फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Villagers demonstrated by setting up chaupal for not opening liquor shop in Balod

ये कैसी जल्दबाजी: समय पर नहीं बन सका शराब का ठेका, देरी पर ग्रामीण हुए आक्रोशित; अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी

Thu, 17 Aug 2023 06:28 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Published by: श्याम जी. Updated Thu, 17 Aug 2023 06:28 PM IST
सार

बालोद जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां पर शराब दुकान खोलने में लेट लतीफी होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने चौपाल लगाई और अधिकारियों की क्लास लगा दी। गांव में घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
 

विज्ञापन
Villagers demonstrated by setting up chaupal for not opening liquor shop in Balod
ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करहीभदर गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार को गांव में शराब की दुकान खुलने में लेट-लतीफी होने पर चौपाल लगाकर हंगामा किया। इस दौरान तहसीलदार, थाना प्रभारी और आबकारी आधिकारी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने अधिकारियों की जमकर फटकार लगा दी। ग्रामीणों के सामने अधिकारी बेबस नजर आए। इसके बाद एसडीएम और पुलिस विभाग के एसडीओपी ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।

विज्ञापन


सरपंच लीला राम डडसेना ने बताया कि ग्राम करहीभदर के ग्रामीणों ने शराब दुकान खोले जाने की मांग की थी। उन्होंने इस बात का हवाला दिया था कि गांव में जगह-जगह अवैध शराब बिकती है, जिसके बाद यहां प्रदेश के आबकारी आयुक्त ने दुकान खोलने के लिए 11 अगस्त को आदेश जारी किया। दुकान के लिए जमीन चयनित की गई और निर्माण कार्य के लिए भूमिपूजन भी किया गया। इसके बाद शराब दुकान खोलने के प्रक्रिया को रोक दिया गया। अधिकारी कुछ कहते हैं और नेता कुछ और कहते हैं। इसीलिए ग्रमीणों ने हंगामा किया है। अधिकारियो से बैठक के बाद ग्रामीण शांत हुए हैं।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, करहीभदर गांव के सैंकड़ों ग्रामीण शराब दुकान मामले को लेकर कलेक्ट्रेट जाने वाले थे, लेकिन एसडीएम ने खुद गांव आने की बात कही तो ग्रामीण गांव में ही रुक गए। तहसीलदार आधकारी, उप निरीक्षक और थाना प्रभारी से बात नहीं बनी थी, जिसके बाद आबकारी के जिला अधिकारी आए वो भी जवाब नहीं दे पा रहे थे। एसडीएम और एसडीओपी ने पूरा मामला संभाला। पहले आबकारी विभाग ने शराब खोलने का आदेश दिया, फिर अचानक स्टे लगा दिया जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी विभाग वाले पहले पकड़ते हैं, फिर शराब कोचियों से महिना वसूलते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed