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पीजीआई की स्टाफ नर्सें आज सामूहिक अवकाश पर, चरमरा सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं 

Wed, 22 Mar 2017 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Wed, 22 Mar 2017 01:50 AM IST
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PGI's staff nurses, mass leave, health services, pgi rohtak
पीजीअाइ राेहतक - फोटो : अमर उजाला
पीजीआईएमएस में विभिन्न मांगों को लेकर स्टाफ नर्स आज सामूहिक अवकाश पर रहेंगी। एक साथ अवकाश पर होने के चलते संस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती है। पीजीआई में प्रतिदिन लगभग सात हजार मरीज ओपीडी में, करीब आठ सौ गंभीर मरीज इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा --वार्डों में करीब --मरीज भर्ती हैं। हालांकि पीजीआईएमएस प्रशासन ने स्टाफ नर्सों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वार्ता सिरे नहीं चढ़ी।
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प्रशासन का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है। इमरजेंसी से लेकर आईसीयू आदि में भर्ती किसी भी मरीज को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन नर्सिंग स्टूडेंट्स के सहारे व्यवस्था को संभालने का दावा कर रहा है लेकिन बिना स्टाफ नर्सों व्यवस्था को बनाए रखना पीजीआई प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
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बता दें, कि पीजीआईएमएस में करीब 550 स्टाफ नर्स और 222 नर्सिंग सिस्टर हैं। नर्सिंग एसोसिएशन के अंतर्गत 20 लोगों की कमेटी बनाई गई है, जो पिछले काफी समय से पे ग्रेड और नर्सिंग अलाउंस चार्ज केंद्र सरकार की तर्ज पर और नर्सिंग स्टाफ से नाम बदलकर नर्सिंग ऑफिसर रखे जाने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर सोमवार को पीजीआईएमएस में पहुंचे राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर का स्टाफ नर्सों ने घेराव भी किया था।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो वे बुधवार को सामूहिक अवकाश पर रहेंगी। सामूहिक अवकाश रोकने के लिए पीजीआईएमएस के प्रशासनिक अधिकारियों ने मंगलवार दोपहर कमेटी के सदस्यों से बातचीत की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि 25 मार्च को चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में उनका मुद्दा रखा जाएगा, तब तक ऐसा फैसला न लें, लेकिन कमेटी के साथ हुई वार्ता में कोई सुलह नहीं हुई। कमेटी के सदस्यों ने एकजुट होकर कहा कि वे हर हाल में बुधवार को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगे का फैसला बुधवार को सामूहिक अवकाश के दौरान ही लिया जाएगा। सामूहिक अवकाश पर होने के कारण संस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि उन्होंने पूरी तैयारी कर ली है। किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं होगी। उधर, देर रात स्टाफ नर्सों के इस फैसले को वापस कराने का दौर भी चलता रहा। 

नर्सिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स की लगाई ड्यूटी 
नर्स स्टाफ के सामूहिक अवकाश पर चले जाने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए पीजीआईएमएस प्रशासन ने नर्सिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स की ड्यूटी लगाई है। वहीं, डाक्टरों समेत अन्य स्टाफ को भी एक्सट्रा ड्यूटी की जिम्मेदारी दी गई है। 


स्टाफ नर्सों से बातचीत की गई है। उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है कि 25 मार्च को होने वाली बैठक में उनकी मांगों का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उम्मीद है कि स्टाफ नर्स अपना फैसला वापस ले सकती हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन की तरफ से पूरी तैयारी कर ली गई है। किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं होगी। सामान्य दिनों की भांति स्वास्थ्य सेवाएं चलती रहेंगी। 
- प्रेम कुमार शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस।
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