मणिपुर में नाकाबंदी को खत्म करने की कोशिश नाकाम
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मंगलवार को हुई इस बातचीत से कोई समाधान नहीं निकल पाया, हालात ज्यों को त्यों ही बने हुए हैं। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों से पता चला है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय, राज्य सरकार और यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) के बीच मंगलवार को हुई त्रिपक्षीय बातचीत से कोई समाधान न निकलने के कारण केन्द्र सरकार काफी निराश है।
इस त्रिपक्षीय बातचीत का आयोजन 4 फरवरी को नई दिल्ली में किया गया था और केन्द्र सरकार ने उम्मीद जताई थी कि नाकाबंदी जल्द ही खत्म हो जाएगी। सूत्रों से पता चला है कि पहले राज्य सरकार इस मुद्दे पर सहयोग नहीं कर रही थी और अब यूएनसी के लोग तैयार नहीं हैं।
हालांकि केन्द्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द नाकाबंदी को खत्म करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। अगली बातचीत की तारीख 25 मार्च तय की गई है। बातचीत के दौरान यूएनसी ने कहा कि आचार संहिता भारत सरकार या मणिपुर के राज्यपाल को मणिपुर के प्रति हस्तक्षेप और उनके संवैधानिक दायित्व को पूरा करने से नहीं रोक सकती।
इसलिए प्रेसिडेंसियल काउंसिल को सात नए जिलों के बनने की अस्वीकृति को दोहराते हुए हमारी जमीन हथियाने के कपटी डिजाइन के खिलाफ हमारी लड़ाई को समझना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम ईबोबी सिंह ने मणिपुर में 7 नए जिले बनाए थे, जिससे वहां के लोगों को महंगाई और कई अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके विरोध में ही 1 नवंबर से नागा समूह के लोगों ने वहां नाकाबंदी शुरु कर दी थी।