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इस्कॉन मंदिर में शुरू हुआ पुरुषोत्तम मास महोत्सव
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फोटो-62: इस्कॉन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते श्रद्धालु। स्रोत मंदिर समिति
बहादुरगढ़। इस्कॉन मंदिर में पुरुषोत्तम मास महोत्सव का शुभारंभ हो गया। इस विशेष आध्यात्मिक माह के दौरान मंदिर में प्रतिदिन शाम को दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सोमवार शाम आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
भगवान राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर भगवान के समक्ष शीश नवाया और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने श्रद्धालुओं को पुरुषोत्तम मास और दीपदान के धार्मिक महत्व की जानकारी दी। नित्यानंद आश्रय दास ने कहा कि हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है और इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है।
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उन्होंने बताया कि दीपदान, तुलसी सेवा, धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन, ब्रह्ममुहूर्त में स्नान, गोसेवा, अन्नदान और मंदिर निर्माण में सहयोग करना बेहद फलदायी माना गया है।
उन्होंने बताया कि पूरे पुरुषोत्तम मास में मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन और भजन-कीर्तन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
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भगवान राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर भगवान के समक्ष शीश नवाया और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
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कार्यक्रम में वक्ताओं ने श्रद्धालुओं को पुरुषोत्तम मास और दीपदान के धार्मिक महत्व की जानकारी दी। नित्यानंद आश्रय दास ने कहा कि हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है और इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है।
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उन्होंने बताया कि दीपदान, तुलसी सेवा, धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन, ब्रह्ममुहूर्त में स्नान, गोसेवा, अन्नदान और मंदिर निर्माण में सहयोग करना बेहद फलदायी माना गया है।
उन्होंने बताया कि पूरे पुरुषोत्तम मास में मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन और भजन-कीर्तन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।