{"_id":"9609","slug":"Chandigarh-9609-54","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन चलाए निजी स्कूलों के बच्चों के लिए बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन चलाए निजी स्कूलों के बच्चों के लिए बसें
Chandigarh
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को सुझाव दिया है कि प्रशासन सरकारी स्कूलों के बच्चाें के लिए शुरू की जा रही बस सेवा का लाभ निजी स्कूलों के बच्चों को भी दे। ट्रैफिक की रेगुलर सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव भल्ला ने कहा कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) द्वारा हाल ही में बंद की गई लंबे रूट की बसों को इसके इस्तेमाल में लाया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि शहर में मध्यमवर्गीय परिवाराें और निम्न मध्यमवर्गीय परिवाराें की संख्या सबसे ज्यादा है। लिहाजा, इस सुविधा का फायदा ऐसे हजाराें परिवारों के बच्चाें को होगा।
मामले की सुनवाई के दौरान यूटी के सीनियर स्टेंडिंग काउंसिल संजय कौशल ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक करेंगे और इसकी रिपोर्ट अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट में पेश कर देंगे। उन्होंने स्कूल बसों की विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की, लेकिन तथ्याें की गड़बड़ी के कारण खंडपीठ ने उसे लौटा दिया। जस्टिस भल्ला ने कहा कि एक ही शहर में योजनाओं के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए वर्गीकरण करना गलत है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस सुविधा को सभी के लिए शुरू करे, जिससे प्रत्येक वर्ग के परिवार को इसकी सुविधा मिल सके। सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा के काउंसलराें ने कहा कि राज्याें में स्कूल बस सुविधा शुरू की जा चुकी है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि क्याें न निजी कमिश्नरों को नियुक्त कर इसे चेक करवाया जाए। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक इस संबंध में जवाब देने के निर्देश जारी किए हैं।
...................................................................................................
लेनिंग के लिए जागरूकता अभियान जरूरी
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि शहर की सड़काें पर की गई लेनिंग की व्यवस्था जानकारी के आभाव के कारण कारगर सिद्ध नहीं हो पा रही है। इस पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिए कि लेनिंग पर जागरूकता के लिए अभियान छेड़ना जरूरी है। साथ ही, सूचना पट्टियों की ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे हर कोई इस व्यवस्था के अनुरूप चले। हाईकोर्ट ने हाईवे पर खराब पड़े सभी सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराने के निर्देश भी जारी किए हैं।
विज्ञापन
...................................................................................................
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के दौरान यूटी के सीनियर स्टेंडिंग काउंसिल संजय कौशल ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक करेंगे और इसकी रिपोर्ट अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट में पेश कर देंगे। उन्होंने स्कूल बसों की विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की, लेकिन तथ्याें की गड़बड़ी के कारण खंडपीठ ने उसे लौटा दिया। जस्टिस भल्ला ने कहा कि एक ही शहर में योजनाओं के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए वर्गीकरण करना गलत है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस सुविधा को सभी के लिए शुरू करे, जिससे प्रत्येक वर्ग के परिवार को इसकी सुविधा मिल सके। सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा के काउंसलराें ने कहा कि राज्याें में स्कूल बस सुविधा शुरू की जा चुकी है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि क्याें न निजी कमिश्नरों को नियुक्त कर इसे चेक करवाया जाए। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक इस संबंध में जवाब देने के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
...................................................................................................
लेनिंग के लिए जागरूकता अभियान जरूरी
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि शहर की सड़काें पर की गई लेनिंग की व्यवस्था जानकारी के आभाव के कारण कारगर सिद्ध नहीं हो पा रही है। इस पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिए कि लेनिंग पर जागरूकता के लिए अभियान छेड़ना जरूरी है। साथ ही, सूचना पट्टियों की ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे हर कोई इस व्यवस्था के अनुरूप चले। हाईकोर्ट ने हाईवे पर खराब पड़े सभी सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराने के निर्देश भी जारी किए हैं।
विज्ञापन
...................................................................................................