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इस्माइलपुर-बादली सड़क जर्जर, वाहन चालकों व पैदल लोगों का निकलना हुआ मुश्किल
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बादली। गांव इस्माइलपुर के मध्य से निकल रही सड़क जर्जर है। नालों का पानी सड़क पर भरा है। इससे लोग परेशान हैं। इस्माइलपुर गांव के साथ-साथ अन्य गांवों के ग्रामीण भी सड़क खस्ता होने से बदहाली झेल रहे हैं। सड़क पर भरा पानी से बदबू आ रही है। वहीं ग्रामीणों ने नालों पर कब्जा कर लिया है और नाले के पुनर्निर्माण कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं। अवैध कब्जों के चलते कई जगह पर नाला दिखाई नहीं देता।
गांव की करीब हजार आबादी वाले इस गांव में समस्याएं बेशुमार हैं लेकिन सड़क पर जलभराव और नालों के ओवरफ्लो होने वाली परेशानी से आसपास के ग्रामीण भी परेशान हैं। सड़क से वाहनों का निकलना दुश्वार हो गया है।
घरों से निकलने वाला पानी सड़क के गढ्डों में ही भरा रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं व बच्चों को होती है जबकि वाहन भी सड़क से नहीं निकल रहे हैं। ग्रामीण ज्ञानेराम, अनिल, नरेश और सुरेश का कहना है कि सड़क पर पानी होने से गांव के शिव मंदिर में आने जाने का रास्ता भी नहीं है।
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वहीं सुरेश और रविंद्र का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों को भी पानी से होते हुए गुजरते हैं। ग्रामीणों ने नालों को ठीक करवाने और सड़क की मरम्मत करवाने की मांग की है। गांव में गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है।
सड़क निर्माण की मांग की है : सरपंच
सरपंच बिरजू रावत का कहना है कि नालों का निर्माण शुरू में सही लेवल से नहीं करवाया गया। फिलहाल पीडब्ल्यूडी की ओर से नालों का निर्माण दिसंबर माह तक पूरा करवाना था जिसमें कुछ लोगों की ओर से किए गए अवैध निर्माण से बाधा आ गई। प्रशासन के सहयोग से 80 फीसदी क्षेत्र से अवैध कब्जा हटवा दिया गया है। सड़क निर्माण की मांग भी की गई है। संवाद
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गांव की करीब हजार आबादी वाले इस गांव में समस्याएं बेशुमार हैं लेकिन सड़क पर जलभराव और नालों के ओवरफ्लो होने वाली परेशानी से आसपास के ग्रामीण भी परेशान हैं। सड़क से वाहनों का निकलना दुश्वार हो गया है।
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घरों से निकलने वाला पानी सड़क के गढ्डों में ही भरा रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं व बच्चों को होती है जबकि वाहन भी सड़क से नहीं निकल रहे हैं। ग्रामीण ज्ञानेराम, अनिल, नरेश और सुरेश का कहना है कि सड़क पर पानी होने से गांव के शिव मंदिर में आने जाने का रास्ता भी नहीं है।
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वहीं सुरेश और रविंद्र का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों को भी पानी से होते हुए गुजरते हैं। ग्रामीणों ने नालों को ठीक करवाने और सड़क की मरम्मत करवाने की मांग की है। गांव में गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है।
सड़क निर्माण की मांग की है : सरपंच
सरपंच बिरजू रावत का कहना है कि नालों का निर्माण शुरू में सही लेवल से नहीं करवाया गया। फिलहाल पीडब्ल्यूडी की ओर से नालों का निर्माण दिसंबर माह तक पूरा करवाना था जिसमें कुछ लोगों की ओर से किए गए अवैध निर्माण से बाधा आ गई। प्रशासन के सहयोग से 80 फीसदी क्षेत्र से अवैध कब्जा हटवा दिया गया है। सड़क निर्माण की मांग भी की गई है। संवाद