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धोखाधड़ी मामला: शालीमार के एमडी के गैर जमानती वारंट जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 21 May 2016 01:46 AM IST
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अदालत
- फोटो : file
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शालीमार इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सेक्टर-8सी निवासी आरके अग्रवाल के खिलाफ चल रहे धोखाधड़ी के मामले में जिला अदालत ने उनके गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। केस की पिछली कई सुनवाई में वह हर बार शहर से बाहर होने की दलील दे रहे थे। इस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए यह कार्रवाई की है।
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आरके अग्रवाल को मार्च 2014 में पुलिस ने सेक्टर-9डी निवासी केवल गर्ग की शिकायत पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। उनका कहना था कि 2004 से मार्च 2009 तक उन्होंने शालीमार में 10.20 करोड़ रुपये निवेश किए थे। जून, 2013 में दोनों पक्षों में एक एमओयू साइन हुआ था। इसके अनुसार शिकायतकर्ता और उनका परिवार शॉपिंग मॉल में कमाई और सेल प्रक्रिया में एक-तिहाई का हिस्सा पाने के हकदार होंगे। एमओयू के अनुसार यह भी तय हुआ था कि फेम सिनेमा से मिलने वाला किराया और शेयर्स की कमाई टीडीएस काटकर केवल गर्ग के खाते में जाएगी।
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गर्ग की शिकायत के अनुसार उन्हें कमाई का हिस्सा नहीं दिया गया। साथ ही एमओयू के अनुसार एक ज्वाइंट खाता खोला जाना था, जिसे अग्रवाल और गर्ग इस्तेमाल कर सकते थे। शिकायत के मुताबिक न तो उन्हें खाते की स्टेटमेंट दी गई और न ही कमाई का हिस्सा। सेक्टर-8 में एक बैंक की शाखा में एक खाता खोला गया, जिसे सिर्फ अग्रवाल इस्तेमाल कर रहे थे। इस पर गर्ग को संदेह हुआ कि अग्रवाल के कई खाते हैं और वह शालीमार मॉल की कमाई उनमें डाल रहे हैं और उन्हें ब्लैंक रजिस्टर्ड कवर्स भेज उनसे धोखाधड़ी कर रहे हैं।
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इसके बाद उन्होंने 29 अक्तूबर 2013 को एक ताजा पासबुक जारी करवाई, जिसमें से उनका नाम गायब था। इसे भी शालीमार की कमाई के घपले से जोड़ा गया था। इसके बाद पुलिस ने आरके अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया था। जांच में सामने आया कि कंपनी के खाते में करोड़ों रुपये डाले गए थे, जिन्हें आरोपी ने 11 मार्च, 2014 को निकलवा लिया और 41,275 रुपये ही शेष छोड़े थे।