रीवास्तव और विक्रम कुशवाह आदि मौजूद रहे।
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रैली निकाल जताया विरोध
स्टेट बैंक पर एकत्र हुए बैंककर्मियों ने बाइक रैली भी निकाली। रैली चौक, घुमना बाजार, लालगेट, बस स्टैंड, ठंडी सड़क से होती हुई आईडीबीआई बैंक ठंडी सड़क पहुंची जहां समापन हो गया।
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