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गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 27 Mar 2016 01:35 AM IST
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पुलिस
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गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर बम निरोधक दस्ते के साथ पहुंचे एसपी (सिटी) ने मंदिर परिसर की तलाशी ली लेकिन कुछ मिला नहीं। धमकी इंटरनेट कॉल के जरिए कुशीनगर के कप्तानगंज के सर्राफ के मोबाइल पर दी गई थी।
गूगल पर सर्राफ का नंबर गोरखनाथ थाने के नाम से सेव है। कुशीनगर के कप्तानगंज के वार्ड नंबर सात में रहने वाले सर्राफ विपुल खेतान का मोबाइल नंबर गलती से गूगल पर गोरखनाथ थाने के नाम से दर्ज है।
शनिवार की दोपहर 3:01, 3:07, 3:08 से इंटरनेट से कॉल फोन करने वाले ने अंग्रेजी में बात करते हुए गोरखनाथ मंदिर में बम रखे जाने के साथ ही कुछ देर में विस्फोट होने की सूचना दी। विपुल ने फोन करने वाले का नाम, पता पूछा तो उसने बताने से इन्कार कर दिया। विपुल ने अपने नंबर को थाने का नंबर न होने की जानकारी दी और फोन करने वाले से आईजी, डीआईजी के पास फोन करने के लिए कहा, जिसके बाद उसने फोन काट दिया। मामले की जानकारी सर्राफ ने तुरंत एसपी कुशीनगर को देने के साथ ही व्हाट्सएप से तहरीर की कॉपी भेज दी। एसपी कुशीनगर के बताने पर उन्होंने एसएसपी गोरखपुर को मामले की जानकारी दी। शाम साढ़े चार बजे एसपी (सिटी) हेमराज मीना, सीओ गोरखनाथ, एसओ गोरखनाथ बम निरोधक दस्ते और फोर्स के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने महंत आदित्यनाथ को पूरे मामले की जानकारी देने के साथ ही मंदिर परिसर की चेकिंग कराई लेकिन कुछ मिला नहीं। पुलिस सर्राफ के मोबाइल पर इंटरनेट कॉल से फोन करने वाले के बारे में छानबीन कर रही है। इस संबंध में एसएसपी अनंत देव ने बताया कि इंटरनेट से कप्तानगंज के सर्राफ के मोबाइल पर फोन कर किसी ने गोरखनाथ मंदिर में बम होने की सूचना दी थी। मंदिर परिसर की तलाशी कराई गई लेकिन कुछ मिला नहीं।
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तीन महीने से परेशान है सर्राफ
गूगल पर अपना मोबाइल नंबर गोरखनाथ थाना के नाम से सेव होने के कारण सर्राफ विपुल खेतान तीन
महीने से परेशान हैं। उनके नंबर पर लोग फोन कर अपनी परेशानी बताते हैं। दिसंबर 2015 में उन्होंने मामले की जानकारी आईजी, डीआईजी के साथ ही एसपी कुशीनगर को दी लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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गूगल पर सर्राफ का नंबर गोरखनाथ थाने के नाम से सेव है। कुशीनगर के कप्तानगंज के वार्ड नंबर सात में रहने वाले सर्राफ विपुल खेतान का मोबाइल नंबर गलती से गूगल पर गोरखनाथ थाने के नाम से दर्ज है।
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शनिवार की दोपहर 3:01, 3:07, 3:08 से इंटरनेट से कॉल फोन करने वाले ने अंग्रेजी में बात करते हुए गोरखनाथ मंदिर में बम रखे जाने के साथ ही कुछ देर में विस्फोट होने की सूचना दी। विपुल ने फोन करने वाले का नाम, पता पूछा तो उसने बताने से इन्कार कर दिया। विपुल ने अपने नंबर को थाने का नंबर न होने की जानकारी दी और फोन करने वाले से आईजी, डीआईजी के पास फोन करने के लिए कहा, जिसके बाद उसने फोन काट दिया। मामले की जानकारी सर्राफ ने तुरंत एसपी कुशीनगर को देने के साथ ही व्हाट्सएप से तहरीर की कॉपी भेज दी। एसपी कुशीनगर के बताने पर उन्होंने एसएसपी गोरखपुर को मामले की जानकारी दी। शाम साढ़े चार बजे एसपी (सिटी) हेमराज मीना, सीओ गोरखनाथ, एसओ गोरखनाथ बम निरोधक दस्ते और फोर्स के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने महंत आदित्यनाथ को पूरे मामले की जानकारी देने के साथ ही मंदिर परिसर की चेकिंग कराई लेकिन कुछ मिला नहीं। पुलिस सर्राफ के मोबाइल पर इंटरनेट कॉल से फोन करने वाले के बारे में छानबीन कर रही है। इस संबंध में एसएसपी अनंत देव ने बताया कि इंटरनेट से कप्तानगंज के सर्राफ के मोबाइल पर फोन कर किसी ने गोरखनाथ मंदिर में बम होने की सूचना दी थी। मंदिर परिसर की तलाशी कराई गई लेकिन कुछ मिला नहीं।
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तीन महीने से परेशान है सर्राफ
गूगल पर अपना मोबाइल नंबर गोरखनाथ थाना के नाम से सेव होने के कारण सर्राफ विपुल खेतान तीन
महीने से परेशान हैं। उनके नंबर पर लोग फोन कर अपनी परेशानी बताते हैं। दिसंबर 2015 में उन्होंने मामले की जानकारी आईजी, डीआईजी के साथ ही एसपी कुशीनगर को दी लेकिन समाधान नहीं हुआ।