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Rajasthan: सेक्स स्कैंडल में गहलोत विलेन, केंद्रीय मंत्री रहते SP से मिले थे, पूर्व मंत्री गुढ़ा का संगीन आरोप
Tue, 25 Jul 2023 11:50 AM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:50 AM IST
सार
बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने बेहद गंभीर और विवादास्पद आरोप लगाया कि अजमेर में साल 1992 में हुए सेक्स और ब्लैकमेलिंग कांड में अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई नेता शामिल हैं।
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बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने लगाए संगीन आरोप।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा सीएम गहलोत और कांग्रेस सरकार पर आफत बनकर टूट पड़े हैं। पूर्व दावा करने के बाद सोमवार को जो लाल डायरी राजेंद्र गुढ़ा ने विधानसभा सदन में लहराई और हंगामे के कारण बार-बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। उसे सरकार के मंत्रियों-विधायकों द्वारा छीनने का दावा राजेंद्र गुढ़ा ने किया है। साथ ही बड़ा आरोप सीएम गहलोत पर लगाया है कि वो अजमेर सेक्स स्कैंडल कांड में विलेन रहे थे। गुढ़ा ने सवाल उठाते हुए कहा कि गहलोत केंद्रीय कपड़ा मंत्री रहते प्रोटोकॉल तोड़कर एसपी से मिलने क्यों गए थे?
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राजेन्द्र गुढ़ा का आरोप है कि जो लाल डायरी वो विधानसभा के पटल पर रखकर टेबल करना चाहते थे, ताकि रिकॉर्ड पर आ सके, उसे कांग्रेस सरकार के मंत्रियों ने मारपीट कर छीन लिया। उस डायरी में 2-5 करोड़ नहीं करीब 500 करोड़ के लेनदेन का हिसाब था। जिसके और भी पार्ट उनके पास मौजूद हैं। गुढ़ा ने यह भी कहा डायरी के और पार्ट भी आएंगे।
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गुढ़ा ने कहा- लाल डायरी में सीएम अशोक गहलोत, उनके बेटे और आरसीए के अध्यक्ष वैभव गहलोत समेत कई कांग्रेसी नेताओं के राज छिपे हैं। राज्यसभा चुनाव के समय लेनदेन का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा सीएम ही गृहमंत्री हैं, सब उनका किया धरा है। लाल डायरी किसने लिखी थी, सवाल के जवाब में उन्होंने धर्मेंद्र राठौड़ का नाम लिया। जिनके फ्लैट पर ईडी-इनकम टैक्स ने छापा मारा था।
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सरकार बचाने के लिए विधायकों को कितना मोटा धन दिया गया, वो सब कुछ लाल डायरी में लिखा है। लाल डायरी में आरसीए और क्रिकेट के लेन देन का हिसाब, बीजेपी विधायकों की खरीद फरोख्त का हिसाब है, तभी बीजेपी के हवाई जहाज राजस्थान से सियासी संकट के वक्त खाली लौटे थे। गुढ़ा ने कहा कि सीएम कोई राजा हरिशचन्द्र नहीं हैं। सब उन्हीं के इशारे पर हुआ है। अपना भेद खुलने के डर से मुझसे विधानसभा में सरकार के मंत्रियों ने घेरकर और मेरे ऊपर गिरकर लात घूंसे मारे और मारपीट कर लाल डायरी छीन ली , लेकिन उसके और पार्ट मेरे पास हैं।
बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने बेहद गंभीर और विवादास्पद आरोप लगाया कि अजमेर में साल 1992 में हुए सेक्स और ब्लैकमेलिंग कांड में अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई नेता शामिल हैं। गुढ़ा ने यह भी दावा किया कि 92 के अजमेर सेक्स स्कैंडल में खुद अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई नेताओं के दामन पर काले दाग हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सब नेताओं का नार्को टेस्ट होना चाहिये, ये लोग महिला अत्याचार और दुष्कर्म में घिरे हुए हैं। मंत्रिपरिषद में बड़े बड़े नेता इसमें शामिल हैं। लेकिन सत्ता की ताकत के कारण इन्हें सुरक्षा का घेरा मिला हुआ है, जिस कारण ये बच जाते हैं।
गुढ़ा ने अजमेर सेक्स स्कैंडल में कांग्रेस के कई नेताओं समेत खुद अशोक गहलोत की भूमिका होने का आश्चर्यजनक दावा किया। उनके अनुसार सारे हमारे कांग्रेसी नेता ही उस कांड में शामिल थे। गुढ़ा ने कहा उसी कांड पर अजमेर 92 फिल्म बनी है, वो आरोपी कांग्रेस नेताओं पर ही बनी है।
क्या है अजमेर 92 कांड ?
साल 1992 के दौरान अजमेर दरगाह के खादिमों द्वारा सोफिया स्कूल की कई लड़कियों को अपने फॉर्म हाउस में ले जाकर उनके साथ गैंगरेप किया गया था। चिश्ती परिवार के सदस्यों पर भी गंभीर आरोप इस कांड में लगे थे। इस सिलसिलेवार सेक्स और ब्लैकमेलिंग कांड के जाल में फंसी 200 से 300 लड़कियों से सामूहिक बलात्कार हुआ था। न्यूड और अश्लील फोटोग्राफ्स खींचकर नाबालिग और बालिग स्कूल-कॉलेज की लड़कियों को बड़े स्तर पर हवस का शिकार बनाया गया था। तब मामले में अजमेर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष समेत कई बड़े नेताओं के नाम सामने आये थे।
इस दौरान स्वर्गीय भैरों सिंह शेखवात सीएम थे। इस कांड के बाद देशभर में हंगामा मच गया था, कई आरोपियों को पकड़ा गया था और साम्प्रदायिक दंगे होने की नौबत आ गई थी। उस कांड की कई पीड़िताएं आज भी नारकीय जीवन जी रही हैं।
इस भयानक कांड के कुछ ही आरोपियों को सजा हुई। कम सजा होने को लेकर भी सवाल उठते रहते हैं। प्रदेश के लिए सबसे शर्मनाक कांड पर आज भी राजनीति हो रही है, लेकिन पीड़िताओं को अब तक पूर्ण न्याय नहीं मिल सका है। अब फ़िल्म बनने के बाद गुढ़ा ने उस कांड में अशोक गहलोत का नाम लेकर सियासत गरमा दी है।
राजेंद्र गुढ़ा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेताओं का नार्को टेस्ट करवाया जायेगा तो सभी आरोपी जेल जायेंगे। गुढ़ा ने मंत्री महेश जोशी पर भी कई आरोप लगाए और उनके बेटे पर भी पिछले साल शादी का झांसा देकर एक लड़की के शोषण के मामले को फिर उठाया। जो मामला कोर्ट में पेंडिंग है।
सचिन पायलट की चुप्पी पर सवाल ?
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, ना तो वह अब गहलोत सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं, ना राजेंद्र गुढ़ा के पक्ष में उतर पा रहे हैं । 15 मई 2023 को जयपुर में भांकरोटा में पायलट की सभा हुई थी। तब मंच से राजेंद्र गुढ़ा ने कहा था कि शांति धारीवाल और अशोक गहलोत सरकार के भ्रष्टाचार के सारे सबूत उनके पास हैं। सरकार संकट में थी, तब कितने करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ था, उसके सबूत उनके पास हैं।
इसलिए माना जा रहा है कि अगर, वास्तव में राजेंद्र गुढ़ा के पास लाल डायरी का राज है, तो सचिन पायलट को भी इसकी जानकारी होगी। लेकिन पिछले दिनों सचिन पायलट ने जिस तरह सभी को चौंकाते हुए कांग्रेस आलाकमान के साथ समझौता किया था, वह बात आज तक पायलट समर्थकों और जनता को हजम नहीं हो पा रही है।
दूसरी और राजेंद्र गुढ़ा यह भी कह रहे हैं क्या अब अशोक गहलोत के साथ मिलकर काम करने का मन नहीं है और सचिन पायलट युवा नेता है, उनका भविष्य है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं सचिन पायलट और राजेंद्र गुढ़ा के बीच भीतरखाने क्या खिचड़ी पक रही है। परदे के पीछे के खेल को समझने में तमाम सियासी दिग्गज और रणनीतिकार भी उलझे हुए हैं।
बहरहाल, लाल डायरी को राजेंद्र गुढ़ा को सदन में टेबल नहीं करने दिया गया। उनको उठाकर मार्शलों के ज़रिए सदन से बाहर निकाल दिया गया। इसके करीब दो घंटे बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो सरकार ने राजेंद्र सिंह गुढ़ा और भाजपा विधायक मदन दिलावर को बाकी सत्र से निलंबित करवा दिया। सरकार ने इस दौरान अपने सभी विधेयक पास करवा लिए और साथ ही 4 संकल्प पारित करवाए और दोनों विधायकों को निलंबित करने के बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 2 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन का सत्रावसान क्यों नहीं किया? यह भी बड़ा सवाल है। क्या सरकार को विधायकों की बगावत होने और बहुमत साबित करने के लिए सत्र बुलाने पर राज्यपाल की भूमिका का डर है। जिसका अनुभव गहलोत सरकार पहले भी कर चुकी है।