फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   medical labb

एसआरएल लैब बंद, अब चंदन होगी शुरू

Fri, 06 Apr 2018 01:25 AM IST
jhansi crime branch
jhansi crime branch Updated Fri, 06 Apr 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
medical labb
प्रशासन - फोटो : demo pic
झांसी।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार से अनुबंध खत्म होने के बाद जिला अस्पताल में चल रही एसआरएल लैब बंद हो गई है। इससे मरीजों को जांचें कराने में काफी परेशानी हो रही है। महंगी और विशिष्ट जांचें अस्पताल की पैथालॉजी में नहीं होने के कारण मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। हालांकि, अब सरकार ने चंदन लैब के साथ अनुबंध कर लिया है, जो एक सप्ताह बाद काम शुरू करेगी।
जिला अस्पताल में दिसंबर 2015 में एसआरएल लैब खुली थी। लैब का अनुबंध नवंबर 2017 में प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2018 तक के लिए बढ़ा दिया था। सरकार ने एक अप्रैल से अनुबंध बढ़ाया नहीं। करार खत्म होने के कारण फर्म ने कम समेट लिया। नई फर्म चंदन को अनुबंध मिलने के बाद अभी तक उसने काम शुरू नहीं किया है। इससे मरीजों को विशिष्ट जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी केंद्रों में जाना पड़ रहा है। एसआरएल लैब में थायराइड, टीएलसी-डीएलसी, एचबी-1सी, क्रिटनिन, विटामिन समेत 150 प्रकार की जांचें मुफ्त होती थीं। अब यही जांच बाहर से कराने पर मरीजों को पांच सौ से ढाई हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, एचबीवी डीएनए क्वांटिटेटिव, ब्लीडिंग डिसऑर्डर पैनल, रैपिड ब्लड कल्चर जैसी पांच हजार या उससे अधिक रुपये में हो रही हैं।
विज्ञापन

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि चंदन लैब के अधिकारियों से उन्होंने बात की है। अधिकारियों ने एक सप्ताह बाद काम शुरू करने की बात कही है। शुरूआत में रक्त के सैंपल कानपुर भेजे जाएंगे। एक महीने में चंदन लैब झांसी में ही स्थापित हो जाएगी। इसके बाद झांसी में ही सैंपल की जांच होगी। फिर एक ही दिन में अधिकतर जांचों की रिपोर्ट मिल सकेगी। चंदन लैब भी 150 से अधिक प्रकार की जांचें करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर माह होती थीं चार हजार जांचें
एसआरएल लैब में हर महीने चार हजार से अधिक जांचें होती थीं। हर महीने जांच पर लगभग दस लाख रुपये खर्च होते थे। जांचों का पूरा खर्च विश्व बैंक वहन करता था। जांच का सैंपल लेकर आगरा या गुरुग्राम भेजना पड़ता था। वहां से एक से तीन दिन में जांच रिपोर्ट आती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed