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गरीब परिवारों को फ्लैट देने जा रही है हरियाणा सरकार, जानें किसे मिल रहा है फायदा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 12 May 2017 11:30 PM IST
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बीपीएल परिवारों को मिलेगा फ्लैट
- फोटो : Demo Pic
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गरीब परिवारों पर हरियाणा सरकार मेहरबान होने जा रही है। गरीब परिवारों को फ्लैट मिलने जा रहा है। हरियाणा के बीपीएल परिवारों को फ्लैट मुहैया कराने का सिलसिला सरकार शुरू करने जा रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल इंद्रधनुष ऑडिटोरियम सेक्टर-5 पंचकूला से सेक्टर-3, 4 और 4ए पिंजौर-कालका शहरी परिसर में आवास बोर्ड कॉलोनी का उद्घाटन करेंगे।
हरियाणा आवास बोर्ड के अध्यक्ष जवाहर यादव ने बताया कि डीएलएफ होम्स प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस शुदा क्षेत्र में आवास बोर्ड कॉलोनी बनाई गई है। इसमें बीपीएल परिवारों के लिए 458 तीन मंजिला फ्लैट बनकर तैयार हैं। हर फ्लैट का रिहायशी क्षेत्र 300 वर्गफुट है। इसमें दो कमरे, रसोई, शौचालय, सामने और पीछे बरामदा (भूतल मंजिल पर), सामने और पीछे बालकोनियां (पहली और दूसरी मंजिल पर), प्रत्येक फ्लैट की लागत 5.39 लाख से 6.00 लाख रुपये तक है। फ्लैटों के निर्माण पर 2190 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
आवास बोर्ड सभी फ्लैटों के आवंटन पत्र पहले ही जारी कर चुका है और कब्जे दिए जा रहे हैं। बोर्ड ने अब तक 90,548 मकानों का निर्माण किया है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) और एलआईजी परिवारों के लिए 75 प्रतिशत मकान हैं। वर्तमान सरकार ने अक्तूबर 2014 से मार्च 2017 तक 14420 मकानों का निर्माण कराया है। इनमें से 10060 मकान आवंटित किए जा चुके हैं।
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हरियाणा आवास बोर्ड के अध्यक्ष जवाहर यादव ने बताया कि डीएलएफ होम्स प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस शुदा क्षेत्र में आवास बोर्ड कॉलोनी बनाई गई है। इसमें बीपीएल परिवारों के लिए 458 तीन मंजिला फ्लैट बनकर तैयार हैं। हर फ्लैट का रिहायशी क्षेत्र 300 वर्गफुट है। इसमें दो कमरे, रसोई, शौचालय, सामने और पीछे बरामदा (भूतल मंजिल पर), सामने और पीछे बालकोनियां (पहली और दूसरी मंजिल पर), प्रत्येक फ्लैट की लागत 5.39 लाख से 6.00 लाख रुपये तक है। फ्लैटों के निर्माण पर 2190 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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आवास बोर्ड सभी फ्लैटों के आवंटन पत्र पहले ही जारी कर चुका है और कब्जे दिए जा रहे हैं। बोर्ड ने अब तक 90,548 मकानों का निर्माण किया है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) और एलआईजी परिवारों के लिए 75 प्रतिशत मकान हैं। वर्तमान सरकार ने अक्तूबर 2014 से मार्च 2017 तक 14420 मकानों का निर्माण कराया है। इनमें से 10060 मकान आवंटित किए जा चुके हैं।
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