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मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत, पीजीआई में ओटी कांप्लेक्स को मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 May 2016 01:50 AM IST
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पीजीआई चंडीगढ़
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यूटी प्रशासन ने पीजीआई में बनने वाले ओटी कांप्लेक्स को मंजूरी दे दी है। नई ओटी कांप्लेक्स निवेदिता हास्टल के सामने व कैरोब्लाक के पीछे बनेगी। ओटी कांप्लेक्स के लिए पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन की पुरानी डिमांड थी। सूत्रों का दावा है कि ओटी कांप्लेक्स में दो दर्जन से अधिक ऑपरेशन थिएटर होंगे।
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सका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। पीजीआई अधिकारियों का कहना है कि ओटी कांप्लेक्स की अब वित्तीय मंजूरी लेनी है। मई के दूसरे हफ्ते स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की मीटिंग है। उसमें इस एजेंडे लाया जाएगा, ताकि इसकी जल्द से जल्द मंजूरी मिल जाए। वित्तीय मंजूरी के बाद इसके निर्माण में कम से कम तीन से पांच साल का वक्त लगेगा।
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पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन लगातार ओटी कांप्लेक्स की मांग करता आया है। मौजूदा समय में नेहरू हास्पिटल के चौथे और पांचवें फ्लोर पर ऑपरेशन थिएटर है। जो काफी पुराने हो गए हैं। हर तीन से चार महीने बाद ओटी में लीकेज की घटनाएं होती हैं। कुछ लाइटें जलती हैं तो कुछ खराब रहती हैं। हर साल ओटी की मरम्मत होती है। मरम्मत के दौरान ओटी को बंद रखा जाता है।
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इससे मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। मरीजों के मुकाबले ओटी की संख्या भी काफी कम है। इससे डाक्टरों को ऑपरेशन थिएटर तक नहीं मिल पाते। जिसकी सिफारिश चलती है, उसे ओटी मिल जाती। पिछले साल फैकल्टी एसोसिएशन ने ओटी की मांग के लिए कई दिन तक धरना दिया। उसके बाद पीजीआई प्रशासन ने प्रपोजल बनाकर यूटी एडमिनिस्ट्रेशन को भेजा था। जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
पीजीआई में हर साल दो लाख सर्जरी होती है। ओटी की संख्या कम होने के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। सर्जरी के लिए मरीजों को छह महीने से अधिक का इंतजार करना पड़ता है। इंतजार के दौरान कई मरीजों की मौत भी हो जाती है। पांच वर्षों में सर्जरी की संख्या में जबरदस्त इजाफा भी हुआ है। 2010 में कुल 90 हजार सर्जरी हुई थी। पीजीआई के अफसरों ने बताया कि स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) की मीटिंग में न्यूरोसाइंस सेंटर, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर और न्यू ओपीडी के रेनोवेशन का मुद्दा भी उठाया जाएगा।
किस साल कितनी सर्जरी
साल बड़ी सर्जरी छोटी सर्जरी कुल सर्जरी
2010 32,000 70,000 1.02 लाख
2011 33,000 91,000 1.25 लाख
2012 34,000 1.21 लाख 1.55 लाख
2013 37,000 1.39 लाख 1.76 लाख
2014 40,000 1.47 लाख 1.87 लाख
2015 42,478 1.59 लाख 2.01 लाख