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आखिरी जलाभिषेक के लिए उमड़े श्रद्धालु
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 15 Aug 2016 01:57 AM IST
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श्ाहर में उमड़ा कांवरियाों का हुजूम।
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सावन के चौथे और आखिरी सोमवार के जलाभिषेक के लिए बाबा विश्वनाथ से लेकर मारकंडेय महादेव तक भक्तों का रेला उत्सवी रंग में रंग गया है। बड़ी तादाद में कांवरिए जहां शिविरों में कैंप कर रहे हैं, वहीं सौ से अधिक डाक बम भक्तों के समूह दौड़ते हुए बाबा के दरबार पहुंचे। झांकियां सजाकर सैकड़ों बच्चे, महिलाएं और युवा अदलपुरा की शीतला के दरबार में हाजिरी लगाने शाम को निकल पड़े। रविवार की देर रात तक चितरंजन पार्क, सिंधी धर्मशाला और रथयात्रा के काशी कांवरिया शिविर हजारों भक्तों ने डेरा डाल दिया। देर रात बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों की कतार लग गई। मंगला आरती के बाद पट खुलने के साथ ही तार बजे भोर से जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
सावन की फुहारों के बीच रात को सड़कों के डिवाइडरों पर भी बोल बम के जयकारे लगाते कांवरिए कतारबद्ध आसन लगाए भी दिखे। मंडुवाडीह से महमूरगंज होते हुए रथयात्रा पर काशी कांवरिया शिविर के संचालक गोपाल सिंह करीब 20 से अधिक सेवादारों के साथ भक्तों की सेवा में जुटे रहे तो भजनों के बोल पर नाचने का भी दौर चला।
बाबा विश्वनाथ की नगरी में सावन के चौथे और आखिरी सोमवार के जलाभिषेक के लिए रविवार को ही उत्सव जैसा माहौल बन गया। पूर्वांचल समेत पड़ोसी राज्यों से बड़ी तादाद में भक्त काशी उमड़ पड़े हैं। होटल, धर्मशालाओं में जगह नहीं है। दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क तक तो तिल रखने की जगह नहीं बची है। हर हर महादेव और बोल कांवरिया बोल बम के जयकारे दिन भर गूंजते रहे। पार्क परिसर में कांवर रखने की जगह नहीं बची। शिव शक्ति कांवरिया भक्त तीर्थयात्री सेवा समिति के कार्यकर्ता नंगे पांव लंबी दूरी तय करने से घायल हुए कांवरियों का उपचार कराने के साथ ही उनकी सेवा जुटे नजर आए। लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला में ग्राउंड फ्लोर से लेकर छत तक कांवरियों से पटे रहे।
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सावन के आखिरी सोमवार की पूर्व संध्या पर शहर में अलग-अलग संगठनों की ओर से शोभायात्राएं निकाल कर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया गया। बाबा के दरबार में भक्त झांकियां सजाकर नाचते -गाते पहुंचे। शिवपुर स्थित महादेव मंदिर (रामलीला मैदान) से विश्वेश जलाभिषेक मंडल की जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। शिवपुर से निकली जलाभिषेक यात्रा कचहरी, तेलियाबाग, लहुराबीर, मैदागिन, बांसफाटक होते हुए विश्वनाथ मंदिर पहुंची। आगे -आगे दो घुड़सवार पताका लेकर चल रहे थे। पीछे विशाल हिम शिवलिंग की झांकी थी। संतोष मिश्रा, अमर शर्मा, विनोद मिश्रा, पृथ्वीनाथ शर्मा, अजय केशरी, गोलू जायसवाल, त्रिलोकी सेठ, अजय यादव, राम दुलार गौतम समेत सैकड़ों लोग शामिल थे। इसी तरह अखिल भारतीय गोंड़ आदिवासी संघ की ओर से ईष्ट बड़ादेव और बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया गया। आदिवासियों ने शीतला घाट पर रीति रिवाज से पूजा की। इसके बाद शोभायात्रा निकलाकर बाबा के दरबार पहुंचे। शोभायात्रा में बजरंग प्रसाद गोंड़, अमरनाथ गोंड़, सूर्य कुमार गोंड़, दीपक गोंड़, मनोज कुमार गोंड़ समेत तमाम लोग शामिल थे। उधर, वरुणा क्षेत्र व्यापार मंडल की ओर से भी बाबा विश्वनाथ की कलश जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। वरुणा क्षेत्र व्यापार मंडल के महामंत्री शोभनाथ विश्वकर्मा की अगुवाई में भक्त निकले। गोदौलिया पर दशाश्वमेध व्यापार मंडल के नारायण खेमका, अशोक जायसवाल, सुरेश तुलस्यान ने फूलों से स्वागत किया।
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सावन की फुहारों के बीच रात को सड़कों के डिवाइडरों पर भी बोल बम के जयकारे लगाते कांवरिए कतारबद्ध आसन लगाए भी दिखे। मंडुवाडीह से महमूरगंज होते हुए रथयात्रा पर काशी कांवरिया शिविर के संचालक गोपाल सिंह करीब 20 से अधिक सेवादारों के साथ भक्तों की सेवा में जुटे रहे तो भजनों के बोल पर नाचने का भी दौर चला।
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बाबा विश्वनाथ की नगरी में सावन के चौथे और आखिरी सोमवार के जलाभिषेक के लिए रविवार को ही उत्सव जैसा माहौल बन गया। पूर्वांचल समेत पड़ोसी राज्यों से बड़ी तादाद में भक्त काशी उमड़ पड़े हैं। होटल, धर्मशालाओं में जगह नहीं है। दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क तक तो तिल रखने की जगह नहीं बची है। हर हर महादेव और बोल कांवरिया बोल बम के जयकारे दिन भर गूंजते रहे। पार्क परिसर में कांवर रखने की जगह नहीं बची। शिव शक्ति कांवरिया भक्त तीर्थयात्री सेवा समिति के कार्यकर्ता नंगे पांव लंबी दूरी तय करने से घायल हुए कांवरियों का उपचार कराने के साथ ही उनकी सेवा जुटे नजर आए। लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला में ग्राउंड फ्लोर से लेकर छत तक कांवरियों से पटे रहे।
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सावन के आखिरी सोमवार की पूर्व संध्या पर शहर में अलग-अलग संगठनों की ओर से शोभायात्राएं निकाल कर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया गया। बाबा के दरबार में भक्त झांकियां सजाकर नाचते -गाते पहुंचे। शिवपुर स्थित महादेव मंदिर (रामलीला मैदान) से विश्वेश जलाभिषेक मंडल की जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। शिवपुर से निकली जलाभिषेक यात्रा कचहरी, तेलियाबाग, लहुराबीर, मैदागिन, बांसफाटक होते हुए विश्वनाथ मंदिर पहुंची। आगे -आगे दो घुड़सवार पताका लेकर चल रहे थे। पीछे विशाल हिम शिवलिंग की झांकी थी। संतोष मिश्रा, अमर शर्मा, विनोद मिश्रा, पृथ्वीनाथ शर्मा, अजय केशरी, गोलू जायसवाल, त्रिलोकी सेठ, अजय यादव, राम दुलार गौतम समेत सैकड़ों लोग शामिल थे। इसी तरह अखिल भारतीय गोंड़ आदिवासी संघ की ओर से ईष्ट बड़ादेव और बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया गया। आदिवासियों ने शीतला घाट पर रीति रिवाज से पूजा की। इसके बाद शोभायात्रा निकलाकर बाबा के दरबार पहुंचे। शोभायात्रा में बजरंग प्रसाद गोंड़, अमरनाथ गोंड़, सूर्य कुमार गोंड़, दीपक गोंड़, मनोज कुमार गोंड़ समेत तमाम लोग शामिल थे। उधर, वरुणा क्षेत्र व्यापार मंडल की ओर से भी बाबा विश्वनाथ की कलश जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। वरुणा क्षेत्र व्यापार मंडल के महामंत्री शोभनाथ विश्वकर्मा की अगुवाई में भक्त निकले। गोदौलिया पर दशाश्वमेध व्यापार मंडल के नारायण खेमका, अशोक जायसवाल, सुरेश तुलस्यान ने फूलों से स्वागत किया।