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यूपी चुनाव चाहे कोई जीते, बुंदेलखंड हारना नहीं चाहिए
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:48 AM IST
सार
पिछले विधानसभा चुनाव से चार फीसदी अधिक हुई वोटिंग
चुनाव आयोग के प्रचार प्रसार का भी नजर आया असर
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विस्तार
जिस इलाके को विकास के नजरिए से हमेशा पीछे धकेला गया आज उस ही जगह के लोगों ने इतिहास रच दिया। इन्होंने गुरुवार को यूपी के चौथे चरण में अपनी सहभागिता निभाई और साबित कर दिया कि शहर से ज्यादा जागरूक देहाती ग्रामीण हो गए है। विकास की आस के नाम पर ये ग्रामीण मतदान केंद्रों पर पहुंचे और 43 साल के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले।
हम बात कर रहे हैं यूपी के बुंदेलखंड इलाके की। इस इलाके में उ.प्र. के सात जिले आते हैं। जिनमें महोबा, झांसी, बांदा, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर और चित्रकूट जिले शामिल हैं।
उमंग, उल्लास और जोश से लवरेज बुंदेलों ने इस दफा के चुनाव में वोटों की बारिश कर पुराने रिकार्ड तोड़ दिए। शहरी इलाकों में रहने वाले शिक्षित तबके को पीछे छोड़ दिया और इन मतदाताओं ने नया कीर्तिमान बना दिया। 2012 के विधानसभा चुनाव में महोबा में हुई 62 फीसदी वोटिंग का रिकार्ड तोड़कर जिले के मतदाताओं ने यह आकड़ा 66 फीसदी कर दिया।
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वहीं बांदा में चार दशक बाद एक बार फिर जोश में आए मतदाताओं ने बूथों पर वोटों की बौछार कर दी। जनपद की चारों विधान सभा सीटों पर 43 सालों बाद 60.2 फीसदी वोट डाले गए हैं। बांदा जिले में बाद मेन सीट की अपेक्षा बबेरू सीट पर ज्यादा मतदान हुआ।
उधर, चित्रकूट की धर्मनगरी में अबकी बार वोटों की खूब बारिश हुई। लोकसभा व पिछले विधानसभा चुनाव के मतदान प्रतिशत को पीछे छोड़ते हु वहां इस बार 63 प्रतिशत मतदान हुआ। तो वहीं चित्रकूट की मानिकपुर सीट पर 60.41 प्रतिशत वोट डाला गया।
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हम बात कर रहे हैं यूपी के बुंदेलखंड इलाके की। इस इलाके में उ.प्र. के सात जिले आते हैं। जिनमें महोबा, झांसी, बांदा, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर और चित्रकूट जिले शामिल हैं।
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उमंग, उल्लास और जोश से लवरेज बुंदेलों ने इस दफा के चुनाव में वोटों की बारिश कर पुराने रिकार्ड तोड़ दिए। शहरी इलाकों में रहने वाले शिक्षित तबके को पीछे छोड़ दिया और इन मतदाताओं ने नया कीर्तिमान बना दिया। 2012 के विधानसभा चुनाव में महोबा में हुई 62 फीसदी वोटिंग का रिकार्ड तोड़कर जिले के मतदाताओं ने यह आकड़ा 66 फीसदी कर दिया।
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वहीं बांदा में चार दशक बाद एक बार फिर जोश में आए मतदाताओं ने बूथों पर वोटों की बौछार कर दी। जनपद की चारों विधान सभा सीटों पर 43 सालों बाद 60.2 फीसदी वोट डाले गए हैं। बांदा जिले में बाद मेन सीट की अपेक्षा बबेरू सीट पर ज्यादा मतदान हुआ।
उधर, चित्रकूट की धर्मनगरी में अबकी बार वोटों की खूब बारिश हुई। लोकसभा व पिछले विधानसभा चुनाव के मतदान प्रतिशत को पीछे छोड़ते हु वहां इस बार 63 प्रतिशत मतदान हुआ। तो वहीं चित्रकूट की मानिकपुर सीट पर 60.41 प्रतिशत वोट डाला गया।
डाकूओंं से बेखौफ होकर ग्रामीणों ने किया मतदान
डेमो
डाकूओंं से बेखौफ होकर ग्रामीणों ने किया मतदान
चित्रकूट के पाठा में भी जमकर वोटिंग हुई। चुनाव के दौरान अक्सर डाकुओं का फरमान सामने आता है बावजूद इसके यहां इस बार बेखौफ मतदान हुआ।
मारकुंडी व डोडा माफी गांव में डाकू बबुली कोल गैंग का प्रभाव रहा है लेकिन यहां मतदान का प्रतिशत दोपहर एक बजे ही 40 तक पहुंच गया।
कुख्यात ददुआ के इलाके गिदुरहा व अमचुर नेरूआ गांव में भी खूब वोटिंग हुई। दोनों स्थानों पर 67 प्रतिशत मतदान हुआ। डाकू गौरी यादव गैंग के क्षेत्र ददरीमाफी, मडैययन में दोपहर दो बजे तक 48 प्रतिशत मतदान हुआ। उधर, पहाड़ी, हर्रा, रामनगर व रैपुरा के डाकू गोप्पा गैंग से प्रभावित गांव में भी सायं तीन बजे तक 54 प्रतिशत मतदान हो चुका था।
हालांकि मारकुंडी क्षेत्र में डाकू बबुली कोल गैंग के मूवमेंट की सूचना मिली थी। जिस पर मऊ सीओ भानु प्रकाश के नेतृत्व में पीएसी व पुलिस टीम लेकर मारकुंडी क्षेत्र पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस के पहुंचते ही डाकू गैंग जंगल की ओर भाग गया।
चित्रकूट में कुल 60.39 फीसदी मतदान हुआ। वहीं हमीरपुर 61.50 प्रतिशत, जालौन में 57.67, ललितपुर में 71.44 और महोबा में 64.95 फीसदी मतदान हुआ।
ग्रमीण इलाकों में जागरूकता अभियान का साफ असर दिखाई दिया। मतदान शुरू होने से आधा घंटा पहले ही कई बूथों में मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई। सुबह से शुरू हुआ मतदाताओं के आने का सिलसिला शाम पांच बजे तक चलता रहा। युवा हो या वृद्ध, युवती हो या महिलाएं सभी में मतदान को लेकर जोश नजर आया।
चित्रकूट के पाठा में भी जमकर वोटिंग हुई। चुनाव के दौरान अक्सर डाकुओं का फरमान सामने आता है बावजूद इसके यहां इस बार बेखौफ मतदान हुआ।
मारकुंडी व डोडा माफी गांव में डाकू बबुली कोल गैंग का प्रभाव रहा है लेकिन यहां मतदान का प्रतिशत दोपहर एक बजे ही 40 तक पहुंच गया।
कुख्यात ददुआ के इलाके गिदुरहा व अमचुर नेरूआ गांव में भी खूब वोटिंग हुई। दोनों स्थानों पर 67 प्रतिशत मतदान हुआ। डाकू गौरी यादव गैंग के क्षेत्र ददरीमाफी, मडैययन में दोपहर दो बजे तक 48 प्रतिशत मतदान हुआ। उधर, पहाड़ी, हर्रा, रामनगर व रैपुरा के डाकू गोप्पा गैंग से प्रभावित गांव में भी सायं तीन बजे तक 54 प्रतिशत मतदान हो चुका था।
हालांकि मारकुंडी क्षेत्र में डाकू बबुली कोल गैंग के मूवमेंट की सूचना मिली थी। जिस पर मऊ सीओ भानु प्रकाश के नेतृत्व में पीएसी व पुलिस टीम लेकर मारकुंडी क्षेत्र पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस के पहुंचते ही डाकू गैंग जंगल की ओर भाग गया।
चित्रकूट में कुल 60.39 फीसदी मतदान हुआ। वहीं हमीरपुर 61.50 प्रतिशत, जालौन में 57.67, ललितपुर में 71.44 और महोबा में 64.95 फीसदी मतदान हुआ।
ग्रमीण इलाकों में जागरूकता अभियान का साफ असर दिखाई दिया। मतदान शुरू होने से आधा घंटा पहले ही कई बूथों में मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई। सुबह से शुरू हुआ मतदाताओं के आने का सिलसिला शाम पांच बजे तक चलता रहा। युवा हो या वृद्ध, युवती हो या महिलाएं सभी में मतदान को लेकर जोश नजर आया।
बुंदेलखंड के सात जिलों में हुई वोटिंग का प्रतिशत
डेमो
बुंदेलखंड के सात जिलों में हुई वोटिंग का प्रतिशत
बांदा 59.22
चित्रकूट 60.39
हमीरपुर 61.50
जालौन 57.67
ललितपुर 71.44
महोबा 64.95
झांसी 65.60
बांदा 59.22
चित्रकूट 60.39
हमीरपुर 61.50
जालौन 57.67
ललितपुर 71.44
महोबा 64.95
झांसी 65.60