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मछुआरों को नहीं पता था कि आज जाल में मछली की जगह ये फंस जाएगा

Sat, 28 Oct 2017 10:42 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 28 Oct 2017 10:42 AM IST
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Crocodile Came out trapped into fishing net
निचली गंग नहर पुल पर जाल में फंसा मगरमच्छ।
उत्तर प्रदेश के बिल्हौर जिले में मछली पकड़ने गए मछुआरों को बिल्कुल भी नहीं पता था कि आज उनके जाल में मछली की जगह एक पांच फीट का मगरमच्छ फंस जाएगा। काफी जद्दोजहद के बाद वे उसे काबू कर पाए। इस पूरे वाकये में एक मछुआरे की जान बाल-बाल बची। मगरमच्छ के निकलने से आस-पास की बस्तियों के लोग खौफजदा हैं। 
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क्षेत्र के ककवन कस्बे के पास से निकली निचली गंग नहर में एकाएक करीब पांच फिट लंबा मगरमच्छ मछुआरे के जाल में फंसने और उसके एक मछुआरे को चबाने की कोशिश करने पर अफरा-तफरी मच गई। नहर में मगरमच्छ आने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। माके पर पहुंचे वनकर्मियों ने जैसे-तैसे मगरमच्छ पर काबू किया और उसे कानपुर ले गए। 
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निचली गंग नहर पटरी पुल पर जाल बांधकर मछलियां पकड़ते हैं

Crocodile Came out trapped into fishing net
डेमो पिक
ककवन कस्बा निवासी राधेश्याम बाथम मत्स्य विभाग द्वारा अधिकृत मछुआर है। राधेश्याम अपने पुत्र मुनेश, गोरेलाल, भैया लाल, विनोद सहित राजू आदि के साथ रोजाना निचली गंग नहर पटरी पुल पर जाल बांधकर मछलियां पकड़ते हैं। गुरुवार शाम मछलियां पकड़ रहे मुनेश बाथम के जाल में एकाएक तेज हलचल होने लगी। जब जाल उठाकर देखा तो इसमें एक मगरमच्छ था जिसने उसके पैरों को चबाने की कोशिश की। एकाएक मगरमच्छ के हमले से घबराए मछुआरे ने खुद को बचाया और आनन-फानन यूपी 100 पर मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। अंधेरा होने के मौके से सभी पुलिस कर्मी वन विभाग को सूचना देकर चले गए। इस दौरान मगरमच्छ जान में फंसा रहा। शुक्रवार सुबह कानपुर से ककवन पहुंचे वन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को जाल से निकाला और काबू किया। बाद में इसे लोडर में लादकर चिड़ियाघर ले गए।  

 

नहर के आसपास घनी बस्तियां 

Crocodile Came out trapped into fishing net
डेमो पिक
बिल्हौर। निचली गंग नहर के ककवन ब्लॉक मुख्यालय सहित क्षेत्र के कई घनी आबादी वाले गांवों से गुजरी है। आसपास के रिक्खापुरवा, ककवन, उठ्ठा, मनावा, कुरेह, खरपतपुर, न्यूराखेड़ा, हालामाऊ, मद्दपुर, गढ़ेवा आदि गांवों के लोग हर समय नहर के आसपास बच्चों के साथ आते जाते हैं। वहीं, बड़ी मात्रा में चरवाहे, पशुपालक जानवरों को पानी पिलाने के लिए रात में भी नहर पर पहुंचते हैं। मगरमच्छ निकलने से ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। 
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