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कोई मानक नहीं, बस्ती के बीच बिक रहा बारूद

Sun, 09 Oct 2016 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई Updated Sun, 09 Oct 2016 12:15 AM IST
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No standards, between the township selling ammo
गुमटियों में ‌बिक रही आतिशबाजी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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जिला मुख्यालय पर बस्ती के बीच बारूद बेचा जा रहा है। सड़क किनारे तख्त और गुमटियों में और घनी बस्तियों में आतिशबाजी की दुकानें सजी हैं। अफसर इन सड़कों पर रोज निकलते हैं, लेकिन नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई नहीं हैं। प्रशासन की इस लापरवाही से हादसे कभी भी हो सकते हैं।

आतिशबाजी बनाने और बेंचने के लिए घनी आबादी वाले एरिया में अनुमति नहीं है, लेकिन इसके बाद भी शहर में कई दुकानें ऐसे स्थानों पर संचालित हैं। ऐसे में विस्फोट आदि होने पर लोगों की जानमाल को खतरा है। मगर इसके बाद भी अधिकारी दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिले में आतिशबाजी बनाने के 130 लाइसेंस हैं, जिसमें ज्यादातर लाइसेंस धारकों ने नवीनीकरण नहीं कराया है। सदर तहसील क्षेत्र में आतिशबाजी बनाने और बिक्री के लिए 31 लोगों ने लाइसेंस ले रखा हैं। नियमानुसार आतिशबाजी बस्ती के बाहर ही बनाई और बेची जा सकती है। जिला मुख्यालय पर घनी बस्ती के बीच आतिशबाजी की दुकानें हैं।
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छोटा चौराहा, मंगलीपुरवा फाटक, सदर बाजार, मुन्ने मियां चौराहा, मोमिनाबाद और रेलवेगंज में बस्ती के बीच में आतिशबाजी की दुकानें हैं। इनमें कई जगह तख्त और गुमटियों में आतिशबाजी बेची जाती है जबकि आतिशबाजी का कारोबार पक्की दुकानों में ही हो सकता है। खुले में चल रही आतिशबाजी की दुकानों में न ही आग्निशमन यंत्र मौजूद हैं और न ही बालू रखा जाता है। कई जगह तो दुकानें सड़क के किनारे ही लगी हैं। ऐसे दुकानों में हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। सड़क किनारे मानकों को अनदेखी कर लगाई गईं आतिशबाजी की दुकानें आते जाते अधिकारी देखते तो हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
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अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन शुरू
दीपावली पर पटाखों की बिक्री के लिए प्रशासन अस्थायी लाइसेंस जारी करता है। जिले भर से इसके लिए बड़ी संख्या में व्यापारियों ने आवेदन किया है। दीपावली पर जिला मुख्यालय सहित सभी छोटे बड़े  कस्बों में पटाखों की दुकानें लगी हैं।


यह हैं आतिशबाजी बेंचने के नियम
दुकान घनी आबादी वाले क्षेत्र में नहीं खोल सकते।
गोदाम व दुकान पर बैठने वाले सदस्यों का प्रशिक्षित होना जरूरी है।
18 वर्ष से अधिक की उम्र होने पर ही लाइसेंस मिलेगा।
दुकान व गोदाम ग्राउंड फ्लोर पर ही होनी चाहिए।
दुकान पक्के भवन में ही खोली जा सकती है।
दुकान नौ वर्ग मीटर से 25 वर्ग मीटर तक ही हो सकी है।
दुकान तक अग्निशमन की गाड़ियां पहुंचने का रास्ता होना चाहिए।
चिंगारी उत्पन्न करने वाले विद्युत उपकरण, बैट्री, तेल नहीं होने चाहिए।
दुकान से गोदाम अलग व अग्निशमन यंत्र होना चाहिए।
चार फायर बकेट, 100 घन फिट बालू, 200 लीटर पानी होना जरूरी।  

वर्जन
पिछले महीने ही चार्ज लिया है। फिलहाल मुझे शहर में नियमों के खिलाफ आतिशबाजी की दुकानें संचालित होने की जानकारी नहीं है। जानकारी करने के साथ आतिशबाजी की दुकानों का सत्यापन कराएंगे। मानक और शर्तें पूरा न करने वाली आतिशबाजी की दुकानों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मृत्युंजय राम, सिटी मजिस्ट्रेट
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