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बुकनाला सादात और डोंडी में तेंदुआ के अंदेशे में डर रहे लोग
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:53 AM IST
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ओबरी/संभल। असमोली क्षेत्र के बुकनाला सादात के बाद शनिवार की सुबह डोंडी के जंगल में मिले शिकार के अवशेषों से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों में दहशत के चलते अकेले खेतों पर जाना छोड़ दिया है। जबकि गुरुवार की देर शाम तेंदुए को बेला गांव के जंगल में असमोली मिल की तरफ जाते देखा गया था।
असमोली थाना इलाके के बुकनालासादात गांव में पंद्रह दिन से तेंदुआ के अंदेशे में लोग डरे हुए हैं। बुधवार को डोंडी गांव के कई लोगों ने मढन गांव से लौटते समय चीता देखने का दावा किया था। तभी बुकनाला सादात के कई किसानों को गांव के समीप ही एक खेत में नीलगाय के अवशेष मिले थे। वहीं बेला गांव के जंगल में खेतों में काम कर रहे किसानों ने गुरुवार को देर शाम जानवर को दक्षिण दिशा में असमोली मिल की तरफ जाते हुए एक चीता देखने का दावा किया था। शनिवार की सुबह डोंडी गांव में जंगली जानवर द्वारा नीलगाय का शिकार जाने की बात सामने आई है। जानवर के अवशेष मिलने के बाद से ग्रामीणों में डर है। किसान बुद्धा सिंह ने बताया कि ऐसा लगता है कि किसी जंगली जानवर ने दो दिन पहले नीलगाय का शिकार किया होगा। नीलगाय के अवशेषों से अब दुर्गंध आने लगी थी। डीएफओ डीके चतुर्वेदी का कहना है कि अब क्षेत्र में चीता या तेंदुआ नहीं है पर ग्रामीणों के डर को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है। टीम को डोंडी भी भेजा जाएगा।
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असमोली थाना इलाके के बुकनालासादात गांव में पंद्रह दिन से तेंदुआ के अंदेशे में लोग डरे हुए हैं। बुधवार को डोंडी गांव के कई लोगों ने मढन गांव से लौटते समय चीता देखने का दावा किया था। तभी बुकनाला सादात के कई किसानों को गांव के समीप ही एक खेत में नीलगाय के अवशेष मिले थे। वहीं बेला गांव के जंगल में खेतों में काम कर रहे किसानों ने गुरुवार को देर शाम जानवर को दक्षिण दिशा में असमोली मिल की तरफ जाते हुए एक चीता देखने का दावा किया था। शनिवार की सुबह डोंडी गांव में जंगली जानवर द्वारा नीलगाय का शिकार जाने की बात सामने आई है। जानवर के अवशेष मिलने के बाद से ग्रामीणों में डर है। किसान बुद्धा सिंह ने बताया कि ऐसा लगता है कि किसी जंगली जानवर ने दो दिन पहले नीलगाय का शिकार किया होगा। नीलगाय के अवशेषों से अब दुर्गंध आने लगी थी। डीएफओ डीके चतुर्वेदी का कहना है कि अब क्षेत्र में चीता या तेंदुआ नहीं है पर ग्रामीणों के डर को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है। टीम को डोंडी भी भेजा जाएगा।
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