बागियों सदस्यता पर सुनवाई 23 को, स्पीकर से मांगा जवाब
- विधानसभा स्पीकर को 18 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के निर्देश।
- स्पीकर की ओर से पैरवी करने पहुंचे कपिल सिबल।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाईकोर्ट ने विधानसभा स्पीकर की ओर कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अग्रिम सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तिथि नियत की है।
इसके अलावा कोर्ट ने स्पीकर को 18 अप्रैल तक जवाब देने तथा याचिकाकर्ता को इसका प्रतिशपथ पत्र 22 अप्रैल तक दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बागी विधायकों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता आर्यमन सुंदरम, एल नागेश्वर राव और दिनेश द्विवेदी ने कोर्ट को बताया कि स्पीकर की ओर से आदेश पारित कर उनकी सदस्यता समाप्त करना गलत है। कहा कि बागियों ने पार्टी को नहीं छोड़ा था, वे केवल सरकार के खिलाफ गए थे।
येदियुरप्पा के मामले का दिया हवाला
याचिकाकर्ता की ओर से मामले में कर्नाटक के येदियुरप्पा और सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला दिया गया। इसके अलावा उन्होंने न्यायालय से विधानसभा अध्यक्ष के बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाने की मांग की।
स्पीकर की ओर से पैरवी करने पहुंचे पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की ओर से कहा गया कि स्पीकर की ओर से बागी विधायकों की सदस्यता एकदम सही समाप्त की गई है।
इससे पूर्व भी उन्हें 18 मार्च को शोकॉज नोटिस भी दिया गया था जिसको बागी विधायकों ने कोर्ट में चुनौती दी थी और पूर्व में भी हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।