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सांसद के गोद लिए गांव में चिकुनगुनिया से लोग बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Wed, 21 Sep 2016 10:50 PM IST
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सांसद के गोद लिए गांव की गलियों में फैली गंदगी।
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के गोद लिए गांव खिमसेपुर में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छता अभियान फेल है। गंदगी और मच्छरों की भरमार होने से गांव में सैकड़ों की संख्या में बुखार के रोगी हैं। इन रोगियों में से छह से अधिक रोगियों की खून की जांच में चिकुनगुनिया की पुष्टि हुई है। खिमसेपुर प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में आने वाले कई गांवों में भी चिकुनगुनिया अपने पैर पसारने लगा है। हालात यह हैं कि यहां न तो डाक्टरों की टीम अभी तक पहुंची है और न ही सांसद ने अपने गोद लिए गांव की चिंता ली है। खिमसेपुर गांव में रहने वाले जागेश्वर (65), इंद्रेश (45), बीडीसी सदस्य सोनी (18), प्रमोद (28), प्रियंका
(10), पायल (8) और दीप्ति (8) को चिकुनगुनिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. राधाकृष्ण भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं। इस गांव के साथ ही साथ चिकुनगुनिया ने वीरेंद्र (50) निवासी मदनपुर, ओमवीर (25) निवासी नगला मलू, विश्वनाथ सिंह (50) निवासी रैजेपुर, प्रेमदास निवासी
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नगला देवसनी, परशुराम (25) निवासी रैसेपुर, योगेंद्र सिंह (70) कान्हेपुर, चोखेलाल (65) कान्हेपुर और छुन्नू यादव (65) निवासी रायपुर को भी चिकुनगुनिया ने अपनी चपेट में ले लिया है। सांसद के गोद लिए गांव का आलम यह है कि यहां सैकड़ों रोगी बुखार से पीड़ित पाए जा रहे हैं। इन बुखार के
रोगियों की न तो कोई ब्लड स्लाइड बनाने आ रहा है और न ही जांच ही हो रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी राधाकृष्ण से जब इस संबंध में जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि यहां फार्मासिस्टों की हड़ताल के चलते वह अकेले काम देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि एलटी वीरेंद्र और सफाई कर्मचारी आनंद
कुमार यहां कभी-कभार आते हैं, जिससे अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। चिकुनगुनिया पाए जाने वाले मरीजों का कार्ड दिखाते हुए उन्होंने बताया कि इन रोगियों को चिकुनगुनिया की पुष्टि हो गई है। बुखार से पीड़ित रोगी आ जाता है। उसकी ब्लड स्लाइड बनाकर वह बाहर से जांच करा रहे हैं।
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स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में आने वाले कई गांवों में भी चिकुनगुनिया अपने पैर पसारने लगा है। हालात यह हैं कि यहां न तो डाक्टरों की टीम अभी तक पहुंची है और न ही सांसद ने अपने गोद लिए गांव की चिंता ली है। खिमसेपुर गांव में रहने वाले जागेश्वर (65), इंद्रेश (45), बीडीसी सदस्य सोनी (18), प्रमोद (28), प्रियंका
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(10), पायल (8) और दीप्ति (8) को चिकुनगुनिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. राधाकृष्ण भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं। इस गांव के साथ ही साथ चिकुनगुनिया ने वीरेंद्र (50) निवासी मदनपुर, ओमवीर (25) निवासी नगला मलू, विश्वनाथ सिंह (50) निवासी रैजेपुर, प्रेमदास निवासी
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नगला देवसनी, परशुराम (25) निवासी रैसेपुर, योगेंद्र सिंह (70) कान्हेपुर, चोखेलाल (65) कान्हेपुर और छुन्नू यादव (65) निवासी रायपुर को भी चिकुनगुनिया ने अपनी चपेट में ले लिया है। सांसद के गोद लिए गांव का आलम यह है कि यहां सैकड़ों रोगी बुखार से पीड़ित पाए जा रहे हैं। इन बुखार के
रोगियों की न तो कोई ब्लड स्लाइड बनाने आ रहा है और न ही जांच ही हो रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी राधाकृष्ण से जब इस संबंध में जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि यहां फार्मासिस्टों की हड़ताल के चलते वह अकेले काम देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि एलटी वीरेंद्र और सफाई कर्मचारी आनंद
कुमार यहां कभी-कभार आते हैं, जिससे अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। चिकुनगुनिया पाए जाने वाले मरीजों का कार्ड दिखाते हुए उन्होंने बताया कि इन रोगियों को चिकुनगुनिया की पुष्टि हो गई है। बुखार से पीड़ित रोगी आ जाता है। उसकी ब्लड स्लाइड बनाकर वह बाहर से जांच करा रहे हैं।