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एशियन गेम्स में जीतने वाली ज्योति रमावत का आज होगा भव्य स्वागत
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-फोटो 95 : ज्योति रमावत।
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली कुलासी गांव की बेटी ज्योति रमावत का वीरवार को गांव में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। ज्योति का परिवार करीब 35 वर्ष पहले कुलासी से सोनीपत चला गया था, लेकिन गांव से उनका जुड़ाव बना रहा। उनकी उपलब्धि पर गांव में खुशी का माहौल है।
वीरवार को ज्योति के गांव पहुंचने पर कानोंदा मोड़ पर ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया जाएगा। इसके बाद उन्हें गाड़ी से गांव की वाटिका तक ले जाया जाएगा, जहां ग्रामीण सम्मान समारोह आयोजित करेंगे। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन होगा।
ज्योति वर्ष 2019 में सीनियर भारतीय टीम में पदार्पण कर चुकी हैं और डिफेंडर के रूप में खेलती हैं। उन्होंने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप, कॉमनवेल्थ गेम्स और हॉकी नेशन्स कप सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
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पिता के निधन के बाद मां ने संभाला
ज्योति के पिता नरेंद्र सिंह का दुर्घटना में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां ने परिवार चलाने के साथ बेटी की पढ़ाई और खेल का खर्च उठाया। पूर्व भारतीय कप्तान एवं द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच प्रीतम रानी सिवाच ने ज्योति की प्रतिभा पहचानकर उनकी फीस और हॉकी प्रशिक्षण का खर्च उठाने में मदद की।
हॉकी लीग में भी चमकीं
वर्ष 2026 में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 2023 और 2024 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भी स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 2025 में ज्योति जेएसडब्ल्यू सोरमा हॉकी क्लब की ओर से विमेंस हॉकी इंडिया लीग में खेलीं और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुनी गईं।
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-फोटो 95 : ज्योति रमावत।
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बहादुरगढ़। जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली कुलासी गांव की बेटी ज्योति रमावत का वीरवार को गांव में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। ज्योति का परिवार करीब 35 वर्ष पहले कुलासी से सोनीपत चला गया था, लेकिन गांव से उनका जुड़ाव बना रहा। उनकी उपलब्धि पर गांव में खुशी का माहौल है।
वीरवार को ज्योति के गांव पहुंचने पर कानोंदा मोड़ पर ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया जाएगा। इसके बाद उन्हें गाड़ी से गांव की वाटिका तक ले जाया जाएगा, जहां ग्रामीण सम्मान समारोह आयोजित करेंगे। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन होगा।
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ज्योति वर्ष 2019 में सीनियर भारतीय टीम में पदार्पण कर चुकी हैं और डिफेंडर के रूप में खेलती हैं। उन्होंने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप, कॉमनवेल्थ गेम्स और हॉकी नेशन्स कप सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
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पिता के निधन के बाद मां ने संभाला
ज्योति के पिता नरेंद्र सिंह का दुर्घटना में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां ने परिवार चलाने के साथ बेटी की पढ़ाई और खेल का खर्च उठाया। पूर्व भारतीय कप्तान एवं द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच प्रीतम रानी सिवाच ने ज्योति की प्रतिभा पहचानकर उनकी फीस और हॉकी प्रशिक्षण का खर्च उठाने में मदद की।
हॉकी लीग में भी चमकीं
वर्ष 2026 में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 2023 और 2024 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भी स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 2025 में ज्योति जेएसडब्ल्यू सोरमा हॉकी क्लब की ओर से विमेंस हॉकी इंडिया लीग में खेलीं और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुनी गईं।
-फोटो 95 : ज्योति रमावत।