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शराब प्रेमियों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में मदिरा पर वैट समाप्त, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया आदेश
Thu, 01 Jan 2026 02:59 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 01 Jan 2026 02:59 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने मदिरा पर लगने वाले वैट को पूरी तरह खत्म करने का महत्वपूर्ण फैसला किया है। अब तक मदिरा पर 8.50 प्रतिशत वैट वसूला जाता था, लेकिन वाणिज्यिक कर विभाग ने अधिसूचना जारी कर इसे समाप्त कर दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने मदिरा पर लगने वाले वैट को पूरी तरह खत्म करने का महत्वपूर्ण फैसला किया है। अब तक मदिरा पर 8.50 प्रतिशत वैट वसूला जाता था, लेकिन वाणिज्यिक कर विभाग ने अधिसूचना जारी कर इसे समाप्त कर दिया है। नया प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में शराब की बिक्री पूरी तरह सरकारी प्रणाली के तहत होती है, जिसे छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड संचालित करता है। अब तक स्थिति यह थी कि सरकार द्वारा गठित संस्था को ही राज्य बेवरेज कॉर्पोरेशन के जरिये वैट जमा करना पड़ता था। विभाग का मानना है कि यह कर संरचना व्यावहारिक नहीं थी, इसलिए इसे समाप्त किया गया है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि वैट हटने के बावजूद शराब की कीमतों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। एक्साइज टैक्स यथावत रहेगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दे चुकी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले विदेशी मदिरा पर लगाए गए 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को भी हटाया जा चुका है। सरकार का दावा है कि नए निर्णय से कर व्यवस्था सरल होगी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी सुव्यवस्थित होंगी।
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अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में शराब की बिक्री पूरी तरह सरकारी प्रणाली के तहत होती है, जिसे छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड संचालित करता है। अब तक स्थिति यह थी कि सरकार द्वारा गठित संस्था को ही राज्य बेवरेज कॉर्पोरेशन के जरिये वैट जमा करना पड़ता था। विभाग का मानना है कि यह कर संरचना व्यावहारिक नहीं थी, इसलिए इसे समाप्त किया गया है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि वैट हटने के बावजूद शराब की कीमतों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। एक्साइज टैक्स यथावत रहेगा।
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इसके साथ ही राज्य सरकार नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दे चुकी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले विदेशी मदिरा पर लगाए गए 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को भी हटाया जा चुका है। सरकार का दावा है कि नए निर्णय से कर व्यवस्था सरल होगी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी सुव्यवस्थित होंगी।
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