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महिला बंदियों को किया स्वच्छता को लेकर जागरूक
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झज्जर। इंडेप्थ विजन फाउंडेशन व सेवा ट्रस्ट यूके इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में झज्जर जिला कारागार (महिला शाखा) में एक विशेष सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करना, उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना था ताकि वे सजा पूरी करने के उपरांत समाज में एक नई शुरुआत कर सकें।
इस अवसर पर सेवा ट्रस्ट यूके इंडिया की प्रतिनिधि पूनम देसवाल ने मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को तोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने महिला कैदियों को बताया कि मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है, जिसे लेकर शर्म या संकोच की भावना नहीं रखनी चाहिए।
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उन्होंने महिलाओं को सही समय पर सैनिटरी पैड बदलने, साफ-सफाई रखने और संक्रमण से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी। फाउंडेशन की ओर से खुशी ने महिला कैदियों के साथ एक संवादात्मक सत्र का संचालन किया, जिसमें उन्होंने आध्यात्मिक और मानसिक रूप से स्वयं को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
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इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करना, उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना था ताकि वे सजा पूरी करने के उपरांत समाज में एक नई शुरुआत कर सकें।
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इस अवसर पर सेवा ट्रस्ट यूके इंडिया की प्रतिनिधि पूनम देसवाल ने मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को तोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने महिला कैदियों को बताया कि मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है, जिसे लेकर शर्म या संकोच की भावना नहीं रखनी चाहिए।
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उन्होंने महिलाओं को सही समय पर सैनिटरी पैड बदलने, साफ-सफाई रखने और संक्रमण से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी। फाउंडेशन की ओर से खुशी ने महिला कैदियों के साथ एक संवादात्मक सत्र का संचालन किया, जिसमें उन्होंने आध्यात्मिक और मानसिक रूप से स्वयं को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।