ईसाइयों को क्यों नहीं मारते नक्सली, RSS ने पूछा
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अपने विवादित बयानों और अलग रवैये के कारण अक्सर भाजपा और केन्द्र सरकार की मुश्किलें बढ़ाता रहा आरएसएस एक बार फिर उसके लिए सरदर्द साबित हो सकता है।
आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने अब नक्सलियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ईसाई समूह और उनके संस्थानों पर नक्सली हमले क्यों नहीं करते हैं।
कहा- क्यों छत्तीसगढ़ में कभी चर्चों को नक्सलियों की ओर से निशाना नहीं बनाया जाता, जबकि वह अन्य संस्थानों और लोगों पर हमेशा हमले करते रहे हैं।
इंद्रेश कुमार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को फोरम ऑफ अवेयरनेस ऑन नेशनल सिक्योरिटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
कहा- क्या नक्सलियों की मदद करते हैं चर्च
इंद्रेश ने सवाल उठाया कि नक्सली कभी चर्चों पर हमले नहीं करते क्योंकि वो उनकी सेवा करते हैं, या कुछ और कारण है? हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह चर्चों की नीयत पर सवाल नहीं उठा रहे।
कहा- मेरी चर्चों की आलोचना करने की कोई भावना नहीं है, मैं जानता हूं वे लोग भारत के प्रति पूरी तरह आस्थावान हैं और उनके लोग राष्ट्र के सेवा में जुटे रहते हैं। लेकिन मैं चाहता हूं कि नक्सलवाद के उन्मूलन में चर्च सक्रिय भूमिका निभाएं।
कई राज्यों के नक्सलवाद की समस्या से जूझने के मुद्दे पर आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आरएसएस चाहता है कि नक्सलियों को राजनीति की मुख्यधारा में लाया जाए।
हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों नक्सली
नक्सलियों को भी खुद सोचना चाहिए कि तीन दशक से चल रहे सशस्त्र संघर्ष से उन्होंने क्या हासिल किया। उनकी विचारधारा से उन्हें क्या हासिल हुआ। इसलिए उन्हें हम मुख्यधारा में लौटने के बारे में सोचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम माआवोदियों को दुश्मन नहीं मानते। अब उन्हें हथियार छोड़कर छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण में सहयोग करना चाहिए।
अब वक्त आ गया है कि नक्सलियों को फैसला करना चाहिए कि उनके आंदोलन से क्षेत्र के लोगों को क्या शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से महरूम नहीं होना पड़ रहा है।